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[1] ऐ इमामो, सुनो मेरी बात! ऐ इस्राईल के घराने, तवज्जुह दे! ऐ शाही ख़ानदान, मेरे पैग़ाम पर ग़ौर कर! तुम पर फ़ैसला है, क्यूँकि अपनी बुतपरस्ती से तुम ने मिस्फ़ाह में फंदा लगा दिया, तबूर पहाड़ पर जाल बिछा दिया

[2] और शित्तीम में गढ़ा खुदवा लिया है। ख़बरदार! मैं तुम सब को सज़ा दूँगा।

[3] मैं तो इस्राईल को ख़ूब जानता हूँ, वह मुझ से छुपा नहीं रह सकता। इस्राईल अब इस्मतफ़रोश बन गया है, वह नापाक है।

[4] उन की बुरी हरकतें उन्हें उन के ख़ुदा के पास वापस आने नहीं देतीं। क्यूँकि उन के अन्दर ज़िनाकारी की रूह है, और वह रब को नहीं जानते।

[5] इस्राईल का तकब्बुर उस के ख़िलाफ़ गवाही देता है, और वह अपने क़ुसूर के बाइस गिर जाएगा। यहूदाह भी उस के साथ गिर जाएगा।

[6] तब वह अपनी भेड़-बकरियों और गाय-बैलों को ले कर रब को तलाश करेंगे, लेकिन बेफ़ाइदा। वह उसे पा नहीं सकेंगे, क्यूँकि वह उन्हें छोड़ कर चला गया है।

[7] उन्हों ने रब से बेवफ़ा हो कर नाजाइज़ औलाद पैदा की है। अब नया चाँद उन्हें उन की मौरूसी ज़मीनों समेत हड़प कर लेगा।

[8] जिबिआ में नरसिंगा फूँको, रामा में तुरम बजाओ! बैत-आवन में जंग के नारे बुलन्द करो। ऐ बिनयमीन, दुश्मन तेरे पीछे पड़ गया है!

[9] जिस दिन मैं सज़ा दूँगा उस दिन इस्राईल वीरान-ओ-सुन्सान हो जाएगा। ध्यान दो कि मैं ने इस्राईली क़बीलों के बारे में क़ाबिल-ए-एतिमाद बातें बताई हैं।

[10] यहूदाह के राहनुमा उन जैसे बन गए हैं जो नाजाइज़ तौर पर अपनी ज़मीन की हुदूद बढ़ा देते हैं। जवाब में मैं अपना ग़ज़ब मूसलाधार बारिश की तरह उन पर नाज़िल करूँगा।

[11] इस्राईल पर इस लिए ज़ुल्म हो रहा है और उस का हक़ मारा जा रहा है कि वह बेमानी बुतों के पीछे भागने पर तुला हुआ है।

[12] मैं इस्राईल के लिए पीप और यहूदाह के लिए सड़ाहट का बाइस बनूँगा।

[13] इस्राईल ने अपनी बीमारी देखी और यहूदाह ने अपने नासूर पर ग़ौर किया। तब इस्राईल ने असूर की तरफ़ रुजू किया और असूर के अज़ीम बादशाह को पैग़ाम भेज कर उस से मदद माँगी। लेकिन वह तुम्हें शिफ़ा नहीं दे सकता, वह तुम्हारे नासूर का इलाज नहीं कर सकता।

[14] क्यूँकि मैं शेरबबर की तरह इस्राईल पर टूट पड़ूँगा और जवान शेरबबर की तरह यहूदाह पर झपट पड़ूँगा। मैं उन्हें फाड़ कर अपने साथ घसीट ले जाऊँगा, और कोई उन्हें नहीं बचाएगा।

[15] फिर मैं अपने घर वापस जा कर उस वक़्त तक उन से दूर रहूँगा जब तक वह अपना क़ुसूर तस्लीम करके मेरे चेहरे को तलाश न करें। क्यूँकि जब वह मुसीबत में फंस जाएंगे तब ही मुझे तलाश करेंगे।”

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