[1] याहवेह ने मोशेह तथा अहरोन को यह आज्ञा दी:
[2] “इस्राएल के वंश हरेक अपने-अपने झंडे के नीचे ही पड़ाव डाला करेंगे. ये झंडे उनके पिता के कुलों की निशानी होंगी. वे मिलनवाले तंबू के आस-पास उसकी ओर मुख किए हुए अपने-अपने शिविर खड़े करेंगे.” li4
[3] वे, जो अपने शिविर सूर्योदय की दिशा: पूर्व में स्थापित करेंगे, वह होगा यहूदाह कुल, वे अपने शिविर अपने झंडे के नीचे स्थापित करेंगे. यहूदाह के गोत्र का प्रधान होगा अम्मीनादाब का पुत्र नाहशोन.
[4] उनके सैनिकों की संख्या है 74,600.
[5] उनके निकट होगा इस्साकार का शिविर इस्साकार के गोत्र का प्रधान होगा ज़ुअर का पुत्र नेथानेल.
[6] उसके सैनिकों की संख्या है 54,400.
[7] इसके बाद होगा ज़ेबुलून का शिविर, ज़ेबुलून गोत्र का प्रधान होगा हेलोन का पुत्र एलियाब
[8] उसके सैनिकों की संख्या है 57,400. li4
[9] यहूदाह के शिविर के लिए गिने गए सैनिक, जिन्हें उनके दलों के अनुसार तैयार किया गया था, गिनती में 1,86,400 थे. वे सबसे पहले कूच करेंगे. li4
[10] दक्षिण दिशा: में रियूबेन के झंडे के नीचे उसके सैनिकों का शिविर होगा तथा रियूबेन गोत्र का प्रधान शेदेउर का पुत्र एलिज़ुर होगा.
[11] उसके सैनिकों की संख्या है 46,500.
[12] इसके पास वाला शिविर होगा शिमओन गोत्र का तथा उनका प्रधान होगा ज़ुरीषद्दोई का पुत्र शेलुमिएल.
[13] इनके सैनिकों की संख्या है 59,300.
[14] इसके बाद गाद का कुल और इनका प्रधान था देउएल का पुत्र एलियासाफ़.
[15] इसके सैनिकों की संख्या है 45,650. li4
[16] रियूबेन के शिविर के गिने गए सैनिकों की संख्या है 1,51,450. ये कूच करते हुए दूसरे स्थान पर रहा करेंगे.
[17] इनके बाद मिलन वाला तंबू और लेवियों का शिविर कूच करेगा लेवियों का शिविर सारे शिविरों के बीच होगा. जिस प्रकार वे अपने शिविर स्थापित करते हैं, उसी क्रम में वे कूच करेंगे; अपने-अपने झंडों के साथ. li4
[18] पश्चिमी दिशा: में उनके झंडे के नीचे एफ्राईम गोत्र की सेना का शिविर होगा. इनका प्रधान होगा अम्मिहुद का पुत्र एलीशामा.
[19] उसकी सेना की गिन कर लिखी गई संख्या है 40,500.
[20] उसके पास होंगे मनश्शेह के गोत्र. उनका प्रधान था पेदाहज़ुर का पुत्र गमालिएल.
[21] उनके सैनिकों की संख्या है 32,200.
[22] इसके बाद बिन्यामिन गोत्र के लोग. उनका प्रधान था गिदयोनी का पुत्र अबिदान.
[23] उसके सैनिकों की संख्या 35,400 गिनी गई. li4
[24] एफ्राईम कुल के दलों के अनुसार की गई सैनिकों की गिनती में संख्या थी 1,08,100. यात्रा के अवसर पर वे तीसरे स्थान पर रहेंगे. li4
[25] उत्तर दिशा: में उनके झंडे के नीचे दान कुल के सैनिकों का स्थान होगा. इनका प्रधान था अम्मीषद्दाई का पुत्र अहिएज़र.
[26] गिनती के अनुसार उसके सैनिकों की संख्या है 62,700.
[27] इनसे लगा हुआ दूसरा शिविर आशेर गोत्र का होगा. इनका प्रधान था ओखरन का पुत्र पागिएल.
[28] इसके गिने हुए सैनिकों की संख्या है 41,500
[29] इसके बाद होगा नफताली गोत्र का शिविर. इनका प्रधान था एनन का पुत्र अहीरा.
[30] उसके सैनिक गिनती में 53,400 थे. li4
[31] दान के सैनिकों की संख्या हुई 1,57,600. वे सभी अपने-अपने झंडे के नीचे सबसे पीछे चला करेंगे. li4
[32] ये ही थे सारे इस्राएली, जिनकी गिनती उनके गोत्रों के अनुसार की गई थी. वे सभी, जिनकी गिनती उनके दलों के अनुसार की गई थी, संख्या में 6,03,550 थे.
[33] किंतु इस गिनती में लेवी नहीं गिने गए, क्योंकि यह मोशेह को दी गई याहवेह की आज्ञा थी.
[34] इस्राएल के घराने ने यह प्रक्रिया पूरी कर ली. वे मोशेह को दी गई याहवेह की आज्ञा के अनुसार शिविर डाला करते थे, इसी क्रम में अपने-अपने गोत्र के अनुसार अपने-अपने कुल और कुटुंब में यात्रा करते थे.