[1] यह आदम के वंशजों का प्रलेख है. जब परमेश्वर ने मनुष्य की सृष्टि की, तो उन्होंने मनुष्य को अपने ही रूप में बनाया.
[2] परमेश्वर ने मनुष्य को नर तथा नारी कहकर उन्हें आशीष दी और परमेश्वर ने उनका नाम आदम रखा.
[3] जब आदम 130 वर्ष के हुए, तब एक पुत्र पैदा हुआ, जिनका रूप स्वयं उन्हीं के समान था; उनका शेत नाम रखा गया.
[4] शेत के जन्म के बाद आदम 800 वर्ष के हुए, उनके और पुत्र-पुत्रियां भी उत्पन्न हुए.
[5] इस प्रकार आदम 930 वर्ष के हुए, फिर उनकी मृत्यु हो गई.
[6] जब शेत 105 वर्ष के थे, तब एनोश का जन्म हुआ.
[7] एनोश के बाद उनके और पुत्र-पुत्रियां भी उत्पन्न हुए तथा शेत 807 वर्ष और जीवित रहे.
[8] जब शेत 912 वर्ष के हुए, तब उनकी मृत्यु हो गई.
[9] जब एनोश 90 वर्ष के हुए, तब केनान का जन्म हुआ.
[10] केनान के जन्म के बाद एनोश 815 वर्ष और जीवित रहे तथा उनके और पुत्र-पुत्रियां भी उत्पन्न हुए.
[11] जब एनोश 905 वर्ष के थे, तब उनकी मृत्यु हो गई.
[12] जब केनान 70 वर्ष के हुए, तब माहालालेल का जन्म हुआ.
[13] माहालालेल के जन्म के बाद, केनान 840 वर्ष और जीवित रहे तथा उनके और पुत्र-पुत्रियां भी उत्पन्न हुए.
[14] इस प्रकार केनान 910 वर्ष के हुए, और उनकी मृत्यु हो गई.
[15] जब माहालालेल 65 वर्ष के हुए, तब यारेद का जन्म हुआ.
[16] यारेद के जन्म के बाद, माहालालेल 830 वर्ष और जीवित रहे तथा उनके और पुत्र-पुत्रियां भी उत्पन्न हुए.
[17] जब माहालालेल 895 वर्ष के थे, तब उनकी मृत्यु हो गई.
[18] जब यारेद 162 वर्ष के हुए, तब हनोख का जन्म हुआ.
[19] हनोख के जन्म के बाद, यारेद 800 वर्ष और जीवित रहे तथा उनके और पुत्र-पुत्रियां भी उत्पन्न हुईं.
[20] जब यारेद 962 वर्ष के थे, तब उनकी मृत्यु हो गई.
[21] जब हनोख 65 वर्ष के हुए, तब मेथुसेलाह का जन्म हुआ.
[22] मेथुसेलाह के जन्म के बाद, हनोख 300 वर्ष तक परमेश्वर के साथ-साथ चलते रहे. उसके अन्य पुत्र-पुत्रियां भी उत्पन्न हुए.
[23] हनोख की आयु 365 वर्ष की हुई.
[24] हनोख परमेश्वर के साथ-साथ चलते रहे और परमेश्वर ने उन्हें अपने पास उठा लिया.
[25] जब मेथुसेलाह 187 वर्ष के हुए, तब लामेख का जन्म हुआ.
[26] लामेख के जन्म के बाद, मेथुसेलाह 782 वर्ष और जीवित रहे तथा उनके और पुत्र-पुत्रियां भी उत्पन्न हुए.
[27] जब मेथुसेलाह 969 वर्ष के हुए, तब उनकी मृत्यु हो गई.
[28] जब लामेख 182 वर्ष के हुए, तब एक पुत्र का जन्म हुआ,
[29] जिनका नाम उन्होंने नोहा यह कहकर रखा, “यह बालक हमें हमारे कामों से तथा मेहनत से, और इस शापित भूमि से शांति देगा.”
[30] नोहा के जन्म के बाद लामेख 595 वर्ष और जीवित रहे, तथा उनके और पुत्र-पुत्रियां उत्पन्न हुए.
[31] जब लामेख 777 वर्ष के हुए, तब उनकी मृत्यु हुई.
[32] नोहा के 500 वर्ष की आयु में शेम, हाम तथा याफेत का जन्म हुआ.