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[1] हे इसरायलीमन, यहोवा के बचन ला सुनव, काबरकि तुमन, जऊन मन ये देस म रहिथव तुम्हर ऊपर यहोवा ह एक आरोप लगइया हवय: ये देस के रहइयामन म परमेसर बर न तो कुछू बिसवासयोग्यता, न कुछू मया अऊ न ही परमेसर ला माने के कुछू बात हवय।

[2] इहां सिरिप सराप देवई, लबारी बात, हतिया करई, चोरी-चकारी अऊ बेभिचार हवय; ओमन जम्मो कानून ला टोरथें, अऊ खून के ऊपर खून करत रहिथें।

[3] एही कारन अय कि ये देस ह सूखा जाथे, अऊ येमा जम्मो रहइयामन बेकार हो जाथें; भुइयां के पसु, अकास के चिरई अऊ समुंदर के मछरीमन नास हो जाथें।

[4] “पर कोनो मनखे दोस झन लगावय, न ही कोनो मनखे आने ऊपर आरोप लगावय, काबरकि तोर मनखेमन ओमन के सहीं अंय जऊन मन पुरोहितमन ऊपर दोस लगाथें।

[5] तेंह रात-दिन ठोकर खाथस, अऊ तोर संग अगमजानीमन घलो ठोकर खाथें। एकरसेति मेंह तोर दाई ला नास कर दूहूं—

[6] मोर मनखेमन गियान के कमी के कारन नास होथें। “काबरकि तेंह गियान ला अस्वीकार करे हस, एकरसेति मेंह घलो तोला अपन पुरोहित के रूप म अस्वीकार करत हंव; काबरकि तेंह अपन परमेसर के कानून ऊपर धियान नइं दे हवस, त मेंह घलो तोर लइकामन ऊपर धियान नइं दूहूं।

[7] जतेक जादा पुरोहित रिहिन, ओतेक जादा ओमन मोर बिरूध म पाप करिन; ओमन अपन महिमामय परमेसर के बदला म कलंकित चीज ला अपना लीन।

[8] पुरोहितमन मोर मनखेमन के पाप के कमई ला खाथें अऊ ओमन मोर मनखेमन के दुस्टता के मजा लेथें।

[9] अऊ येह अइसने होही: जइसने मनखेमन के दसा, वइसने पुरोहितमन के दसा। मेंह ओ दूनों ला ओमन के चालचलन के सजा दूहूं, अऊ ओमन ला ओमन के काम के बदला दूहूं।

[10] “ओमन खाना तो खाहीं, पर ओमन करा परयाप्त खाना नइं होही; ओमन बेस्यागमन करहीं, पर बाढ़हीं नइं, काबरकि ओमन यहोवा ला छोंड़ दे हवंय

[11] ताकि ओमन बेस्यागमन कर सकंय; पुराना मंद अऊ नवां मंद ओमन के समझ ला भ्रस्ट कर देथे।

[12] मोर मनखेमन कठवा के एक मूरती ले सलाह लेथें, अऊ अगम बतइया के लउठी ओमन के अगम के बात ला बताथे। बेभिचार के एक आतमा ह ओमन ला बहका देथे; ओमन अपन परमेसर के संग बिसवासघात करथें।

[13] ओमन पहाड़ के टीप म बलिदान चघाथें अऊ पहाड़ीमन ऊपर, बलूत रूख, चिनार रूख अऊ एला रूखमन के खाल्हे म, जिहां बने छइहां होथे, उहां होम-बलिदान चघाथें। ये खातिर तुम्हर बेटीमन छिनारी करे बर जाथें अऊ तुम्हर बहुमन बेभिचार करथें।

[14] “जब तुम्हर बेटीमन छिनारी करे बर जाहीं त में ओमन ला सजा नइं दूहूं, अऊ न ही तुम्हर बहुमन ला सजा दूहूं, जब ओमन बेभिचार करहीं, काबरकि आदमीमन खुद बेस्यामन के संग रहिथें अऊ देवालय के बेस्यामन संग बलि चघाथें— नासमझ मनखेमन नास हो जाहीं!

[15] “हे इसरायल, हालाकि तेंह बेभिचार करथस, पर यहूदा ला दोसी झन होवन दे। “न तो गिलगाल जावव; अऊ न ही ऊपर बेत-आवेन ला जावव। अऊ न ही ये कसम खावव, ‘यहोवा के जिनगी के कसम।’

[16] इसरायलीमन जिद्दी बछरू असन जिद्दी अंय। तब यहोवा ह ओमन ला चरागन म मेढ़ा-पीलामन सहीं कइसे चरा सकत हे?

[17] एपरैम ह मूरतीमन के संगवारी हो गे हवय; ओला अकेला छोंड़ दव!

[18] अऊ त अऊ जब ओमन के मंद ह खतम हो जाथे, तब घलो ओमन बेस्यागमन करत रहिथें; ओमन के सासन करइयामन लज्जा के काम ले मया करथें।

[19] बवंडर ह ओमन ला उड़ाके ले जाही, अऊ ओमन के बलिदानमन के खातिर ओमन ला सरमिंदा होना पड़ही।

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