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[1] हे थियुफिलुस, मइँ आपन पहिली किताबे मँ ओन सबइ कामे क बारे मँ लिखेउँ ह जेका सुरू स ईसू किहेस ह अउर

[2] उ दिना तलक उ प्रेरितन क जेनका उ चुनेस जब ताई उ पवित्तर आतिमा क आदेस क अऩुसार उ सरगे मँ ऊपर नाहीं उठाइ लीन्ह गवा।

[3] आपन मउत क पाछे उ आपन क ठोस प्रमाण लइ के ओनके समन्वा परगट भवा कि उ जिअत बा। उ चालीस दिना तलक ओनके अगवा परगट होत रहा अउर परमेस्सर क राज्य क बारे मँ ओनका बतावत रहा।

[4] फिन एक दाई ओनके संग खइया क खात रहा तउ उ ओनका हुकुम दिहेस, “यरूसलेम क जिन तजा अउर मुला जेकरे बारे मँ तोसे कह्यों कि, परमपिता क सपथ पूरा होइ तलक जोहत रहा।

[5] काहेकि यूहन्ना तउ पानी स बपतिस्मा दिहेस, मुला अब तनिक दिना क पाछे पवित्तर आतिमा स बपतिस्मा दीन्ह जाइ।”

[6] तउ जब उ प्रेरितन आपुस मँ भेंटेन, उ पचे पूछेन, “पर्भू! का तू इहइ समइ प इस्राएल क राज्य क फिनस लिआइ देब्या?”

[7] उ ओनसे कहेस, “उ बेलन या तिथियन क जानब तोहार काम नाहीं, जेका परमपिता खुद आपन अधिकार स तय किहे अहइ।

[8] मुला जब पवित्तर आतिमा तोह प आइ, तोहका सक्ती मिलि जाइ। अउर यरुसलेम मँ, समूचइ यहूदिया अउर सामरिया मँ अउर धरती क छोर तलक तू पचे मोर साच्छी होब्या।”

[9] ऍतना कहे क पाछे ओनकइ लखत लखत ओका सरगे मँ ऊपर उठाइ लीन्ह गवा अउर फिन एक बादर ओका आँखी स ओझल कइ दिहेस।

[10] जब उ जात रहा तउ पचे आँखी पसारि के ओका निहारत रहेन। तबहिं फउरन सफेद कपड़ा पहिरिके दुइ मनई ओकरे समन्वा आइके ठाड़ भएन।

[11] अउर बोलेन, “अरे गलीली मनइयो। तू पचे हुवाँ ठाड़ भवा टकटकी काहे लगाए बाट्या? इ ईसू तोहरे बीच स सरगे मँ ऊपर उठाइ लीन्ह गवा, जइसे तू ओका सरगे मँ जात देख्या, वइसे ही उ फिन वापिस लौटि आई।”

[12] फिन उ प्रेरितन जैतून नाउँ क पर्वत स, यरूसलेम लौटि आएन जउन यरुसलेम स कउनो एक किलोमीटर दूर रहा।

[13] अउर हुवाँ पहुँचिके ऊपर क उ कमरा मँ गएन जहाँ उ पचे ठहरा रहेन। इ पचे रहेन-पतरस, यूहन्ना, याकूब, अन्द्रियास, फिलिप्पुस, थोमा, बरतुलमै अउर मत्ती, हलफई क बेटवा याकूब, समौन जेलोतेस अउर याकूब क बेटवा यहूदा।

[14] ऍनके संग कछू स्त्रियन, ईसू क महतारी मरियम अउर ईसू क भाई भी रहेन। इ सबइ आपन क एक संग पराथना मँ चित लगाए राखत रहेन।

[15] फिन इ दिनन मँ पतरस भाई-बन्द क बीच खड़ा होइके, जेकर गनती कउनो एक सउ बीस रही, कहेस,

[16] “मोरे भाइयो, ईसू क गिरफतार करावइ वाले मनइयन क अगुआ यहूदा क बारे मँ, पवित्तर सास्तर कउ लेख जेका दाऊद आपन मुँहे स पवित्तर आतिमा बहोत पहिले ही कहे रही, ओकर पूर होब जरूरी रहा। उ हम पचन मँ गना गवा रहा अउर इ सेवा मँ ओकर हाथ रहा।”

[18] (इ मनई जउन धन ओका ओकरे नीचपना क कामे बरे मिला रहा, उ धने स एक ठु खेत मोल लिहेस मुला उ पहिले तउ मूँड़े क बल भहरान अउर फिन बदन फाटि गवा अउर ओकर अँतड़ी बाहेर निकरि आइ।

[19] अउर सबइ यरूसलेम क बसइयन क एकर पता लग गवा। य़ह बरे ओनकइ भाखा मँ उ खेत क हक्लदमा कहा गवा जेकर अरथ अहइ “लहू क खेत।”)

[20] पतरस कहेस, “काहेकि भजन संहिता मँ इ लिखा बा, ‘ओकर घर उजरि जाइ अउर ओहमाँ रहइ क कउनो नाँ बचइ।’ अउर, ‘ओकर, मुखियई कउनो दूसर मनई लइ लेइ।’

[21] “यह बरे इ जरुरी अहइ कि जब पर्भू ईसू हमरे बीच रहा तउ जउन मनइयन हमरे संग सदा रहेन, ओहमाँ स कउनो एक क चुना जाए। कहइ क मतलब उ समइ स लइके जब स यूहन्ना मनइयन क बपतिस्मा देब सरू किहेस अउर जब तलक ईसू क हमरे बीच स उठइ लीन्ह गवा रहा। इ मनइयन मँ स कउनो एक क ओकरे फिन स जी उठइ क महरे संग साच्छी होइ चाही।”

[23] यह बरे उ पचे दुइ मनई न नाउँ दिहेन। एक यूसुफ जेका बरसबा कहा जात रहा। (यूसतुस ऩाउँ स जाना जात रहा) अउर दूसर मत्तियाह।

[24] फिन उ पचे इ कहत भवा पराथना करइ लागेन, “पर्भू! तू सबहि क मनवा क जानत ह, हमका बतावा कि इ दुइनउँ मँ स तू केका चुन्या ह।

[25] जउऩ एक प्रेरित क तरह सेवा करइ बरे इ ओहदा क लइ लेई जेका आपन ठउर पर जाइ बरे ओहदा छोड़िके चला गवा रहा!”

[26] फिन उ पचे एकरे बरे पर्ची नाएन अउर पर्ची मत्तियाह क नाउँ क निकरी। इ तरह गियारह प्रेरितन क दल मँ गना गवा।

प्रेरितन क काम — Chapters