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[1] अपन बारह चेलामन ला ये हुकूम देय के बाद, यीसू ह उहां ले चल दीस। ओह गलील प्रदेस के सहरमन म सिकछा दे बर अऊ परचार करे बर गीस।

[2] जब यूहन्ना ह जेल म मसीह के काम के चरचा ला सुनिस, त ओह अपन चेलामन ला ओकर करा ये पुछे बर पठोईस,

[3] “का तेंह ओही अस, जऊन ह अवइया रिहिस या फेर हमन कोनो आने के बाट जोहन।”

[4] यीसू ह ओमन ला ये जबाब दीस, “तुमन जावव, अऊ जऊन कुछू तुमन सुनत अऊ देखत हवव, ओला यूहन्ना ला बतावव—

[5] अंधरामन देखथें, खोरवामन रेंगथें, कोढ़ीमन सुध करे जावथें, भैंरा मनखेमन सुनथें, मुरदामन जी उठथें, अऊ गरीबमन ला सुघर संदेस के परचार करे जाथे।

[6] धइन ए ओह जऊन ह मोर ऊपर संदेह नइं करय।”

[7] जब यूहन्ना के चेलामन जावत रिहिन, त यीसू ह मनखेमन ला यूहन्ना के बारे म कहन लगिस, “जब तुमन सुनसान जगह म यूहन्ना करा गेव, त तुमन का देखे के आसा करत रहेव? का हवा म डोलत बड़े घांस के पऊधा ला?

[8] यदि नइं! त फेर तुमन का देखे बर गे रहेव? का सुघर कपड़ा पहिरे एक मनखे ला देखे बर? जऊन मन सुघर कपड़ा पहिरथें, ओमन राजा के महल म रहिथें।

[9] त तुमन का देखे बर गे रहेव? एक अगमजानी ला देखे बर? हव, मेंह तुमन ला कहथंव कि तुमन एक अगमजानी ले घलो बड़े मनखे ला देखेव।

[10] येह ओ मनखे अय, जेकर बारे म परमेसर के बचन म लिखे हवय: “ ‘मेंह अपन संदेसिया ला तोर आघू पठोवत हंव, जऊन ह तोर आघू तोर रसता तियार करही।’

[11] मेंह तुमन ला सच कहत हंव कि अभी तक जऊन मनखेमन संसार म माईलोगन ले जनमे हवंय, ओमन म कोनो घलो यूहन्ना बतिसमा देवइया ले बड़े नो हय। पर जऊन ह स्वरग के राज म सबले छोटे अय, ओह यूहन्ना ले घलो बड़े अय।

[12] यूहन्ना बतिसमा देवइया के समय ले अभी तक स्वरग के राज ऊपर सतावा होय हवय अऊ सतानेवालामन ताकत के दुवारा येला अपन अधिकार म कर लेथें।

[13] काबरकि जम्मो अगमजानी अऊ मूसा के कानून, यूहन्ना के समय तक अगमबानी करत रिहिन।

[14] अऊ यदि तुमन ये बात ला मानत हव, त जान लेवव कि ओह एलियाह अय, जऊन ह अवइया रिहिस।

[15] जेकर कान हवय, ओह सुन ले।

[16] “मेंह ये पीढ़ी के मनखेमन के तुलना काकर ले करंव? ओमन बजार म बईठे लइकामन सहीं अंय, जऊन मन अपन दूसर संगीमन ला पुकारके कहिथंय:

[17] “ ‘हमन तुम्हर बर बांसुरी बजाएंन, पर तुमन नइं नाचेव; हमन बिलाप करेंन, अऊ तुमन ला दुख नइं होईस।’

[18] काबरकि यूहन्ना आईस, पर ओह सधारन मनखे सहीं, न तो खाईस अऊ न ही पीईस, अऊ मनखेमन कहिथें, ‘ओमा परेत आतमा हवय।’

[19] मनखे के बेटा ह आईस, जऊन ह खाथे अऊ पीथे, अऊ मनखेमन कहिथें, ‘देखव, ओह पेटहा अऊ पियक्कड़ अय, अऊ लगान लेवइया अऊ पापीमन के संगवारी अय।’ पर बुद्धि ह अपन काम के दुवारा सही ठहिरथे।”

[20] तब यीसू ह ओ सहरमन ला धिक्कारे लगिस, जिहां ओह सबले जादा चमतकार करे रिहिस, पर ओ सहरमन पछताप नइं करिन।

[21] यीसू ह कहिस, “धिक्कार ए तोला, खुराजीन! धिक्कार ए तोला, बैतसैदा। जऊन चमतकार के काम तुमन म करे गीस, यदि ओ काम सूर अऊ सीदोन सहर म करे गे होतिस, त ओमन बहुंत पहिली टाट के कपड़ा ओढ़के अऊ राख म बईठके पछताप कर चुके होतिन।

[22] पर मेंह तुमन ला कहत हंव कि नियाय के दिन म सूर अऊ सीदोन के दसा ह तुम्हर दसा ले कहूं जादा सहे के लईक होही।

[23] अऊ तें कफरनहूम! का तेंह अकास तक ऊंचा उठाय जाबे! नइं! तेंह खाल्हे पाताल-लोक ला चले जाबे। काबरकि जऊन चमतकार के काम तोर म करे गीस, यदि ओ काम सदोम सहर म करे गे होतिस, त ओ सहर ह आज तक ले बने रहितिस।

[24] पर मेंह तोला कहत हंव कि नियाय के दिन म सदोम सहर के दसा ह तोर दसा ले कहूं जादा सहे के लईक होही।”

[25] ओही बेरा यीसू ह कहिस, “हे ददा! स्वरग अऊ धरती के परभू! मेंह तोर धनबाद करत हंव, काबरकि तेंह ये बातमन ला बुद्धिमान अऊ गियानी मनखेमन ले छुपाय रखय, पर येला छोटे लइकामन ऊपर परगट करय।

[26] हव, ददा, ये काम करे म तोला खुसी होईस।

[27] “मोर ददा ह मोला जम्मो चीज ला सऊंप दे हवय। ददा के छोंड़ अऊ कोनो, बेटा ला नइं जानंय, अऊ ददा ला कोनो नइं जानंय, सिरिप बेटा ह जानथे अऊ ओमन घलो जानथें, जऊन मन ला बेटा ह चुनथे कि ओमन ऊपर ददा ला उजागर करे।

[28] “हे जम्मो थके-मांदे अऊ बोझ ले दबे मनखेमन, मोर करा आवव, मेंह तुमन ला बिसराम दूहूं।

[29] मोर जुआड़ी ला अपन ऊपर रखव अऊ मोर ले सीखव, काबरकि मेंह हिरदय म दयालु अऊ नम्र अंव, अऊ तुमन अपन आतमा म बिसराम पाहू।

[30] काबरकि मोर जुआड़ी ह सरल अऊ मोर बोझा ह हरू हवय।”

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