Skip to content
Opens in a new window
Listen to this chapter • 5:02

[1] मूसा अऊ इसरायल के अगुवामन मनखेमन ला हुकूम दीन: “ये जम्मो हुकूम के पालन करव, जेला आज मेंह तुमन ला देवत हंव।

[2] जब तुमन यरदन नदी ला पार करके ओ देस म हबरव, जेला यहोवा तुम्हर परमेसर ह तुमन ला देवत हे, त कुछू बड़े-बड़े पथरामन ला तियार करव अऊ ओमन ला चूना ले पलस्तर कर दव।

[3] अऊ ओमन म ये कानून के जम्मो बातमन ला लिखव, जब तुमन यरदन नदी पार करके ओ देस म हबरव, जेला यहोवा तुम्हर परमेसर ह तुमन ला देवत हे, जेमा दूध अऊ मंधरस बहुंतायत म हवय, जइसे कि यहोवा, तुम्हर पुरखामन के परमेसर ह तुमन ले वायदा करे रिहिस।

[4] अऊ जब तुमन यरदन नदी ला पार कर लेवव, त ये पथरामन ला एबाल पहाड़ ऊपर खड़े करव, जइसे कि मेंह आज तुमन ला हुकूम दे हंव, अऊ ये पथरामन ला चूना ले पलस्तर कर दव।

[5] उहां तुमन यहोवा अपन परमेसर बर पथरामन ले एक बेदी बनावव। ओ पथरामन ऊपर लोहा के कोनो औजार के उपयोग झन करहू।

[6] यहोवा अपन परमेसर बर खेत के पथरामन ले बेदी ला बनावव अऊ ओमा यहोवा अपन परमेसर बर होम-बलिदान चघावव।

[7] उहां मेल-बलिदान घलो चघावव अऊ ओला खावव अऊ यहोवा अपन परमेसर के आघू म आनंद मनावव।

[8] अऊ जऊन पथरामन ला तुमन खड़े करे हव, ओमा ये कानून के हर एक बचन ला साफ-साफ लिख दव।”

[9] तब मूसा अऊ लेवी पुरोहितमन जम्मो इसरायलीमन ले कहिन, “हे इसरायलीमन सांत रहव अऊ सुनव! तुमन अब यहोवा अपन परमेसर के मनखे बन गे हव।

[10] यहोवा अपन परमेसर के बात ला मानव अऊ जऊन हुकूम अऊ बिधि मेंह आज तुमन ला देवत हंव, ओमन के पालन करव।”

[11] ओहीच दिन मूसा ह मनखेमन ला ये हुकूम दीस:

[12] जब तुमन यरदन नदी ला पार कर लव, तब ये गोत्रमन के मनखे गरीजीम पहाड़ ऊपर ठाढ़ होके मनखेमन ला आसीस दीहीं: सिमोन, लेवी, यहूदा, इस्साकार, यूसुफ अऊ बिनयामीन।

[13] अऊ ये गोत्रमन के मनखे एबाल पहाड़ ऊपर ठाढ़ होके सराप दीहीं: रूबेन, गाद, आसेर, जबूलून, दान अऊ नपताली।

[14] तब लेवीमन इसरायल के जम्मो मनखेमन ला ऊंचहा अवाज म कहिहीं:

[15] “सरापित होवय ओ मनखे, जऊन ह ढालके या गढ़के कोनो मूरती बनाथे या बनवाथे अऊ ओला गुपत जगह म स्थापित करथे, काबरकि यहोवा ह ये काम ले घिन करथे।” तब जम्मो मनखेमन कहंय, “आमीन!”

[16] “सरापित होवय ओ मनखे, जऊन ह अपन दाई या ददा के अपमान करथे।” तब जम्मो मनखेमन कहंय, “आमीन!”

[17] “सरापित होवय ओ मनखे, जऊन ह अपन परोसी के सीमना के पथरा ला हटाथे।” तब जम्मो मनखेमन कहंय, “आमीन!”

[18] “सरापित होवय ओ मनखे, जऊन ह अंधरा ला डहार ले भटका देथे।” तब जम्मो मनखेमन कहंय, “आमीन!”

[19] “सरापित होवय ओ मनखे, जऊन ह परदेसी, अनाथ या बिधवा के नियाय ला बिगाड़थे।” तब जम्मो मनखेमन कहंय, “आमीन!”

[20] “सरापित होवय ओ मनखे, जऊन ह अपन ददा के घरवाली के संग कुकरम करथे; ओह अपन ददा के दसना ला कलंकित करथे।” तब जम्मो मनखेमन कहंय, “आमीन!”

[21] “सरापित होवय ओ मनखे, जऊन ह कोनो पसु के संग कुकरम करथे।” तब जम्मो मनखेमन कहंय, “आमीन!”

[22] “सरापित होवय ओ मनखे, जऊन ह अपन बहिनी या सौतेली बहिनी के संग कुकरम करथे।” तब जम्मो मनखेमन कहंय, “आमीन!”

[23] “सरापित होवय ओ मनखे, जऊन ह अपन सास के संग कुकरम करथे।” तब जम्मो मनखेमन कहंय, “आमीन!”

[24] “सरापित होवय ओ मनखे, जऊन ह छुपके अपन परोसी ला मार डारथे।” तब जम्मो मनखेमन कहंय, “आमीन!”

[25] “सरापित होवय ओ मनखे, जऊन ह कोनो निरदोस मनखे के हतिया करे बर सुपारी लेथे।” तब जम्मो मनखेमन कहंय, “आमीन!”

[26] “सरापित होवय ओ मनखे, जऊन ह ये कानून ला सुनके येमन के पालन नइं करय।” तब जम्मो मनखेमन कहंय, “आमीन!”

ब्यवस्था — Chapters