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[1] उस दिन तुम गीत गाओगे, “ऐ रब, मैं तेरी सताइश करूँगा! यक़ीनन तू मुझ से नाराज़ था, लेकिन अब तेरा ग़ज़ब मुझ पर से दूर हो जाए और तू मुझे तसल्ली दे।
[2] अल्लाह मेरी नजात है। उस पर भरोसा रख कर मैं दह्शत नहीं खाऊँगा। क्यूँकि रब ख़ुदा मेरी क़ुव्वत और मेरा गीत है, वह मेरी नजात बन गया है।”
[3] तुम शादमानी से नजात के चश्मों से पानी भरोगे।
[4] उस दिन तुम कहोगे, “रब की सताइश करो! उस का नाम ले कर उसे पुकारो! जो कुछ उस ने किया है दुनिया को बताओ, उस के नाम की अज़मत का एलान करो।
[5] रब की तम्जीद का गीत गाओ, क्यूँकि उस ने ज़बरदस्त काम किया है, और इस का इल्म पूरी दुनिया तक पहुँचे।
[6] ऐ यरूशलम की रहने वाली, शादियाना बजा कर ख़ुशी के नारे लगा! क्यूँकि इस्राईल का क़ुद्दूस अज़ीम है, और वह तेरे दरमियान ही सुकूनत करता है।”
यसायाह — Chapters
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