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[1] जहां यरोबोअम धूप जलाने के लिए वेदी के पास खड़ा था, वहां ऐसा हुआ कि याहवेह के आदेश पर परमेश्वर का एक दूत यहूदिया से बेथ-एल आया,

[2] याहवेह के आदेश पर इस व्यक्ति ने वेदी से कहा, “वेदी, ओ वेदी! यह संदेश याहवेह का है ‘यह देखना कि दावीद के वंश से एक पुत्र उत्पन्न होगा, जिसका नाम होगा योशियाह. वह तुझ पर पूजा घरों के लिए ठहराए गए पुरोहितों को बलि चढ़ा देगा, जो पुरोहित आज तुझ पर धूप जला रहे हैं, तुझ पर मनुष्यों की हड्डियां जलाई जाएंगी.’ ”

[3] उसने उसी दिन उन्हें एक चिन्ह भी दिया. “यह वह चिन्ह है, जो याहवेह द्वारा दिया गया है, देख लेना कि यह वेदी फट जाएगी और इस पर की इकट्ठा चर्बी की राख नीचे आ पड़ेगी.”

[4] जब राजा ने परमेश्वर के दूत के ये शब्द सुने, जो उसने बेथ-एल में बनी वेदी के बारे में कहे थे, वेदी के पास खड़े यरोबोअम ने हाथ बढ़ाते हुए यह कहा: “पकड़ लो उसे!” परमेश्वर के दूत की ओर बढ़ाया हुआ उसका हाथ सूख चुका था, वह उसे दोबारा अपनी ओर खींच न सका.

[5] दूसरी ओर वेदी भी फट चुकी थी और वेदी की चर्बी की राख भूमि पर जा पड़ी थी. परमेश्वर के दूत ने याहवेह की ओर से यही भविष्यवाणी की थी.

[6] इस पर राजा ने परमेश्वर के दूत से बिनती की, “कृपया याहवेह अपने परमेश्वर से दोहाई देते हुए यह विनती कीजिए, कि मेरा यह हाथ पहले के जैसा हो जाए.” तब परमेश्वर के दूत ने याहवेह की दोहाई दी और राजा का वह हाथ पहले के समान ही हो गया.

[7] तब राजा ने परमेश्वर के दूत से कहा, “आप मेरे साथ मेरे घर आने की कृपा करें और वहां अपना जी ठंडा करें. मैं आपको उपहार भी दूंगा.”

[8] परमेश्वर के दूत ने राजा को उत्तर दिया, “यदि आप मुझे अपना आधा राज्य भी दे दें, मैं न तो आपके घर जाऊंगा और न मैं इस स्थान पर खाना खाऊंगा और न ही पानी पियूंगा,

[9] क्योंकि याहवेह की ओर से उसे यही आदेश मिला था. ‘न तुम वहां कुछ खाओगे-पीओगे और न उस मार्ग से लौटेंगे, जिससे तुम वहां गए थे.’ ”

[10] इसलिये वह जिस मार्ग से बेथ-एल आया था, उससे नहीं बल्कि दूसरे मार्ग से घर लौट गया.

[11] बेथ-एल में एक बूढ़ा नबी था. उसके पुत्रों ने लौटकर बेथ-एल में परमेश्वर के दूत से संबंधित सारी घटना का हाल सुना दिया और वे सारी बातें भी, जो उसके द्वारा राजा के लिए की गई थी.

[12] उनके पिता ने उनसे पूछा, “किस रास्ते से लौटा है वह?” उसके पुत्रों ने उसे बता दिया कि वह कि परमेश्वर का दूत, जो यहूदिया से आया था, उसी रास्ते से लौटा था.

[13] उस बूढ़े नबी ने अपने पुत्रों को आदेश दिया, “मेरे लिए गधे पर काठी कसो.” तब उन्होंने पिता के लिए गधे पर काठी कस दी और वह बूढ़ा नबी उस पर बैठकर चला गया.

[14] उसने परमेश्वर के दूत का मार्ग लिया और उसे एक बांज वृक्ष की छाया में बैठा पाया. उसने उससे पूछा, “क्या तुम्हीं यहूदिया से आए हुए परमेश्वर के दूत हो?” उसने उत्तर दिया, “जी हां.”

[15] तब उस प्राचीन नबी ने उससे कहा, “मेरे साथ मेरे घर चलकर भोजन कर लो.”

[16] परमेश्वर के दूत ने उत्तर दिया, “मैं आपके साथ नहीं जा सकता. न तो मैं आपके साथ लौट सकता हूं, न ही मैं इस स्थान में आपके साथ कुछ खा-पी सकता हूं;

[17] क्योंकि याहवेह की ओर से मुझे यह आदेश मिला है, ‘तुम वहां न तो कुछ खाओगे-पीओगे और न इस मार्ग से लौटेंगे, जिस मार्ग से तुम वहां गए थे.’ ”

[18] बूढ़े नबी ने उसे उत्तर दिया, “मैं भी तुम्हारे ही समान एक नबी हूं. याहवेह की ओर से एक स्वर्गदूत ने मुझसे कहा, ‘उसे लौटाकर अपने घर ले आओ, कि वह भोजन कर सके.’ ” मगर यह झूठ था.

[19] तब परमेश्वर का वह दूत उस वृद्ध नबी के साथ नगर में लौट गया और उसने उसके घर पर भोजन किया और पानी पिया.

[20] जब वे भोजन के लिए बैठे ही थे, उस बूढ़े नबी को, जो उसे लौटा लाया था, याहवेह का संदेश मिला

[21] और उसने यहूदिया से आए हुए परमेश्वर के दूत से दृढ़तापूर्वक कहा, “यह याहवेह का संदेश है इसलिये कि तुमने याहवेह के आदेश का पालन नहीं किया है, और उनके निर्देशों का पालन नहीं किया है, जो याहवेह तुम्हारे परमेश्वर ने तुम्हें दिए थे,

[22] बल्कि तुम लौट गए और तुमने उस स्थान में भोजन किया और पानी पिया है, जिसके बारे में मैंने तुमसे कह दिया था, ‘वहां न तो भोजन करना और न जल पीना, तुम्हारे शरीर को तुम्हारे पूर्वजों के साथ मिट्टी न मिलेगी.’ ”

[23] जब परमेश्वर के दूत ने भोजन कर लिया और जल पी लिया, बूढ़े नबी ने उस नबी के लिए, जिसे वह यात्रा से लौटा लाया था, गधे पर काठी कसी.

[24] जब वह नबी कुछ दूर पहुंचा, उसे मार्ग में एक शेर मिला, जिसने उसे मार डाला. उसका शव रास्ते में ही पड़ा रहा. गधा उस शव के पास खड़ा रह गया. सिंह भी शव के ही पास खड़ा रहा.

[25] वहां से जाते हुए यात्रियों ने यह दृश्य देखा: शव मार्ग पर पड़ा था और सिंह शव के निकट खड़ा हुआ था. उन्होंने उस नगर में जाकर यह समाचार दे दिया, जहां वह बूढ़ा नबी रहता था.

[26] जब उस नबी ने, जो उसे यात्रा से लौटा लाया था, यह समाचार सुना, उसने यह घोषणा की, “यह परमेश्वर का वही दूत है, जिसने याहवेह की आज्ञा टाली थी, इसलिये याहवेह ने उसे शेर के अधिकार में कर दिया कि शेर उसे फाड़कर मार डाले. यह ठीक वैसा ही हुआ, जैसा याहवेह ने उससे कहा था.”

[27] तब उसने अपने पुत्रों को आदेश दिया, “मेरे जाने के लिए गधे पर काठी कसो.” उन्होंने गधे पर काठी कस दी.

[28] बूढ़ा नबी गया और पाया कि उसका शव मार्ग में पड़ा हुआ था और गधा और सिंह शव के पास खड़े हुए थे. शेर ने न तो शव को खाया था और न ही उसने गधे को फाड़ डाला था.

[29] नबी ने परमेश्वर के दूत के शव को गधे पर लादा और नगर लौट आया, कि उसके लिए विलाप करके उसका अंतिम संस्कार किया जाए.

[30] उसने उसके शव को अपने लिए तैयार की गई कब्र में रखा. लोगों ने उसके लिए यह कहते हुए विलाप किया, “हाय, मेरे भाई!”

[31] उसे कब्र में रखने के बाद उसने अपने पुत्रों से कहा, “जब मेरी मृत्यु होगी, मुझे भी इसी कब्र में रखना, जिसमें परमेश्वर का यह दूत रखा गया है; मेरी हड्डियां उसी की हड्डियों के पास रख देना,

[32] क्योंकि यह तो तय है कि वह सभी कुछ होगा, जो याहवेह के संदेश के अनुसार बेथ-एल की वेदी और शमरिया के नगरों में पूजा की सभी जगहों में बने सभी घरों के संबंध में उसने दृढ़तापूर्वक कहा था.”

[33] यह सब होने पर भी यरोबोअम अपने गलत कामों से न फिरा. उसने पूजा की जगहों के लिए अपनी सारी प्रजा में से पुरोहित चुने. जो कोई भी पुरोहित का पद चाहता था, वह उसे पूजा की जगहों के पुरोहित होने के लिए अभिषिक्त कर देता था.

[34] यह नीति यरोबोअम के परिवार के लिए पाप हो गई, यही यरोबोअम के वंश का पृथ्वी पर से विनाश का कारण हो गया.

1 राजा — Chapters