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[1] हम ई कहऽ ही कि वारिस जबले लइका हे, हलांकि सब चीज के मालिक हे, तइयो ओकरा में आउर दास में कोइ फरक नञ।

[2] बाकि पिता के तै करल बखत ले देखरेख करे वाला आउर करप रदाज वन के बस में रहऽ हे।

[3] ओय सही हम्हूं, जब लइका हली, त दुनिया के सुरू आती सिच्छा के बस में होके दास बनल हलिए।

[4] बाकि जब बखत पूरा होलइ, त परमेसर अप्पण बेटा के भेज लथिान जे अउरत से ज लमल, अउर बेबस्था के अधीन पइदा होलइ,

[5] जेसे बेबस्था के अधीनों के मोल लेके छोड़ा ले, अउर हमनी के दत्तक होवे के अखि तयार मिले।

[6] अउर तूँ जे बेटा हऽ, एहिसे परमेसर अप्पण बेटा के आतमा के, जे ‘हे अब्बा, हे पिता कह के पुकारऽ हे,’ हमनी के हिया में भेज लथी हे।

[7] एहिसे तोहनी अब दास नञ, बाकि बेटा हऽ, अउर जब बेटा होलऽ, त परमेसर के दिया वारिसो होलऽ।

[8] पहिले त तोहनी परमेसर के नञ जानके उनकर दास हलऽ जे सोभाव से परमेसर नञ,

[9] बाकि अब जे तोहनी परमेसर के चिन्ह लेल्हु बलुक परमेसर तोहनी के चिन्ह लेलथी, त ओ अब्बर आउर बेकार सिच्छा के बात के दने काहे फिरइत हुऽ, जेकर तोहनी दोबारा दास होवे चाहइत हऽ?

[10] तोहनी दिन आउर महीना आउर निसि्थात बखत आउर बरिस के मानइत हऽ।

[11] हम तोहनी के बारे में डरऽ ही, काहीं अय स न नञ हो कि जे मेहनत हम तोहनी लागी कय ली हे ऊ बेअरथा जाय।

[12] हे भाय वन, हम तोहनी से बिनती करऽ हियो, तोहनी हमरा नियन हो जा, काहेकि हम्हूं तोहनीये जयस न हो गेल ही; तोहनी हमर कुछ नञ बिगाड़लऽ।

[13] बाकि तोहनी जानइत हऽ कि पहिले बेर हम देह के कमजोरी के मारे तोहनी के सुभस माचार सुनय ली।

[14] अउर तोहनी हमर देह के हालत के जे तोहनी के जाँचे के ओज ह से हल, हीन नञ बुझलऽ, नञ ओकरा से घिन कय लऽ; अउर परमेसर के दूत बलुक अप ने मसीह के नियन हमरा गरहन कय लऽ।

[15] त ऊ तोहनी के खुसी मनानाय कहाँ गेलइ? हम तोहनी के गवाह ही कि जे हो स कीत त तोहनी अप्पण अँखियो निकास के हमरा दे देतु हल।

[16] त का तोहनी से सच बोले के ओज ह से हम तोहनी के दुस मन बन गेल ही?

[17] ओ तोहनी के इयार बनावे त चाहऽ हथ, बाकि नीमन उद्देस से नञ; बलुक तोहनी के अलग करे चाहऽ हथ कि तोहनी उन्हकरे इयार बना लऽ।

[18] बाकि ईहो नीमन हे कि नीमन बात में हर बखत इयार बनावे के कोरसि स कयल जाय, नञ खाली तखनीये कि जब हम ताहनी जोरे रहऽ ही।

[19] ऐ हमर लइकन, जबले तोहनी में मसीह के रू प नञ बन जाय, तबले हम तोहनी लागी फिन ज च्चा नियर दरद स हऽ ही।

[20] हिच्छा त ई होवऽ हे कि अब तोहनी भीरी आके दोस रे तरह से बोलिअई, काहेकि तोहनी बारे में हम फिकिर में ही।

[21] तोहनी जे बेबस्था के अ धीन होवे चाहइत हऽ, हमरा बतावहु, का तोहनी बेबस्था के नञ सुनऽ?

[22] ई लिखल हे कि इबराहिम के दूगो बेटा होलइ; एगो दासी से अउर एगो आजाद अउरत से।

[23] बाकि जे दासी होलइ, ऊ देह के रिवाज से ज लमल; अउर जे आजाद अउरत से होलइ, ऊ परतिग्यां के मोताबिक ज लमल।

[24] ई बात के परतूक हे: ई अउरतिय न मानऽ दूगो वाचा हइ, एगो त सीनै पहाड़ के जेकरा से दासे पइदा होवऽ हे अउर ऊ हाजि रा हे।

[25] अउर हाजि रा मानो अ रब के सीनै पहाड़ हे, आउर अ खनी के यरूसलेम ओकरे बराबर हे, काहेकि ऊ अप्पण लइकन सहित गुलामी में हे।

[26] बाकि उपर के यरूसलेम आजाद हे, अउर ऊ हमनी के माय हइ।

[27] काहेकि लिखल हे, “हे बाँझ, तूँ जे नञ जलम देलि्ह खुसी करऽ; तूँ जेकरा दरद नञ उठऽ हे, मुँह खोल के जयज य कार करऽ; काहेकि छोड़ल औलाद सुहागिन के औलादो से बेसी होवऽ हइ।”

[28] हे भाय वन, हम इसहाक के नियन परतिग्यां के औलाद हिअ ई।

[29] अउर जयस न तखनी देह के मोताबिक ज लमल आतमा के मोताबिक ज लमल के स तावऽ हल, ओय स हीं अ खनियो होवऽ हे।

[30] बाकि पवित्तर किताब का कहऽ हे?” दासी आउर ओकर बेटा के निकास देहु, काहेकि दासी के बेटा आजाद अउरत के बेटा के ज उरे वारिस नञ होतइ।”

[31] एहिसे हे भाय वन, हम दासी के नञ बाकि आजाद अउरत के औलाद हिअ ई।

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