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[1] अगर लोग अपना एक दूसरे के साथ झगड़ा ख़ुद निपटा न सकें तो वह अपना मुआमला अदालत में पेश करें। क़ाज़ी फ़ैसला करे कि कौन बेक़ुसूर है और कौन मुजरिम।

[2] अगर मुजरिम को कोड़े लगाने की सज़ा देनी है तो उसे क़ाज़ी के सामने ही मुँह के बल ज़मीन पर लिटाना। फिर उसे इतने कोड़े लगाए जाएँ जितनों के वह लाइक़ है।

[3] लेकिन उस को ज़्यादा से ज़्यादा 40 कोड़े लगाने हैं, वर्ना तेरे इस्राईली भाई की सर-ए-आम बेइज़्ज़ती हो जाएगी।

[4] जब तू फ़सल गाहने के लिए उस पर बैल चलने देता है तो उस का मुँह बांध कर न रखना।

[5] अगर कोई शादीशुदा मर्द बेऔलाद मर जाए और उस का सगा भाई साथ रहे तो उस का फ़र्ज़ है कि बेवा से शादी करे। बेवा शौहर के ख़ानदान से हट कर किसी और से शादी न करे बल्कि सिर्फ़ अपने देवर से।

[6] पहला बेटा जो इस रिश्ते से पैदा होगा पहले शौहर के बेटे की हैसियत रखेगा। यूँ उस का नाम क़ाइम रहेगा।

[7] लेकिन अगर देवर भाबी से शादी करना न चाहे तो भाबी शहर के दरवाज़े पर जमा होने वाले बुज़ुर्गों के पास जाए और उन से कहे, “मेरा देवर मुझ से शादी करने से इन्कार करता है। वह अपना फ़र्ज़ अदा करने को तय्यार नहीं कि अपने भाई का नाम क़ाइम रखे।”

[8] फिर शहर के बुज़ुर्ग देवर को बुला कर उसे समझाएँ। अगर वह इस के बावुजूद भी उस से शादी करने से इन्कार करे

[9] तो उस की भाबी बुज़ुर्गों की मौजूदगी में उस के पास जा कर उस की एक चप्पल उतार ले। फिर वह उस के मुँह पर थूक कर कहे, “उस आदमी से ऐसा सुलूक किया जाता है जो अपने भाई की नस्ल क़ाइम रखने को तय्यार नहीं।”

[10] आइन्दा इस्राईल में देवर की नस्ल “नंगे पाँओ वाले की नस्ल” कहलाएगी।

[11] अगर दो आदमी लड़ रहे हों और एक की बीवी अपने शौहर को बचाने की ख़ातिर मुख़ालिफ़ के अज़ु-ए-तनासुल को पकड़ ले

[12] तो लाज़िम है कि तू औरत का हाथ काट डाले। उस पर रहम न करना।

[13] तोलते वक़्त अपने थैले में सहीह वज़न के बाट रख, और धोका देने के लिए हल्के बाट साथ न रखना।

[14] इसी तरह अपने घर में अनाज की पैमाइश करने का सहीह बर्तन रख, और धोका देने के लिए छोटा बर्तन साथ न रखना।

[15] सहीह वज़न के बाट और पैमाइश करने के सहीह बर्तन इस्तेमाल करना ताकि तू देर तक उस मुल्क में जीता रहे जो रब तेरा ख़ुदा तुझे देगा।

[16] क्यूँकि उसे हर धोकेबाज़ से घिन है।

[17] याद रहे कि अमालीक़ियों ने तुझ से क्या कुछ किया जब तुम मिस्र से निकल कर सफ़र कर रहे थे।

[18] जब तू थकाहारा था तो वह तुझ पर हम्ला करके पीछे पीछे चलने वाले तमाम कमज़ोरों को जान से मारते रहे। वह अल्लाह का ख़ौफ़ नहीं मानते थे।

[19] चुनाँचे जब रब तेरा ख़ुदा तुझे इर्दगिर्द के तमाम दुश्मनों से सुकून देगा और तू उस मुल्क में आबाद होगा जो वह तुझे मीरास में दे रहा है ताकि तू उस पर क़ब्ज़ा करे तो अमालीक़ियों को यूँ हलाक कर कि दुनिया में उन का नाम-ओ-निशान न रहे। यह बात मत भूलना।

इस्तिस्ना — Chapters