[1] ओ देस म, जेला यहोवा तुम्हर परमेसर तुम्हर अधिकार म देवत हे, यदि उहां कोनो मरे मनखे मैदान म पड़े हुए मिलथे, अऊ ये बात के पता नइं ए कि ओकर हतियारा कोन ए,
[2] त तुम्हर अगुवा अऊ नियायधीसमन जावंय अऊ जिहां ओ लास ह पड़े हवय, उहां ले लकठा के नगरमन के दूरी ला नापंय।
[3] तब ओ लास के सबले लकठा के नगर के अगुवामन एक अइसे बछिया ला लें, जऊन ह कभू काम नइं करे हवय अऊ जेकर ऊपर कभू जुड़ा नइं रखे गे हवय।
[4] तब ओमन ओला खाल्हे कोति एक अइसे घाटी म ले जावंय, जिहां कभू नांगर नइं जोते गे हवय या जिहां कभू कुछू नइं बोय गे हवय अऊ जिहां पानी के बहत एक सोता होवय। उहां ओ घाटी म, ओमन ओ बछिया के घेंच ला टोर देवंय।
[5] तब लेवीय पुरोहितमन आघू आवंय, काबरकि यहोवा तुम्हर परमेसर ह ओमन ला चुने हवय कि ओमन सेवा करंय अऊ यहोवा के नांव म आसीस देवंय अऊ झगड़ा अऊ मारपीट के जम्मो मामला के फैसला करंय।
[6] तब ओ लास के लकठा के नगर के जम्मो अगुवामन अपन हांथ ओ बछिया के ऊपर धोवंय, जेकर घेंच ला घाटी म टोर दिये गे हवय,
[7] अऊ ओमन ये घोसना करंय: “ये खून हमन नइं करे हन, अऊ न ही खून करत हमन कोनो ला देखे हन।
[8] हे यहोवा, अपन इसरायली मनखेमन बर ये प्रायस्चित ला स्वीकार कर, जेमन ला तेंह छोंड़ाय हस, अऊ अपन मनखेमन ला एक निरदोस मनखे के खून के दोसी झन ठहिरा।” तब ओ हतिया के दोस ह छेमा हो जाही,
[9] अऊ ये किसम ले तुमन अपनआप ला एक निरदोस मनखे के खून के दोस ले सुध करहू, काबरकि तुमन ओ काम करेव, जऊन ह यहोवा के नजर म सही अय।
[10] जब तुमन अपन बईरीमन ले लड़ई करे बर जावव अऊ यहोवा तुम्हर परमेसर ह ओमन ला तुम्हर हांथ म कर देवय अऊ तुमन ओमन ला बंदी बना लेवव,
[11] यदि ओ बंदी मनखेमन के बीच कोनो सुघर माईलोगन कोति तोर धियान ह जाथे अऊ तेंह ओकर कोति मोहित होथस, त तेंह ओला अपन घरवाली के रूप म ले सकत हस।
[12] ओला अपन घर म ले आबे अऊ ओकर मुड़ के बाल के मुंडन करबे अऊ ओकर नाखूनमन ला कतर देबे
[13] अऊ बंदी बनाय गे बेरा ओह जऊन कपड़ा पहिरे रिहिस, ओला अलग कर देबे। जब ओह तोर घर म रहिके एक महिना तक अपन दाई-ददा बर सोक मना लीही, तब तेंह ओकर करा जा सकत हस अऊ तेंह ओकर घरवाला अऊ ओह तोर घरवाली हो जाही।
[14] यदि तें ओकर ले खुस नइं होवस, त ओह जिहां जाय बर चाहय, तें ओला उहां जावन देबे। तें ओला झन बेचबे या ओकर संग एक गुलाम के सहीं बरताव झन करबे, काबरकि तेंह ओकर अपमान करे हस।
[15] यदि कोनो मनखे के दू घरवाली हवंय, अऊ ओह एक झन ले मया करथे अऊ दूसर ले नइं, अऊ दूनों घरवालीमन ओकर ले बेटा जनमंय, पर पहिलांत बेटा ओ घरवाली के अय, जेकर ले ओह मया नइं करय,
[16] त जब ओह संपत्ति के बंटवारा करय, त ओ बेटा ला पहिलांत के अधिकार झन देवय, जेकर दाई ले ओह मया करथे, एकर बदले कि जऊन ह सही के पहिलांत अय अऊ जेकर दाई ले ओह मया नइं करय।
[17] जऊन घरवाली ला ओह मया नइं करय, ओकर बेटा ला अपन जम्मो संपत्ति के दू गुना बांटा देके ओकर पहिलांत के अधिकार ला मानय। ओ बेटा ह अपन ददा के पौरूस के पहिला चिनहां अय। पहिलांत के अधिकार ओकर अय।
[18] यदि कोनो मनखे के बेटा ह जिद्दी अऊ बिदरोही सुभाव के अय अऊ ओह अपन दाई-ददा के बात ला नइं मानय अऊ ओकर ताड़ना करे ले घलो ओमन के बात ला नइं सुनय,
[19] त ओकर दाई-ददा ओला पकड़के अपन नगर के दुवार म अगुवामन करा ले जावंय।
[20] ओमन अगुवामन ले कहंय, “हमर ये बेटा ह जिद्दी अऊ बिदरोही सुभाव के अय। ओह हमर बात नइं मानय। ओह पेटू अऊ मतवार ए।”
[21] तब नगर के जम्मो मनखेमन पथरवाह करके ओला मार डारंय। तुमन अपन बीच ले अइसन बुरई ला दूर करव। जम्मो इसरायलीमन ये बात ला सुनके डरहीं।
[22] यदि कोनो मनखे ह मिरतू-दंड के दोसी अय, अऊ ओला मार डारे गे हवय अऊ ओकर लास ला खंभा म टांग दिये गे हवय,
[23] त तुमन ओ लास ला रात भर ओ खंभा म टंगे झन रहन दव। ये बात के धियान रखव कि ओला ओहीच दिन माटी दे दिये जावय, काबरकि जेला खंभा म टांग दिये जाथे, ओह परमेसर कोति ले सरापित ठहिरथे। तुमन ओ देस ला अपबितर झन करहू, जेला यहोवा तुम्हर परमेसर ह तुमन ला तुम्हर उत्तराधिकार म देवत हे।