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[1] फिर स्वर्ग पर (या आसमान) एक बड़ा निशान दिखायी दिया - एक महिला सूरज को ओढ़े हुए थी, चाँद उसके पैरों के नीचे और सिर पर बारह तारों का ताज था।

[2] वह गर्भवती थी, और बच्चे को जन्म देने से पहले जच्चा की पीड़ा के कारण से चिल्ला रही थी।

[3] एक और चिन्ह स्वर्ग में दिखाई दियाः देखो, लाल रंग का एक बड़ा सा अजगर था। उसके सात सिर, दस सींग थे और सभी सिरों पर एक-एक ताज था।

[4] उसने अपनी पूँछ से आकाश के तारों का एक तिहाई भाग खींचकर पृथ्वी पर फेंक दिया। वह अजगर उस महिला के सामने खड़ा हो गया जो बच्चे को जन्म देने वाली थी। वह बच्चे को उसके जन्म होते ही खा लेना चाहता था।

[5] महिला ने एक बेटे को जन्म दिया जो लोहे के राजदण्ड से सभी देशों पर शासन करने वाला था। उस महिला का बच्चा अचानक ही परमेश्‍वर और उनके सिंहासन के पास उठाकर पहुँचा दिया गया।

[6] लेकिन वह महिला भागकर उस जंगल में चली गयी, जहाँ परमेश्‍वर की तरफ़ से उसके लिए जगह तैयार की गयी थी, ताकि वहाँ एक हज़ार दो सौ साठ दिनों तक पाली जाए।

[7] फिर स्वर्ग में एक युद्ध हुआ। मीकाईल और उसके स्वर्गदूत अजगर से लड़ने के लिए निकले और अजगर तथा उसके दूतों के साथ उनका घमासान युद्ध छिड़ गया।

[8] अजगर और उसके दूतों को मुँह की खानी पड़ी और वहाँ उनके लिए कोई जगह न रही।

[9] तब वह बड़ा अजगर नीचे गिरा दिया गया - वही पुराना साँप जो इबलीस और शैतान कहलाता है और सारी दुनिया को बहकाता है। वह पृथ्वी पर अपने दूतों समेत गिरा दिया गया।

[10] तब मैंने स्वर्ग में बुलन्द आवाज़ में किसी को यह कहते सुना, "अब हमारे परमेश्‍वर की मुक्‍ति, शक्‍ति, शासन और उनके मसीह का अधिकार दिखायी दिया है, क्योंकि विश्‍वासियों पर दोष लगाने वाला, जो हमारे परमेश्‍वर के सामने रात-दिन उनको दोषी ठहराता था, नीचे गिरा दिया गया है।

[11] लेकिन उन्हों ने मेम्ने के खून और अपनी गवाही के वचन की वजह से उस पर जीत पायी है, क्योंकि मरते दम तक उन्हों ने अपनी जान की परवाह नहीं की।

[12] इसलिए हे स्वर्ग और उस में रहने वालो, खुश हो। पृथ्वी और समुद्र पर हाय! क्योंकि शैतान बहुत गुस्से से तुम्हारे पास उतर आया है, क्योंकि वह जानता है कि उस का समय थोड़ा ही है।

[13] जब अजगर ने देखा कि मैं पृथ्वी पर फेंक दिया गया हूँ, तो वह उस महिला को जिस ने बेटे को जन्म दिया था, सताने लगा।

[14] लेकिन उस महिला को बड़े उकाब के दो पंख दिए गए, कि वह अजगर के सामने से जंगल में अपनी जगह पहुँच जाए, जहाँ वह 1260 दिनों तक पाली जाए।

[15] फिर अजगर ने महिला के सामने अपने मुँह से नदियों का सा पानी बहाया ताकि वह महिला को पानी के बहाव में बहा ले जाए,

[16] लेकिन धरती ने उस महिला की मदद की। ज़मीन ने अपना मुँह खोलकर उस नदी को निगल लिया, जो अजगर के मुँह से निकली थी।

[17] अजगर को महिला पर गुस्सा आया और उसकी बची हुयी सन्तान से जो परमेश्‍वर की आज्ञाओं को मानते और यीशु की गवाही देने पर स्थिर हैं, लड़ने को गया। और समुद्र के किनारे की रेत पर अजगर खड़ा रहा।

प्रकाशितवाक्य — Chapters