[1] “आवव, हमन यहोवा कोति लहुंटन। ओह हमन ला चीरके कुटा-कुटा कर दे हवय पर ओह हमन ला चंगा करही; ओह हमन ला चोट पहुंचाय हवय पर ओहीच ह हमर घावमन म मरहम पट्टी करही।
[2] दू दिन के बाद ओह हमन म सुधार लानही; अऊ तीसर दिन ओह हमन ला पहिले सहीं कर दीही, ताकि हमन ओकर आघू म बने रहन।
[3] आवव, हमन यहोवा ला मान लेवन; आवव, हमन ओला जाने बर कोसिस करन। जइसन कि सूरज के निकलई ह निस्चित अय, वइसने ही ओह घलो निस्चय परगट होही; ओह हमर करा ठंड के बरसात सहीं, बसन्त रितु के ओ बरसात सहीं आही, जऊन ह धरती ला पलोथे।”
[4] “हे एपरैम, मेंह तोर बर का कर सकत हंव? हे यहूदा, मेंह तोर बर का कर सकत हंव? तुम्हर मया ह बिहनियां के कुहरा के असन, बड़े बिहनियां पड़नेवाला ओ ओस असन अय, जऊन ह गायब हो जाथे।
[5] ये खातिर मेंह तुमन ला अपन अगमजानीमन के दुवारा काटके कुटा-कुटा कर डारेंव, मेंह अपन मुहूं के बात ले तुमन ला मार डारेंव— तब मोर नियाय ह सूरज के सहीं आघू बढ़थे।
[6] काबरकि मेंह बलिदान ले नइं, पर दया ले, अऊ होम-बलिदान के बदला परमेसर ला माने ले खुस होथंव।
[7] पर आदम असन, ओमन करार ला टोर दे हवंय; ओमन उहां मोर संग बिसवासघात करे रिहिन।
[8] गिलाद दुस्ट काम करइयामन के एक सहर अय, उहां लहू ले भरे मनखेमन के चले के निसान हवय।
[9] जइसने लुटेरामन अपन सिकार बर लुकाके घात म रहिथें, वइसनेच पुरोहितमन के दल ह करथे; ओमन अपन दुस्ट योजना ला पूरा करत सकेम सहर के रद्दा म हतिया करथें।
[10] इसरायल म मेंह एक भयानक चीज देखे हंव: उहां एपरैम ला बेस्यागमन बर दिये जाथे, अऊ इसरायल ह असुध होथे।
[11] “हे यहूदा, तोर बर घलो कटनी के एक समय ठहिराय गे हवय। “जब मेंह अपन मनखेमन के बने दिनमन ला लहुंटा लाहूं,