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[1] साऊल स्तिफनुस क कतल ठीक बताएस। उहइ दिना स यरुसलेम क कलीसिया प घोर अत्याचार होब सुरू भवा प्रेरितन क तजिके उ पते सबहिं मनइयन यहूदिया अउर सामरिया क गाउँ मँ तितराइ-बितराइके फैलि गएऩ। कछू भगत लोग स्तिफनुस क गाड़ दिहन अउर ओकरे बरे बहोत दुःख मनाएन। साऊल कलीसिया क बरबाद करब सुरू कइ दिहेस। उ घर-घर जाइके स्त्रियन अउर पुरूसन क घेर्रावत भवा जेल मँ धाँधइ लाग।

[4] ओहर तितराए बितराए मनई हर ठउरे प जाइके नीक खबर क सुसामाचार देइ लागेन।

[5] फिलिप्पुस सामरिया नगर क चला गवा अउर हुवाँ मनइयन मँ मसीह क बारे मँ प्रचार करइ लाग।

[6] फिलिप्पुस क मनइयन जब सुनेन अउर जउन अद्भुत चीन्हन क उ परगट करत रहा, लखेस, तउ जउऩ बातन क उ बतावा करत रहा, ओन पइ उ पचे एक चित्त लाइके धियान दिहेन।

[7] बहोत स मनइयन मँ स, जेनमाँ दुस्ट आतिमा समाई रहिन, उ सबई ऊँच अवाजे मँ चिल्लात भइ बाहेर निकरि आइन। बहोत स सुखाड़ी क बेरिमिया अउर अंग भंग नीक होत रहेन।

[8] उ सहर मँ खुसी छाइ रही।

[9] हुवँइ समौन नाउँ क मनई रहत रहा। फिलिप्पुस क अवाई स पहिले उ ढेर समइ स उ सहर मँ जादू टोटका करत रहा। अउर सामरिया क मनइयन क अचरज मँ डाइ देत रहा। उ महा पुरूख होइ क दावा करत रहा।

[10] नान्ह स लइके बड़वारे तलक सबहिं मनइयन ओकरे बात प धियान देतेन अउर कहत रहतेन, “इ मिला परमेस्सर क उहइ सक्ती बा जउन ‘महान सक्ती’ कहवावत ह!”

[11] काहेकि उ ढेर दिनन स ओन पचन्क आपन चमत्कारन क घनचक्कर मँ नाइ देत रहा, यह बरे उ पचे ओह पइ धियान देत रहेन।

[12] मुला उ पचे जब फिलिप्पुस प पतिमानेन काहेकि उ ओनका परमेस्सर क राज्य क सुसामाचार अउर ईसू मसीह क नाउँ बाँचत रहा, तउ उ पचे स्त्रियन अउर पुरूसन दुइनउँ ही बपतिस्मा लेइ लागेन।

[13] अउर खुद समौन ही ओन पइ पतियाइ लाग। अउर बपतिस्मा लेइ क पाछे फिलिप्पुस क संग उ बड़े निचके स बसइ लाग। उ अद्भुत कारजन अउर अद्भुत चीन्हन क जब उ लखेस, तब दंग रहि गवा।

[14] जब यरूसलेम मँ प्रेरितन इ सुनेन कि सामरिया क मनइयन परमेस्सर क बचन क मान लिहे अहइँ तउ उ पचे पतरस अउर यूहन्ना क ओनके लगे पठएन।

[15] जबहिं उ पचे आएऩ, तब उ दुइनउँ सामरियन बरे पराथना किहेन कि ओनका पवित्तर आतिमा मिलि जाइ।

[16] काहेकि अबहुँ तलक पवित्तर आतिमा कउनो प नाहीं ओतरी, ओनका फिन पर्भू ईसू क नाउँ प बपतिस्मा हि दीन्ह गवा रहा।

[17] तउ पतरस अउर यूहन्ना ओन पइ आपन हाथ धरेस अउर ओनका पवित्तर आतिमा मिलि गइ।

[18] जब समौन लखेस कि प्रेरितन क हाथ धरे भइ स पवित्तर आतिमा मिलि गइ तउ ओनके समन्वा धन धरत भवा कहेस,

[19] “इ सक्ती मोका दइ द्या काहेकि जेह पइ मइँ हाथ धरउँ, ओका पवित्तर आतिमा मिलि जाइ।”

[20] पतरस ओसे कहेस, “तोहार अउर तोहरे धने क सतियानास होइ! काहेकि तू इ बिचार्या ह कि तू धने स परमेस्सर क बरदान क मोल लइ सकत ह।

[21] इ बारे मँ तोहार हमार मेल नाहीं खात काहेकि परमेस्सर क समन्वा तोहार हिरदय सही नाहीं बा।

[22] यह बरे आपन इ दुस्टता बरे मनफिराव अउर आपन कुकरम प पछतावा करा अउर पर्भू स पराथना करा। इ होइ सकत ह कि इ बिचार बरे तोहका छमा कइ दीन्ह जाइ जउन तोहरे मने मँ रहा।

[23] मइँ लखत हउँ कि तू परिहँसे स भरा अहा अउर पाप क पंजा मँ फँसा बाट्या।”

[24] यह पइ समौन जवाब दिहेस, “तू पर्भू स मोरे बरे पराथना करा काहेकि तू जउन कहया ह, ओहमाँ स कउनो भी बात मोह प न आइ जाइ!”

[25] फिन प्रेरितन साच्छी दइके अउर पर्भू क बचन सुनाइके, राहे मँ टेर क सामरी गाँवन मँ सुसामाचार क उपदेस देत भएन यरूसलेम लौटि गएऩ।

[26] पर्भू क एक सरगदूत फिलिप्पुस क कहत भवा बताएस, “तइयार होइ जा, अउर सरक प दक्खिन कइँती जा, जउन सरक यरूसलेम स गाजा क जात ह। इ एक निर्जन राह अहइ।”

[27] तउ उ तइयार भवा अउर निकरि गवा। सरक पइ इथियोपिया क मनई क लखेस। उ हिजरा रहा। इथियोपियन क रानी कंदाके क एक अधिकारी रहा जउन ओकरे सारा खजाना क खजांची रहा। उ आराधना करइ यरूसलेम गवा रहा।

[28] लउटत भवा उ आपन रथे मँ बैठिके नबी यसायाह क पोथी बाँचत रहा।

[29] तबहिं उ आतिमा फिलिप्पुस स कहेस, “उ रथे क निचके जा अउर हुवँइ ठहर जा।”

[30] फिलिप्पुस जब उ रथे क निचके दौड़िके गवा तउ उ ओका यसायाह क पढ़त भवा लखेस। तउ उ कहेस, “का तू जेका बाँचत अहा, ओका बूझत भी बाट्या?”

[31] उ कहेस, “मइँ भला कहाँ तलक समुझ बूझ सकत हउँ? जब तलक कउनो मोका एकर अरथ न बतावइ?” फिन उ फिलिप्पुस क ऱथे प आपन संग बइठाएस।

[32] पवित्तर सास्तर क जउन हींसा क उ बाँचत रहा, उ रहा: “उ भेंड़ क नाई जप कइ दीन्ह बरे लइ जावा जात रहा उ ओ मेम्ना क नाई चुप रहा जउन आपन उन क कतरइवाला क समन्वा चुप रहत ह। ठीक वइसे ही उ आपन मुँह खोलेस नाहीं।

[33] अब अइसी दीन दसा मँ ओका निआव स दुरिआवा गवा। ओकरी पीढ़ी क कबहँ गाथा कउन गाई? काहेकि धरती स तउओकर जिन्नगी लइ लीन्ह गइ।”

[34] उ अधिकारी फिलिप्पुस स कहेस, “अनुग्रह कइके बतावा कि इ नबी केकर बारे मँ कहत बाटइ? इ आपन बारे मँ या कउनो अउर क बारे मँ?”

[35] फिन फिलिप्पुस कहब सुरू किहेस अउर इ सास्तर स लइके ईसू क सुसामाचार तलक सब कछू ओका कहिके सुनाएस।

[36] रस्ता मँ आगे बढ़त भए उ सबइ पानी क निचके पहुँचेन। फिन उ अधिकारी कहेस, “लखा! हिआँ पानी बाटइ। अब मोका बपतिस्मा लेइ मँ का बियाधा अहइ?”

[37]

[38] तब उ रथे क रोकइ बरे आग्या दिहेस। फिन फिलिप्पुस अउर उ अधिकारी दुइनउँ ही पानी मँ उतरि गएन अउर फिलिप्पुस ओका बपतिस्मा दिहेस।

[39] अउर फिन जब उ पचे पानी स बाहेर निकसेन तउ फिलिप्पुस क पर्भू क आतिमा छीन लइ गवा। अउर उ अधिकारी फिन ओका कबहुँ नाहीं लखेस। ओहर उ अधिकारी खुसी मनावत आपन राहे प चला गवा।

[40] ओह कइँती फिलिप्पुस खुद क असदोद मँ पाएस अउर कैसरिया पहोंच तलक उ सब नगरन मँ सुसमाचार प्रचार करत रहा।

प्रेरितन क काम — Chapters