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[1] यदि कोनो अगमजानी, या कोनो मनखे, जऊन ह सपना के दुवारा अगम के बात कहिथे, यदि अइसने मनखे तुम्हर बीच म आथे अऊ कोनो चिनहां या अद्भूत बात के घोसना करथे,

[2] अऊ यदि ओ चिनहां या अद्भूत काम सही म हो जाथे, अऊ ओ अगमजानी ह कहिथे, “आवव, हमन आने देवतामन के पाछू चलन” (ओ देवता, जेमन ला तुमन नइं जानव) “अऊ ओमन के अराधना करन,”

[3] त तुमन ओ अगमजानी या सपना देखइया के बात ला झन सुनहू; काबरकि यहोवा तुम्हर परमेसर ह ये पता लगाय बर परखत हे कि तुमन ओला अपन पूरा मन अऊ परान ले मया करथव कि नइं।

[4] येह यहोवा तुम्हर परमेसर ए, जेकर पाछू तुमन ला चलना जरूरी ए, अऊ जरूरी ए कि तुमन ओकर आदर करव। ओकर हुकूम के पालन करव अऊ ओकर बात ला मानव; ओकर सेवा करव अऊ ओला कसके थामे रहव।

[5] ओ अगमजानी या सपना देखइया मार डारे जावय, काबरकि ओह तुमन ला ओ यहोवा तुम्हर परमेसर के बिरूध म भड़काय हवय, जऊन ह तुमन ला मिसर देस ले बाहिर निकाल लानिस अऊ तुमन ला गुलामी के देस ले छोंड़ाईस। ओ अगमजानी या सपना देखइया ह तुमन ला ओ रसता ले हटाय के कोसिस करिस, जेमा चले के हुकूम यहोवा तुम्हर परमेसर ह तुमन ला देय हवय। येह जरूरी अय कि तुमन अपन बीच ले बुरई ला हटावव।

[6] यदि तुम्हर खुद के भाई, या तुम्हर बेटा या बेटी, या तुम्हर मयारू घरवाली, या तुम्हर नजदीकी संगवारी गुपत रूप म ये कहिके तुमन ला बहकाथे, “चलव, हमन आने देवतामन के अराधना करन” (ओ देवता जेला न तो तुमन जानथव अऊ न ही तुम्हर पुरखामन कभू जानिन,

[7] तुम्हर चारों कोति के मनखेमन के देवता, चाहे लकठा के होवंय या दूरिहा के, या ओमन देस के एक छोर ले लेके दूसर छोर म होवंय),

[8] ओमन के बात झन मानव या ओमन के बात ला झन सुनव। ओमन ऊपर दया झन देखावव। ओमन ला झन छोंड़व या ओमन के बचाव झन करव।

[9] जरूरी अय कि तुमन ओमन ला मार डारव। ओमन ला मारे म तुम्हर हांथ पहिले उठे, अऊ तब आने जम्मो मनखेमन के।

[10] पथरवाह करके ओमन ला मार डारव, काबरकि ओमन तुमन ला ओ यहोवा तुम्हर परमेसर ले अलग करे के कोसिस करे हवंय, जऊन ह तुमन ला मिसर देस ले, ओ गुलामी के देस ले बाहिर निकाल लानिस।

[11] तब जम्मो इसरायली ये बात ला सुनके डरहीं, अऊ तुम्हर बीच म फेर कोनो मनखे अइसने दुस्ट काम नइं करही।

[12] जऊन नगरमन ला यहोवा तुम्हर परमेसर ह तुमन ला रहे बर दे हवय, यदि ओमा के कोनो नगर के बारे म ये सुनव

[13] कि दुस्ट मनखेमन तुम्हर बीच म ले निकलके ओ नगर के मनखेमन ला ये कहिके भटका दे हवंय, “चलव, हमन आने देवतामन के अराधना करन” (ओ देवता, जेमन ला तुमन नइं जानव),

[14] तब जरूरी अय कि तुमन पुछताछ करव, जांचव अऊ ओकर पूरा खोजबीन करव। अऊ यदि ये बात सच निकले अऊ येह साबित हो जावय कि ये घिनौना काम तुम्हर बीच म करे गे हवय,

[15] त खचित तुमन ओ नगर म रहइया जम्मो झन ला तलवार ले मार डारव। तुमन ओला पूरा नास कर दव, उहां के मनखे अऊ पसु दूनों ला नास कर दव।

[16] तुमन ओ नगर के जम्मो लूटे गय सामान ला सार्वजनिक चऊक म इकट्ठा करव अऊ ओ नगर अऊ ओकर लूटे गय जम्मो सामान ला यहोवा तुम्हर परमेसर बर एक पूरा होम-बलिदान के रूप म जला दव। ओ नगर ह हमेसा बर खंडहर बने रहय अऊ ओला फेर कभू झन बनाय जावय,

[17] अऊ कोनो भी दंडित चीज तुम्हर हांथ म झन रहय। तब यहोवा ह अपन भयंकर कोरोध ला छोंड़के तुम्हर ऊपर दया देखाही, अऊ तुम्हर ऊपर किरपा करही। ओह तुम्हर संखिया ला बढ़ाही, जइसे कि ओह तुम्हर पुरखामन ले सपथ खाके वायदा करे रिहिस—

[18] काबरकि तुमन यहोवा तुम्हर परमेसर के बात ला ओकर ओ जम्मो हुकूम ला माने के दुवारा पूरा करथव, जेला मेंह आज तुमन ला देवत हंव अऊ अइसे करके तुमन परमेसर के नजर म सही काम करत हव।

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