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[1] बादशाह ने पूरी सल्तनत के तमाम ममालिक पर साहिली इलाक़ों तक टैक्स लगाया।
[2] उस की तमाम ज़बरदस्त कामयाबियों का बयान ‘शाहान-ए-मादी-ओ-फ़ारस की तारीख़’ की किताब में किया गया है। वहाँ इस का भी पूरा ज़िक्र है कि उस ने मर्दकी को किस ऊँचे उह्दे पर फ़ाइज़ किया था।
[3] मर्दकी बादशाह के बाद सल्तनत का सब से आला अफ़्सर था। यहूदियों में वह मुअज़्ज़ज़ था, और वह उस की बड़ी क़दर करते थे, क्यूँकि वह अपनी क़ौम की बहबूदी का तालिब रहता और तमाम यहूदियों के हक़ में बात करता था।