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[1] ख़ुदावन्द मेरा चौपान है, मुझे कमी न होगी।

[2] वह मुझे हरी हरी चरागाहों में बिठाता है; वह मुझे राहत के चश्मों के पास ले जाता है;

[3] वह मेरी जान को बहाल करता है। वह मुझे अपने नाम की ख़ातिर सदाकत की राहों पर ले चलता है।

[4] बल्कि चाहे मौत के साये की वादी में से मेरा गुज़र हो, मैं किसी बला से नहीं डरूंगा, क्यूँकि तू मेरे साथ है; तेरे 'असा और तेरी लाठी से मुझे तसल्ली है।

[5] तू मेरे दुश्मनों के सामने मेरे आगे दस्तरख़्वान बिछाता है; तूने मेरे सिर पर तेल मला है, मेरा प्याला लबरेज़ होता है।

[6] यक़ीनन भलाई और रहमत उम्र भर मेरे साथ साथ रहेंगी:और मैं हमेशा ख़ुदावन्द के घर में सकूनत करूँगा।

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