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[1] उसी समय यरोबोअम का पुत्र अबियाह बीमार हो गया.

[2] यरोबोअम ने अपनी पत्नी से कहा, “ऐसा भेष बनाओ, कि कोई भी तुम्हें पहचान न सके, कि तुम यरोबोअम की पत्नी हो. और तुम शीलो को चली जाओ, जहां नबी अहिजाह रहते हैं. यह वही नबी हैं, जिन्होंने मेरे विषय में यह भविष्यवाणी की थी: कि मैं ही इस प्रजा का राजा बन जाऊंगा.

[3] अपने साथ दस रोटियां, कुछ टिकियां और एक कुप्पी शहद लेकर उनसे भेंट करने चली जाओ. वही तुम्हें बताएंगे कि बालक का क्या होगा.”

[4] यरोबोअम की पत्नी ने ऐसा ही किया. वह तैयार हो शीलो नगर में अहिजाह के घर पर जा पहुंची. बूढ़ा होने के कारण अहिजाह की नज़रें धुंधली पड़ चुकी थी, और वह देख नहीं सकता था.

[5] मगर याहवेह ने अहिजाह को पूर्वसूचित किया, “यरोबोअम की पत्नी तुमसे अपने पुत्र की स्थिति के विषय में पूछताछ करने आ रही है. यह बालक अस्वस्थ है. तुम उससे यह कहना.” जब वह नबी के निकट पहुंची उसने अन्य स्त्री होने का अभिनय किया.

[6] अहिजाह उसके पदचाप सुन रहे थे. जैसे ही वह द्वार पर पहुंची, अहिजाह ने पुकारते हुए कहा, “श्रीमती यरोबोअम भीतर आ जाइए. क्या लाभ है आपके वेश बदलने का? मुझे आपको अप्रिय समाचार देने का दायित्व सौंपा गया है.

[7] जाकर यरोबोअम को सूचित कर दीजिए, ‘याहवेह, इस्राएल के परमेश्वर का यह संदेश है, मैंने सारे प्रजा में से तुम्हें चुनकर तुम्हें उन्नत किया, तुम्हें अपनी प्रजा का प्रधान नियुक्त किया.

[8] और दावीद के वंश से राज्य छीनकर तुम्हें दे दिया है; फिर भी तुम मेरे सेवक दावीद के समान साबित न हुए, जिसने मेरे आदेशों का पालन किया और पूरे मन से मेरा अनुसरण करता रहा—सिर्फ वही करने के द्वारा, जो मेरी दृष्टि में सही है;

[9] मगर तुमने तो ऐसी बुराई की है, जो तुमसे पहले हुए उनसे भी बुरी है तुमने अपने लिए पराए देवता बना लिए, धातु की मूर्तियां गढ़ लीं और मेरे क्रोध को भड़का दिया. तुमने तो मुझे अपने ही पीछे फेंक दिया है.

[10] “ ‘इसलिये मैं यरोबोअम के परिवार पर मुसीबत ड़ाल दूंगा. मैं यरोबोअम के वंश से हर एक पुरुष को नाश कर दूंगा, चाहे वह इस्राएल में बंधुआ हो या स्वतंत्र. मैं यरोबोअम के परिवार को उसी प्रकार भस्म कर दूंगा जिस प्रकार कोई गोबर को पूरी तरह भस्म कर फेंक देता है.

[11] यदि यरोबोअम के किसी भी संबंधी की मृत्यु नगर के भीतर होती है, तो उसका शव कुत्ते खा जाएंगे; यदि किसी की मृत्यु खुले मैदान में होती है, तो वह आकाश के पक्षियों का आहार हो जाएगा; क्योंकि यह याहवेह का संदेश है!’

[12] “इसलिये अब उठो और अपने घर लौट जाओ. तुम्हारे नगर में प्रवेश करते ही बालक की मृत्यु हो जाएगी.

[13] पूरा इस्राएल उसके लिए विलाप करेगा और फिर उसे गाड़ा जाएगा; सिर्फ वही होगा जिसे यरोबोअम के परिवार में कब्र मिलेगी; क्योंकि याहवेह, इस्राएल के परमेश्वर ने सारे यरोबोअम परिवार से सिर्फ उसी में कुछ भला पाया है.

[14] “इसके अलावा आज ही याहवेह अपने लिए इस्राएल में से एक राजा पैदा करेंगे, जो यरोबोअम के परिवार को आज ही हमेशा के लिए मिटा देगा.

[15] इसके बाद याहवेह इस्राएल पर वैसा ही वार करेंगे, जैसा जल में सरकंडा. वह इस समृद्ध भूमि पर से इस्राएल को उखाड़कर छोड़ेंगे—उस भूमि पर से, जो उन्होंने उनके पूर्वजों को दी थी. वह उन्हें फरात नदी के पार तक बिखरा देंगे, क्योंकि उन्होंने अशेरा खंभे गढ़ कर याहवेह को क्रोधित कर दिया है.

[16] यरोबोअम द्वारा किए गए पापों के कारण वह इस्राएल को छोड़ देंगे, वे पाप काम जो खुद उसने किए और जिनके द्वारा उसने इस्राएल को पाप करने लिए उकसाया.”

[17] तब यरोबोअम की पत्नी वहां से विदा हो गई और अपने नगर तिरज़ाह पहुंची. उसने अपने घर की डेवढ़ी पर पैर रखा ही था कि उसके पुत्र ने प्राण त्याग दिए.

[18] सारे इस्राएल ने उसका अंतिम संस्कार किया, उसके लिए विलाप किया, ठीक जैसा याहवेह ने अपने सेवक नबी अहिजाह के द्वारा कहा गया था.

[19] यरोबोअम के बाकी काम यानी उसने युद्ध कैसे किया और उसने किस प्रकार शासन किया, इनका ब्यौरा इस्राएल के राजाओं की इतिहास नामक पुस्तक में लिखा है.

[20] यरोबोअम का पूरा शासनकाल बाईस साल का हुआ. वह अपने पूर्वजों के साथ हमेशा के लिए सो गया. उसकी जगह पर उसका पुत्र नादाब राजा बना.

[21] इस समय यहूदिया का शासक था शलोमोन का पुत्र रिहोबोयाम. जिस समय उसने शासन शुरू किया, उसकी उम्र एकतालीस साल की थी. येरूशलेम में उसने सत्रह साल शासन किया. येरूशलेम वह नगर है, जिसे याहवेह ने सारे इस्राएल में से इसलिये चुना, कि वह इसमें अपनी महिमा करें. उसकी माता का नाम था नामाह जो अम्मोनी थी.

[22] यहूदिया प्रदेश ने वह किया, जो याहवेह की नज़रों में गलत था. उन्होंने अपने पापों के द्वारा याहवेह में इतनी जलन पैदा कर दी, जितनी उनके किसी भी पूर्वज ने कभी न की थी.

[23] उन्होंने भी अपने लिए पूजा की जगह, हर एक ऊंची पहाड़ी और हर एक घने पेड़ के नीचे पूजा-स्तम्भ और अशेराह के खंभे बनवाए थे.

[24] देश में पुरुषगामियों के लिए पुरुष वेश्या भी मंदिरों में रखे गए थे. ये सब उन सारे घृणित कामों में संलग्न थे, जो उन देशों में किए जाते थे, जिन्हें याहवेह ने इस्राएल के सामने से भगा दिया था.

[25] राजा रिहोबोयाम के शासनकाल के पांचवें साल में मिस्र के राजा शिशाक ने येरूशलेम पर हमला कर दिया.

[26] उसने याहवेह के भवन से और राजघराने में से सारा कीमती सामान लूट लिया. वह सभी कुछ अपने साथ ले गया, यहां तक कि शलोमोन द्वारा गढ़ी गई सारी सोने की ढालें भी.

[27] तब राजा रिहोबोयाम ने उनकी जगह पर कांसे में गढ़ी गई ढालें वहां रख दीं. इनकी जवाब-दारी रिहोबोयाम ने राजघराने के पहरेदारों के प्रधान को सौंप दी.

[28] तब रीति यह बन गई कि जब-जब राजा याहवेह के भवन को जाता था, पहरेदार ये ढालें लेकर चलते थे और राजा के वहां से लौटने पर इन्हें पहरेदारों के कमरों में दोबारा रख दिया जाता था.

[29] रिहोबोयाम के बाकी काम और उसके सारे कृत्य यहूदिया के राजाओं की इतिहास नामक पुस्तक में लिखे हैं.

[30] रिहोबोयाम और यरोबोअम हमेशा ही आपस में युद्ध करते रहे.

[31] रिहोबोयाम अपने पूर्वजों के समान हमेशा के लिए सो गया. उसे उसके पूर्वजों के साथ दावीद के नगर की कब्र में रखा गया. उसकी माता का नाम नामाह था. वह अम्मोनी थी. उसके स्थान पर उसका पुत्र अभियाम राजा बना.

1 राजा — Chapters