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[1] फिर आठवें दिन मोशेह ने अहरोन, उनके पुत्रों और इस्राएल के प्रधानों को बुलाया.

[2] मोशेह ने अहरोन को यह आदेश दिया “अपने लिए गाय-बैलों से पापबलि के लिए एक निर्दोष बछड़ा और होम बलि के लिए एक निर्दोष मेढ़ा लो और उन्हें याहवेह को भेंट करो.

[3] उसके बाद तुम इस्राएल की प्रजा को यह आदेश दो, ‘पापबलि के लिए एक बकरा और होम बलि के लिए एक साल का निर्दोष बछड़ा और एक निर्दोष मेमना,

[4] याहवेह के लिए भेंट करने के लिए मेल बलि के लिए एक बैल व एक मेढ़ा तथा तेल से सनी हुई अन्नबलि लो; क्योंकि आज याहवेह तुम पर प्रकट होंगे.’ ”

[5] फिर वे उन सब वस्तुओं को मिलनवाले तंबू के सामने ले आए, जिसका आदेश मोशेह ने उन्हें दिया था और सारी सभा निकट आकर याहवेह के सामने खड़ी हो गई.

[6] मोशेह ने उन्हें संबोधित किया “ये हैं वे कार्य, जिन्हें करने का आदेश याहवेह ने तुम्हें दिया है कि याहवेह के प्रताप का तुम पर प्रकाशन हो.”

[7] इसके बाद मोशेह ने अहरोन को यह आदेश दिया “वेदी के निकट आ जाओ और अपनी पापबलि और होम बलि भेंट करो कि तुम स्वयं के लिए और प्रजा के लिए प्रायश्चित पूरा कर सको, इसके बाद प्रजा के लिए बलि भेंट करो कि उनके लिए प्रायश्चित पूरा कर सको, ठीक जैसा आदेश याहवेह ने दिया है.”

[8] फिर अहरोन ने वेदी के निकट आकर अपनी पापबलि के लिए निर्धारित उस बछड़े का वध किया.

[9] अहरोन के पुत्रों ने उनके सामने रक्त प्रस्तुत किया और उन्होंने इसमें अपनी उंगली डुबोकर इसमें से कुछ रक्त वेदी के सींगों पर लगाया और शेष रक्त को वेदी के आधार पर उंडेल दिया.

[10] फिर उन्होंने पापबलि के लिए निर्धारित चर्बी, गुर्दे, और कलेजे के ऊपर की झिल्ली को वेदी पर अग्नि में जला दिया, ठीक जैसा आदेश याहवेह ने मोशेह को दिया था.

[11] किंतु उन्होंने खाल और मांस को छावनी के बाहर अग्नि में जला दिया.

[12] इसके बाद उन्होंने होम बलि के पशु का वध किया, अहरोन के पुत्रों ने उन्हें रक्त सौंप दिया और उन्होंने इसे वेदी के चारों ओर छिड़क दिया.

[13] उन्होंने होम बलि के पशु को टुकड़ों में उसके सिर के साथ अहरोन को सौंप दिया और अहरोन ने उन्हें वेदी पर अग्नि में जलाकर भेंटकर दिया.

[14] उन्होंने आंतों और टांगों को भी धो करके उन्हें होम बलि के साथ वेदी पर अग्नि में जलाकर भेंटकर दिया.

[15] फिर उन्होंने प्रजा के लिए निर्धारित बलि को प्रस्तुत किया. उन्होंने उस बकरे को लेकर, जो प्रजा के लिए निर्धारित पापबलि के लिए था इसका वध करके पहले बलि के पशु समान भेंटकर दिया.

[16] उन्होंने होम बलि के पशु को भी प्रस्तुत कर विधि के अनुसार इसे भेंट किया.

[17] इसके बाद उन्होंने अन्नबलि को प्रस्तुत किया, प्रातःकाल की होम बलि के अतिरिक्त उन्होंने इसमें से भी मुट्ठी भर भाग लेकर वेदी पर अग्नि में जलाकर भेंट किया.

[18] इसके बाद उन्होंने प्रजा के लिए मेल बलि के लिए निर्धारित बैल और मेढ़े का वध किया, और अहरोन के पुत्रों ने अहरोन को रक्त सौंप दिया, जिसे उन्होंने वेदी के चारों ओर छिड़क दिया.

[19] उन्होंने बैल तथा मेढ़े की चर्बी के भाग, मोटी पूंछ, वह चर्बी जो आंतों को ढकती है, गुर्दे और कलेजे के ऊपर की झिल्ली भी उन्हें सौंप दी,

[20] उन्होंने चर्बी के भाग को छाती पर रखा और अहरोन ने उन्हें वेदी पर अग्नि में जलाकर भेंटकर दिया.

[21] किंतु छाती और दायीं जांघ को अहरोन ने लहराने की मुद्रा में बलि के रूप याहवेह के सामने प्रस्तुत किया-ठीक जैसा आदेश मोशेह ने दिया था.

[22] इसके बाद अहरोन ने प्रजा की ओर अपने हाथ उठाकर उनके लिए आशीष वचन बोले और पापबलि, होम बलि और मेल बलि भेंट करने के बाद नीचे उतर आए.

[23] मोशेह और अहरोन मिलनवाले तंबू में चले गए और जब उन्होंने मिलनवाले तंबू से बाहर आकर प्रजा के लिए आशीष वचन बोले, तो याहवेह का प्रताप सारी प्रजा को दिखाई दिया.

[24] तब याहवेह की उपस्थिति की अग्नि ने प्रकट होकर होम बलि और वेदी पर के चर्बी के भागों को भस्म कर दिया. यह देख सारी प्रजा जय जयकार के नारे के साथ भूमि की ओर नतमस्तक हो गई.

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