[1] भाइयो-बहनो, कोई भी व्यक्ति पाप में गिर सकता है। तुम आत्मिक लोगों को चाहिए कि तुम भी सतर्क रहो, ताकि पाप में न गिरो। पाप में फँस जाने वाले व्यक्ति को नम्रता से समझाओ।
[2] एक दूसरे का बोझ उठाकर मसीह का नियम पूरा करो।
[3] यदि कोई व्यक्ति यह सोचे कि वह कुछ है, जब कि कुछ नहीं है, तो वह स्वयं को धोखा देता है।
[4] प्रत्येक व्यक्ति अपने काम को जाँचे और करके दिखाए, तब उसे किसी दूसरे के काम में नहीं लेकिन अपने काम में खुश होने का मौका मिलेगा।
[5] क्योंकि हर एक को अपनी ज़िम्मेदारी खुद पूरी करनी है।
[6] जो दूसरों से वचन की शिक्षा पाता है वह सभी अच्छी वस्तुओं को उनके साथ बाँटे।
[7] धोखे में मत रहना, परमेश्वर को मज़ाक में नहीं लिया जा सकता, मनुष्य जो कुछ भी बोता है, वही काटेगा भी।
[8] जो अपने मन के अनुसार जियेगा, वह बर्बादी की फ़सल काटेगा। जो पवित्रात्मा के मार्गदर्शन में चलेगा, वह पवित्र आत्मा से अनन्तकालिक फ़सल (सदाकाल का जीवन) पाएगा।
[9] भलाई करने में हम थक न जाएँ, क्योंकि यदि हम हिम्मत न हारें, तो निश्चित समय पर फ़सल देखेंगे।
[10] इसलिए जब हमें अवसर मिलता है, सब के साथ भला व्यवहार करें, विशेषकर उनके साथ जो विश्वास के घराने के हैं।
[11] मैंने अपने हाथों से बड़े-बड़े अक्षरों में किस तरह लिखा है, यह देखो!
[12] जो लोग खतना करना चाहते हैं, वे मसीह के क्रूस के कारण आने वाले सताव से बचना चाहते हैं।
[13] जो लोग खतना करवाते हैं, वे भी नियम शास्त्र का पालन नहीं करते हैं। वे तुम्हारा खतना इसलिए करवाना चाहते हैं, ताकि तुम्हारे कारण घमण्ड कर सकें।
[14] लेकिन परमेश्वर करे, कि मैं यीशु मसीह के क्रूस को छोड़कर किसी और बात का घमण्ड न करूँ, जिसके कारण मेरे लिए संसार क्रूस पर चढ़ाया जा चुका है और मैं संसार के लिए।
[15] इसलिए कि मसीह में न खतना और न खतना रहित का कुछ अर्थ है, किन्तु एक नयी सृष्टि।
[16] उन लोगों को और शान्ति और अनुग्रह (कृपा) मिले, जो इस नियम पर चलते हैं। परमेश्वर के इस्राएल को भी।
[17] अब से कोई मुझे परेशान न करे, क्योंकि मैं अपनी देह पर यीशु मसीह के दागों को सहता हूँ।
[18] भाइयो-बहनो प्रभु यीशु मसीह की असीम कृपा (अनुग्रह) तुम्हारी आत्माओं के साथ हो। ऐसा होता रहे।