Skip to content
Opens in a new window
Listen to this chapter • 8:00

[1] फिन महायाजक कहेस, “का इ बात अइसे ही अहइ?”

[2] उ जवाब दिहस, “भाइयो, अउर बाप क समान बुजुर्गन, मोर बात सुना। हारान मँ बसइ स पहिले अबहिं जब हमार बाप इब्राहीम मेसोपोटामिया मँ रहा, तउ महिमा वाला परमेस्सर ओका दर्सन दिहेस

[3] अउर कहेस, ‘आपन देस अउर आपन रिस्तेदारन क तजिके तू उ धरती प चला जा, जेका तोहॅका मइँ देखॅउब।’

[4] “तउ उ कसदियन क धरती क तजिके हारान मँ बसि गवा जहाँ ते ओकरे पिता क मउत क पाछे परमेस्सर ओका इ देस मँ आवइ क न्योतेस जहाँ तू पचे अबहिं रहत बाट्या।

[5] परमेस्सर हियाँ ओका हेबानामा मँ कछू नाहीं दिहस, डग भइ धरती भी नाहीं। तउ भी ओकरे कउनो पूत नाहीं रहा फिन परमेस्सर ओसे प्रतिग्या किहेस इ देस उ ओका अउर ओकरे बंसज क ओकरी दौलत क तरह देइ।

[6] “परमेस्सर ओसे इ भी कहेस, ‘तोहार बंसज कहूँ विदेस मँ परदेसी होइके रइहीं अउर चार सौ बरिस ताई ओका नउकर बनइके, ओनके संग बहोत बुरा बर्ताव कीन्ह जाइ।’

[7] परमेस्सर कहेस, ‘दास बनइवइवाली उ राष्ट्र क मइँ सजा देब अउर ऍकरे पाछे उ पचे देस स बाहेर आइ जइहीं अउर इ स्थान प मोर सेवा करिहीं।’

[8] “परमेस्सर इब्राहीम क खतना क चीन्हा स करार किहेस। अउर उ इ तरह इसहाक क पिता बना। ओकरे जनम क पाछे अठएँ दिन उ ओकर खतना किहेस। फिन इसहाक स याकूब अउर याकूब स बारहु कुल क पहिला मनई पइदा भएऩ।

[9] “उ पचे पहिलउ मनइयन यूसुफ स जलन राखत रहेन। तउ उ पचे ओका मिस्र मँ दास बनवइ बरे बेंच दिहेन। मुला परमेस्सर ओनके संग रहा।

[10] अउर उ ओका सबहिं मुसीबतन स बचाएस। परमेस्सर यूसुफ क गियान दिहेस अउर ओका इ जोग्ग बऩएस जेसे उ मिस्र क राजा फिरौन क अनुग्रह पात्र बन जाइ। फिरौन ओका मिस्र क राज्यपाल अउर आपन घर-बार क अधिकारी तैनात किहेस।

[11] फिन समूचइ मिस्र अउर कनान देस मँ अकाल पड़ा अउर बड़ा संकट छाइ गवा। हमार पूर्वजन खाइ क कछू नाहीं पाइ सकेन।

[12] “जब याकूब सुनेस कि मिस्र मँ अनाज अहइ, तउ उ हमरे पूर्वजन क हुवाँ पठएस इ पहिला मौका रहा।

[13] ओनकइ दूसर जात्रा क मौका पइ यूसुक आपन भाइयन क बारे़ मँ बताएस अउर तब्बइ फिरौन क भी यूसुफ क परिवार क जानकारी मिली।

[14] तउ यूसुक आपन पिता याकूब अउर परिवार क सबहि लोगन्क, जउन कुल मिलाइके पचहतन रहेन, बोलवाइ पठएस।

[15] तब याकूब मिस्र आइ गवा अउर उ हुवाँ वइसे ही प्राण तजेस जइसेन हमार पूर्वजन हुवाँ प्राण तजे रहेन।

[16] ओनकइ ल्हास हुवाँ स सेकम लइ जावा गएन जहाँ ओनका मकबरा मँ दफनाइ दीन्ह गवा। इ उहइ मकबरा रहा जेका इब्राहीम हमोर क बेटहनन स कछू चान्दी दइके खरीदे रहा।

[17] “जब परमेस्सर क इब्राहीम क जउन बचन दिहे रहा, ओका पूरा होइ क समइ नगिचे आवा तउ मिस्र मँ हमरे मनइयन क गनती बहोत जिआदा होइ गइ।

[18] आखिर मँ मिस्र प एक अइसे राजा क राज्य भवा जउऩ यूसुफ क नाहीं जानत रहा।

[19] उ हमरे मनइयन क छलेस अउर उ हमरे पूर्वजन क निर्दय होइके मजबूर किहेस कि उ पचे आपन गदेलन क बाहेर मरइ क छोरि देइँ जेहसे उ सबइ जिन्दा न रहि पावइँ।

[20] “उहइ समइ मूसा क जन्म भवा। उ बहोत सुन्नर लरिका रहा। उ तीन महीना भर आपन पिता क घर मँ पलत भवा बाढ़त रहा।

[21] फिन जब ओका बाहेर छोरि दीन्ह गवा तउ फिरौन क बिटिया ओका आपन बेटवा बनइके उठाइ लइ गइ। उ आपन बेटवा क नाई ओका पालेस पोसेस।

[22] मूसा क पूरंपूर मिस्रयन क ग्यान क सिच्छा दीन्ह गइ। ओकर सामर्थ बोलइ अउर कामे मँ दुइनउँ मँ रहा।

[23] “जब उ चालीस बरिस क भवा तउ उ इस्राएल क बंसज, आपन भाइयन क निअरे जाइके ठान लिहेस।

[24] तउ जब उ एक दाई लखेस कि ओनमाँ स कउनो एक क संग बुरा व्यवहार कीन्ह जात अहइ तउ उ ओका बचाएस अउर मिस्री मनई क मारिके उ दलित मनई क कसर लिहेस।

[25] उ सोचेस कि ओकर भाई बंधु जान जइहीं कि ओनका छोड़ावइ बरे परमेस्सर ओका बइपरत अहइ। मुला उ पचे ओका नाहीं समझ पाएन।

[26] “दुसरे दिना ओहमाँ स (ओकरे आपन मनइयन मँ स) जब कछू मनई झगड़त रहेन तउ उ ओनकइ निअरे पहोंचा अउर इ कहत भवा ओनमाँ बीच-बचाव करइ लाग, ‘तू पचे आपुस मँ भाई-भाई अहा! एक दूसर क संग बुरा बर्ताव काहे करत अहा?’

[27] मुला उ मनई जउन आपन पड़ोसी क संग झगड़त रहा, मूसा क धकियावत भवा कहेस, ‘तोहका हमार राजा अउर न्यायाधीस के बनएस?

[28] जइसे काल्ह तू उ मिस्रि क हत्या कइ दिहे रहा, का तू वइसे ही मोका मारि डावा चाहत ह?

[29] मूसा जब इ सुनेस तउ उ हुवाँ स चला गवा अउर मिदयान मँ एक पड़ोसी क रूप मँ रहइ लाग। हुवाँ ओकरे दुइ बेटवा भएन।

[30] “चालीस बरिस बीते क पाछे सिनाई पहाड़े क लगे रेगिस्तान मँ एक बरत भइ झाड़ी क लपट क बीच ओकरे समन्वा एक सरगदूत परगट भवा।

[31] मूसा जब इ लखेस तउ ओका अचरज भवा। जब अउर जिआदा नगिचे स लखइ बरे उ ओकरे लगे गवा तउ ओका पर्भू क बाणी सुनई पड़ी।

[32] ‘मइँ तोहरे पूर्वजन क परमेस्सर हउँ इब्राहीम, इसहाक अउर याकूब क परमेस्सर हउँ।’ डर स कँपकँपात भवा मूसा कछू निहारइ क हिम्मत नाहीं कइ पावत रहा।

[33] “तबहि पर्भू ओसे कहेस, ‘आपन गोड़वा क पनही उतार द्या काहेकि जउने ठउर प तू खड़ा अहा, उ पवित्तर भुइँया अहइ।

[34] मइँ मिस्र मँ आपन मनइयन क संग दुर्दसा क लखेउँ ह, परखेउँ ह। मइँ ओनका जोर स विलाप करत भवा सुनेउँ ह। ओनका अजाद करइ बरे नीचे उतरेउँ ह। आवा, अब मइँ तोहका मिस्र पठउब।’

[35] “इ उहइ मूसा अहइ जेका उ पचे इ कहत भवा नकारेन, ‘तोहका राजा अउर न्यायकर्ता कउन बनाएस ह?’ इ उहइ अहइ जेका परमेस्सर उ सरगदूत क जरिये, जउन ओकरे बरे झाड़ी मँ परगट भवा रहा, राजा अउर मुक्ति देइवाला होइ बरे पठएस।

[36] उ ओनका मिस्र क भुइँया अउर लाल सागर अउर रगिस्ताने मँ चालीस बरिस ताई बहुत अचरज कारजन करत भवा अउर अद्भुत चीन्हन दखॅावत भवा बाहेर निकारी लइ आवा।

[37] “इ उहइ मूसा अहइ जउन इस्राएल क लोगन स कहे रहा, ‘तोहरे भाइयन मँ स ही तोहरे बरे परमेस्सर एक मोरे जइसा नबी पठइ।’

[38] इ उहइ अहइ जउन वीरान जगह मँ सभा क बीच हमार पूर्वजन अउर उ सरगदूत क साथे मौजूद रहा जउन सीनै पहाड़े प ओसे बात किहेस। मूसा परमेस्सर स जीवित बचन पाएस जउन हमका जिन्नगी देत हीं।

[39] “मुला हमार पूर्वजन ओका मानइ स इनकार कइ दिहेन। ऍतना ही नाहीं, उ पचे ओका नकार दिहन अउर आपन मने मँ फिन उ पचे मिस्र लौटि गएन।

[40] उ पचे हारून स कहे रहेन, ‘हमरे बरे अइसे देवतन क बनावा जउन हम पचन्क राह सोझॉवइ। इ मूसा क बारे मँ जउऩ मिस्र स बाहेर निकारा गवा रहा, हम नाहीं जानित कि ओकरे संग का कछू घटा।’

[41] ओनही दिनन मँ उ पचे बछवा क तरह एक ठु मूरत गढ़ेन। उ मूरत प उ सबइ बलि चढ़ाएन। अउर जेका उ पचे आपन हाथे स चढ़ाएन, ओह पइ आनन्द मनावइ लागेन।

[42] मुला परमेस्सर ओनसे मुँहना मोड़ि लिहस। उ सबन्क अकासे क ग्रह-नछत्र क आराधना करइ बरे छोड़ दीन्ह गवा। जइसा कि नबियन क किताबे मँ लिखा अहइ: ‘ओ इस्राएल क परिवारे क लोगो, का तू पसु बलि अउर दूसर बलि वीरान मँ मोका नाहीं चढ़ावत रह्या? चालीस बरिस तलक।

[43] तू पचे मोलेक क तम्बू अउर आपन देवता रिफान क तारा भी आपन संग लइ गवा रहे। ओन मूरत क भी लइ गवा रहे जेनका तू पचे आराधना करइ बरे बनए रह्या। यह बरे मइँ तोहका बेबिलान स भी परे पठउब।’

[44] “पवित्तर क तम्बू भी उ वीरान मँ हमरे पूर्वजन क संग रहा। इ तम्बू उहइ नमूने प भी बनवा ग रहा जइसा कि मूसा लखे रहा अउर जइसा कि मूसा स बात करवइया बनावइ बरे ओसे कहे रहा।

[45] हमार पूर्वजन ओका पाइके तबहिं हुवाँ स आए रहेन जब यहोसू क अगुअइ मँ उ पचे उ राष्ट्रन स धरती लइ लिहे रहेन जेनका हमरे पूर्वजन क समन्वा परमेस्सर निकारिके खदेरे रहा। दाऊद क समइ तलक हुवाँ उ रहा।

[46] दाऊद परमेस्सर क अहुग्रह क आनन्द उठाएस। उ चाहत रहा कि उ याकूब क परमेस्सर बरे एक ठु मंदिर बनवाइ सकइ।

[47] मुला उ सुलेमान ही रहा जउन ओकरे बरे मंदिर बनवाएस।

[48] “कछू भी होइ परम परमेस्सर हथवा स बना भवन मँ निवास नाहीं करत। जइसा कि नबी कहे अहइ:

[49] ‘प्रभू कहेस, सरग मोर सिंहासन अहइ धरती गोड़वा क चौकी बनी अहइ। कउने तरह क तू बनउब्या मोर घर? अहइ कहूँ अइसी जगह, जहाँ अराम पावउँ?

[50] का सबहिं कछू इ, मोर बनवा नाहीं रहा हाथे का?’”

[51] “अरे हठीले लोग बिना खतना क मन अउर कान वाले जिद्दी मनइयन, तू पचे सदा पवित्तर आतिमा क खिलाफत किहे ह। तू सबइ आपन पूर्वजन जइसा ही अहा!

[52] का कउनो भी अइसा नबी रहा, जेका तोहार पूर्वजन नाहीं सताएन? उ पचे तउ ओनका मारि डाए रह्या। जउन बहोत पहिले स ही उ धर्मी (मसीह) क अवाई क एलान कइ दिहे रहेन, जेका अब तू धोखा दइके पकड़वाइ दिहा अउर मरवाइ डाया।

[53] तू सबइ उहइ अहा जउन सरगदूतन क जरिये दीन्ह गवा व्यवस्था क तउ पाइ लिहा मुला ओह पइ चल्या नाहीं!”

[54] जब उ सबइ इ सुनेन तउ उ पचे किरोध स पगलाइ गएन अउर स्तिफनुस पर दाँत पीसइ लागेन।

[55] मुला पवित्तर आतिमा स भरा स्तिफनुस सरगे कइँती लखत रहा। उ निहारेस परमेस्सर क महिमा क अउर परमेस्सर क दाहिन कइँती खड़ा भवा ईसू क।

[56] तउ उ कहेस, “लखा! मइँ लखत हउँ कि सरग खुला भवा अहइ अउर मनई क पूत परमेस्सर क दाहिन कइँती खड़ा बा!”

[57] एह पइ उ पचे चिचिआत भवा आपन कान ढाँपि लिहेन अउर फिन उ सबइ एक संग टूट पड़ेन।

[58] उ सबइ ओका घेरर्वत भए सहर स बाहेर लइ गएन अउर ओहॅ पइ पाथर बरसावइ लागेन। तबहिं गवाह लोग आपन ओढ़ना उतारि के साऊल नाउँ क एक ठु जवान क गोड़े प धइ दिहेन।

[59] स्तिफनुस प जब स उ पचे पाथर बरसाउब सुरू किहेन, उ इ कहत भवा पराथना करत रहा, “पर्भू ईसू, मोर आतिमा क ग्रहण करा।”

[60] फिन उ घुटना क बल भइराइ गवाँ अउर ऊँचि अवाजे मँ चिल्लान, “पर्भू, इ पाप क ओनकइ खिलाफ जिन ल्या!” ऍतना कहिके उ हमेसा क नींद मँ सोइ गवा।

प्रेरितन क काम — Chapters