[1] एक दिन लिआ के बेटी, दीना जेह याकूब ले जनमे रिहिस, ओ देस के छोकरीमन संग भेंट करे बर निकलिस।
[2] जब ओ इलाका के हाकिम, हिब्बी हमोर के बेटा सकेम ह ओला देखिस, त ओह ओला ले जाके ओकर संग कुकरम करिस।
[3] ओकर दिल ह याकूब के बेटी दीना म लग गीस; ओह ओ जवान छोकरी ले मया करिस अऊ ओकर ले गुरतूर बात करिस।
[4] अऊ सकेम ह अपन ददा हमोर ला कहिस, “ये छोकरी ला मोर घरवाली के रूप म लान दे।”
[5] जब याकूब ह सुनिस कि ओकर बेटी दीना ह असुध हो गे हे; त ओ समय ओकर बेटामन ओकर पसुमन संग मैदान म रिहिन; एकरसेति ओह ओमन के घर आवत तक, एकर बारे म कुछू नइं करिस।
[6] तब सकेम के ददा हमोर ह निकलके याकूब करा बातचीत करे बर आईस।
[7] इही बीच म, जइसने ही याकूब के बेटामन ये बात ला सुनिन, त ओमन मैदान ले घर आ गीन। ओमन ला ये बात ला सुनके धक्का लगिस अऊ ओमन बहुंत गुस्सा हो गीन, काबरकि सकेम ह याकूब के बेटी संग कुकरम करके इसरायल के घराना ले गंवारी के काम करे रिहिस—एक अइसने काम, जेला नइं करना रिहिस।
[8] पर हमोर ह ओमन ला कहिस, “मोर बेटा सकेम ह तोर बेटी ऊपर दिल लगा बईठे हे। किरपा करके अपन बेटी ला मोर बेटा के घरवाली के रूप म देय दे।
[9] हमर संग सादी-बिहाव करव; अपन बेटीमन ला हमन ला दव अऊ हमर बेटीमन ला अपन बर लव।
[10] तुमन हमर बीच म रह सकत हव; ये देस ह तुम्हर बर खुला हवय। इहां रहव; काम-धंधा करव, अऊ अपन बर इहां संपत्ति बनावव।”
[11] तब सकेम ह दीना के ददा अऊ भाईमन ला कहिस, “मोर ऊपर तुमन दया करव, अऊ जऊन कुछू भी तुमन बोलहू, मेंह दूहूं।
[12] दुलहिन के जो भी दाम बोलहू, मेंह दूहूं अऊ जतेक बड़े भेंट तुमन पसंद करव, मेंह लानहूं, अऊ जऊन कुछू घलो कहव, मेंह दूहूं। पर ओ जवान छोकरी ला मोर घरवाली होय बर मोला दव।”
[13] काबरकि ओमन के बहिनी दीना ह असुध हो गे रिहिस, याकूब के बेटामन सकेम अऊ ओकर ददा हमोर ला छल करके जबाब दीन।
[14] ओमन कहिन, “हमन अइसन काम नइं कर सकन; हमन अइसने मनखे ला हमर बहिनी नइं दे सकन, जेकर खतना नइं होय हवय। येह हमर ऊपर एक कलंक होही।
[15] हमन तुम्हर संग सिरिप एक सर्त म सहमत होबो अऊ ओ ये अय कि तुम्हर जम्मो पुरूसमन खतना करवाके हमर सहीं हो जावंय।
[16] तब हमन अपन बेटीमन ला तुमन ला बिहाव म देबो अऊ तुम्हर बेटीमन ला अपन बर बिहाव म लेबो। हमन तुम्हर बीच म रहिबो अऊ तुम्हर संग एक जात के मनखे हो जाबो।
[17] पर यदि तुमन अपन खतना करवाय बर राजी नइं होहू, त हमन अपन बहिनी ला लेके इहां ले चले जाबो।”
[18] ओमन के ये बात हमोर अऊ ओकर बेटा सकेम ला बने लगिस।
[19] सकेम ह अपन ददा के जम्मो घराना म सबले जादा नामी रिहिस, अऊ ओमन के कहे काम ला करे बर ओह देरी नइं करिस, काबरकि ओह याकूब के बेटी ला अब्बड़ चाहत रिहिस।
[20] एकरसेति हमोर अऊ ओकर बेटा सकेम अपन सहर के कपाट करा जाके सहर के मनखेमन ला अइसने समझाय लगिन,
[21] “ओ मनखेमन हमर संग संगवारी के रूप म रहे चाहथें; ओमन ला हमर देस म रहिके लेन-देन करन देवन; ये देस म ओमन बर बहुंत जगह हवय। हमन ओमन के बेटीमन ले बिहाव कर सकत हन अऊ ओमन हमर बेटीमन ले बिहाव कर सकथें।
[22] पर ओमन सिरिप एक सर्त म हमर संग एक मनखे के रूप म रहे बर तियार हवंय, अऊ ओ ये अय कि ओमन के सहीं हमर जम्मो आदमीमन के खतना होवय।
[23] का ओमन के भेड़-बकरी, गाय-बईला, ओमन के धन-संपत्ति अऊ ओमन के जम्मो आने पसुमन हमर नइं हो जाहीं? एकरसेति आवव, हमन ओमन के बात ला मान लेवन, त ओमन हमर संग रहिहीं।”
[24] ओ जम्मो मनखे, जऊन मन सहर के कपाट ले बाहिर निकले रिहिन, ओमन हमोर अऊ ओकर बेटा सकेम के बात ला मान लीन, अऊ सहर म हर आदमी के खतना करे गीस।
[25] तीन दिन के बाद, जब ओ जम्मो झन पीरा म रिहिन, तब सिमोन अऊ लेवी, याकूब के दू झन बेटा, जेमन दीना के भाई रिहिन, अपन-अपन तलवार लेके सहर के मनखेमन के बिगर जानत हमला कर दीन अऊ जम्मो आदमीमन ला मार डारिन।
[26] ओमन हमोर अऊ ओकर बेटा सकेम ला तलवार ले मार डारिन अऊ दीना ला सकेम के घर ले, ले गीन।
[27] याकूब के बेटामन लासमन के ऊपर होवत आईन अऊ ओ सहर ला लूट लीन, जिहां ओमन के बहिनी ला असुध करे गे रिहिस।
[28] ओमन भेड़-बकरी अऊ गाय-बईला अऊ गदहा अऊ सहर अऊ मैदान के ओमन के जम्मो चीज ला लूट लीन।
[29] ओमन उहां के जम्मो संपत्ति अऊ जम्मो माईलोगन अऊ लइकामन ला ले गीन, अऊ उहां के हर घर के सामान ला घलो लूटके ले गीन।
[30] तब याकूब ह सिमोन अऊ लेवी ला कहिस, “तुमन ये देस के निवासी कनानी अऊ परिज्जीमन के मन म मोर बर घिन पईदा करे हव, अऊ मोला तुमन संकट म डार दे हव। हमन गनती म थोरकन मनखे हन, अऊ यदि ओमन एक संग आहीं अऊ मोर ऊपर चढ़ई कर दीहीं, त में अऊ मोर घराना नास हो जाही।”
[31] पर ओमन कहिन, “का ओला हमर बहिनी संग एक बेस्या के सहीं बरताव करना सही रिहिस?”