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[1] हर एक काम बर एक तय समय हवय, अऊ धरती म हर काम करे के एक समय होथे:

[2] जनम लेय के एक समय अऊ मरे के एक समय, बीजा या पऊधा लगाय के एक समय अऊ लगाय ला उखाने के एक समय,

[3] मार डारे के एक समय अऊ चंगा करे के एक समय, टोर-फोरके गिराय के एक समय अऊ बनाय के एक समय;

[4] रोए के एक समय अऊ हंसे के एक समय, सोक मनाय के एक समय अऊ नाचे के एक समय,

[5] पथरामन ला बगराय के एक समय अऊ ओमन ला संकेले के एक समय, कोनो ला पोटारे के एक समय अऊ नइं पोटारे के एक समय,

[6] खोजे के एक समय अऊ छोंड़ देय के एक समय, बचाके रखे के एक समय अऊ फटिक देय के एक समय,

[7] चीरे के एक समय अऊ सीले के एक समय, चुप रहे के एक समय अऊ गोठियाय के एक समय,

[8] मया करे के एक समय अऊ नफरत करे के एक समय, लड़ई करे के एक समय अऊ सांति के एक समय।

[9] काम करइया ला ओकर मेहनत करे ले का मिलथे?

[10] मेंह ओ बोझा ला देखे हंव, जेला परमेसर ह मानव-जाति ऊपर रखे हवय।

[11] ओह हर एक चीज ला ओकर समय म सुघर बनाय हवय। ओह मनखे के मन म अनंतकाल ला घलो बसाय हवय; तभो ले परमेसर ह सुरू ले लेके आखिरी तक जऊन काम करे हवय, ओला कोनो मनखे समझ नइं सकय।

[12] मेंह जानत हंव कि मनखे बर येकर ले बने बात अऊ कुछू नइं हो सकय कि ओह जिनगी म खुस रहय अऊ भलई के काम करय।

[13] ये घलो कि हर एक जन खावय-पीयय, अऊ अपन मेहनत के कमई म ओला संतोस मिलय—येह परमेसर के बरदान अय।

[14] मेंह जानत हंव कि हर ओ काम जेला परमेसर करथे, हमेसा बर बने रहिही, येमा कुछू घलो जोड़े नइं जा सकय अऊ न ही येमा ले कुछू हटाय जा सकय। परमेसर ह अइसे करथे ताकि मनखेमन ओकर भय मानंय।

[15] जऊन कुछू हवय, ओह पहिली ले हवय, अऊ जऊन कुछू होही, ओह पहिले हो चुके हवय; अऊ परमेसर ह बीते बातमन के लेखा लीही।

[16] अऊ मेंह धरती म अऊ कुछू घलो देखेंव: फैसला करई के जगह म—दुस्टता रिहिस, अऊ नियाय के जगह म घलो—दुस्टता रिहिस।

[17] मेंह अपनआप ले कहेंव, “परमेसर ह धरमी अऊ दुस्ट दूनों के नियाय करही, काबरकि हर एक काम के एक समय होही, हर काम के नियाय करे के एक समय होही।”

[18] मेंह अपनआप ला ये घलो कहेंव, “जहां तक मनखेमन के बात ए, परमेसर ह ओमन ला परखथे ताकि ओमन देखंय कि ओमन पसुमन सहीं अंय।

[19] खचित मानव-जाति के तकदीर ह पसुमन सहीं अय; ओहीच तकदीर ह दूनों के इंतजार करथे: जइसे एक झन ह मरथे, त वइसे ही दूसर झन घलो मरथे। जम्मो करा ओहीच सांस हवय; मनखे ला पसुमन के तुलना म कोनो फायदा नइं ए। हर चीज ह बेकार ए।

[20] जम्मो के जम्मो ओहीच जगह म जाथें; जम्मो के जम्मो धुर्रा ले आथें, अऊ ओ जम्मो धुर्रा म लहुंट जाथें।

[21] कोन जानथे कि मनखे के परान ह ऊपर जाथे अऊ पसु के परान ह धरती के खाल्हे म जाथे?”

[22] मेंह देखेंव कि मनखे बर येकर ले बने बात कुछू नो हय कि ओह अपन काम म आनंद उठाय, काबरकि ओह ओकर भाग ए। काबरकि कोन ह ओला ये देखे बर ला सकथे कि ओकर मरे के बाद का होही?

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