[1] “ ‘जब याहवेह के लिए बलि के रूप में कोई अन्नबलि लेकर आए तो यह भेंट महीन आटे की हो. वह इस पर तेल उण्डेले और लोबान रखे.
[2] फिर वह इसे अहरोन के पुत्रों के पास, जो पुरोहित हैं, लाए. वह उसमें से एक मुट्ठी भर महीन आटा, तेल एवं लोबान ले. पुरोहित उसको स्मरण दिलाने वाले भाग के रूप में वेदी पर जलाए. यह अग्निबलि याहवेह के लिए सुखद-सुगंध होगी.
[3] अन्नबलि का बचा हुआ भाग अहरोन व उनके पुत्रों के लिए निर्धारित है; यह याहवेह के लिए अग्निबलियों का परम पवित्र भाग है.
[4] “ ‘यदि तुम्हारी बलि भट्टी में पकी हुई अन्नबलि हो, तो यह सबसे अच्छे आटे में बनी हो तेल में गूंधी हुई की खमीर रहित रोटी या तेल से चुपड़ी हुई खमीर रहित पपड़ी हो.
[5] यदि तुम्हारी बलि तवे पर पकी हुई अन्नबलि है, तो यह तेल में गूंधे हुए खमीर रहित महीन आटे की हो.
[6] तुम इसे टुकड़े-टुकड़े कर इस पर तेल उण्डेलना. यह एक अन्नबलि है.
[7] यदि तुम्हारी बलि कड़ाही में पकी हुई अन्नबलि है, तो यह तेल में गूंधे हुए महीन आटे की हो.
[8] जब तुम याहवेह के सामने इन वस्तुओं से बनी अन्नबलि लेकर आओ, तो यह पुरोहित के पास लाया जाए और वह इसे वेदी पर लेकर आए.
[9] फिर पुरोहित इस अन्नबलि से इसका स्मरण दिलाने वाला भाग लेकर वेदी पर अग्निबलि के रूप में जलाए. यह याहवेह के लिए सुखद-सुगंध की अग्निबलि होगी.
[10] अन्नबलि का बचा हुआ भाग अहरोन व उनके पुत्रों के लिए निर्धारित है; यह याहवेह के लिए अग्निबलियों का परम पवित्र भाग है.
[11] “ ‘कोई भी अन्नबलि, जो तुम याहवेह के सामने लेकर आओ, वह खमीर के साथ न बनाई जायें, क्योंकि तुम याहवेह को न तो खमीर की और न ही मधु की अग्निबलि भेंट करना.
[12] तुम इन्हें याहवेह के सामने पहली उपज की बलि के रूप में भेंट करना. किंतु ये वेदी से याहवेह को सुखद-सुगंध के लिए भेंट न की जाएं.
[13] तुम अपनी सब अन्न बलियों में नमक चढ़ाना. तुम्हारी अन्नबलि से तुम्हारे परमेश्वर की वाचा का नमक अलग न रहे, अपनी सब बलियों के साथ तुम नमक भेंट करना.
[14] “ ‘यदि तुम याहवेह को पहले फल की बलि भेंट करो, तो अपनी पहले फल बलि में अग्निबलि के लिए अग्नि में भुने गए नए अन्न की बालें लेकर आना.
[15] तुम इस पर तेल लगाना और लोबान रखना; यह एक अन्नबलि है.
[16] पुरोहित इसके स्मरण के लिए निर्धारित अंश, छिलका निकाला गया अन्न, तेल और इसके सारे लोबान को जलाकर अग्निबलि के रूप में याहवेह को भेंटकर दे.