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[1] तब सात औरतें एक ही मर्द से लिपट कर कहेंगी, “हम से शादी करें! बेशक हम ख़ुद ही रोज़मर्रा की ज़रूरियात पूरी करेंगी, ख़्वाह खाना हो या कपड़ा। लेकिन हम आप के नाम से कहलाएँ ताकि हमारी शर्मिन्दगी दूर हो जाए।”

[2] उस दिन जो कुछ रब फूटने देगा वह शानदार और जलाली होगा, मुल्क की पैदावार बचे हुए इस्राईलियों के लिए फ़ख़र और आब-ओ-ताब का बाइस होगी।

[3] तब जो भी सिय्यून में बाक़ी रह गए होंगे वह मुक़द्दस कहलाएँगे। यरूशलम के जिन बाशिन्दों के नाम ज़िन्दों की फ़हरिस्त में दर्ज किए गए हैं वह बच कर मुक़द्दस कहलाएँगे।

[4] रब सिय्यून की फ़ुज़्ला से लतपत बेटियों को धो कर पाक-साफ़ करेगा, वह अदालत और तबाही की रूह से यरूशलम की ख़ूँरेज़ी के धब्बे दूर कर देगा।

[5] फिर रब होने देगा कि दिन को बादल सिय्यून के पूरे पहाड़ और उस पर जमा होने वालों पर साया डाले जबकि रात को धुआँ और दहकती आग की चमक-दमक उस पर छाई रहे। यूँ उस पूरे शानदार इलाक़े पर सायबान होगा

[6] जो उसे झुलसती धूप से मह्फ़ूज़ रखेगा और तूफ़ान और बारिश से पनाह देगा।

यसायाह — Chapters