[1] कर असूल करऽ वला और “पापी” सभ यीशु लग हुनकर शिक्षा सुनबाक लेल जमा भऽ रहल छल।
[2] मुदा फरिसी और धर्मशिक्षक सभ दूसऽ लगलाह जे, “ई तँ पापी सभ केँ स्वागत करैत अछि और ओकरा सभक संग खाइतो अछि।”
[3] तखन यीशु हुनका सभ केँ ई दृष्टान्त देलथिन,
[4] “मानि लिअ जे अहाँ सभ मे सँ ककरो जँ एक सय भेँड़ा होअय और एकटा हेरा जाय, तँ की ओ अपन निनान्नबे केँ बाध मे छोड़ि हेरायल भेँड़ा केँ ताबत धरि नहि तकैत रहत जाबत धरि ओ नहि भेटतैक?
[5] तकरबाद भेटि गेला पर ओ कतेक प्रसन्न होयत! अपना भेँड़ा केँ कान्ह पर उठा कऽ घर चल आओत
[6] और अपन संगी-साथी, पड़ोसी सभ केँ बजा कऽ कहतैक जे, ‘हमरा संग आनन्द मनाउ, किएक तँ हमर हेरायल भेँड़ा भेटि गेल।’
[7] हम अहाँ सभ केँ कहैत छी जे, एहि तरहेँ निनान्नबे एहन धर्मी सभ जे ई बुझैत अछि जे हमरा अपना पापक लेल पश्चात्ताप कऽ हृदय-परिवर्तन करबाक कोनो आवश्यकता नहि अछि, स्वर्ग मे ओकरा सभक अपेक्षा ओहि एक पापीक लेल बेसी आनन्द मनाओल जायत जे अपना पापक लेल पश्चात्ताप कऽ हृदय-परिवर्तन करैत अछि।
[8] “वा मानि लिअ जे कोनो स्त्री केँ दसटा चानीक रुपैया होइक और एकटा हेरा जाइक, तँ की ओ डिबिया लेसि कऽ घर बहारि कऽ ओ रुपैया जा धरि नहि भेटि जयतैक ता धरि बढ़ियाँ जकाँ तकैत नहि रहत?
[9] तकरबाद रुपैया भेटला पर ओ अपन सहेली और पड़ोसी सभ केँ बजा कऽ कहतैक जे, ‘हमरा संग आनन्द मनाउ, किएक तँ हमर हेरायल रुपैया फेर भेटि गेल।’
[10] हम अहाँ सभ केँ कहैत छी जे, एही तरहेँ एकोटा पापी जे अपना पापक लेल पश्चात्ताप कऽ हृदय-परिवर्तन करैत अछि, तकरा लेल परमेश्वरक स्वर्गदूत सभ आनन्द मनबैत छथि।”
[11] यीशु आगाँ कहलथिन, “एक आदमी केँ दूटा बेटा रहनि।
[12] छोटका अपना बाबू केँ कहलकनि, ‘यौ बाबूजी! हमर अंश-सम्पत्ति जे-जतेक होयत, से एखने हमरा बाँटि कऽ दऽ दिअ।’ एहि पर बाबू दूनू बेटा मे अपन धन-सम्पत्ति बाँटि देलथिन।
[13] “किछु दिनक बाद छोटका बेटा अपन सभ धन-सम्पत्ति लऽ कऽ दूर परदेश चल गेल। ओतऽ ओ भोग-विलास मे अपन सभ धन उड़ा लेलक।
[14] ओकर सभ धन खर्च भऽ गेलाक बाद, ओहि देश मे बहुत भारी रौदी पड़लैक, और ओ बड़का विपत्ति मे पड़ि गेल।
[15] तखन ओ ओहि देशक एक आदमीक शरण मे गेल, जे ओकरा अपना खेत मे सुगर चरयबाक लेल पठौलकैक।
[16] ओकरा बड्ड इच्छा भेलैक जे, जे खोंइचा सुगर सभ खा रहल अछि ताहि सँ हम अपनो पेट भरितहुँ, मुदा ओकरा केओ किछु नहि दैत छलैक।
[17] “तखन ओकरा होश अयलैक, और ओ सोचऽ लागल जे, हमर बाबूजीक ओतेक नोकर-चाकर सभ भरि पेट भोजन पबैत अछि, और हम एतऽ भूख सँ मरऽ-मरऽ पर छी।
[18] हम अपना बाबूक ओहिठाम जा कऽ ई कहबनि जे, बाबूजी, हम परमेश्वरक विरोध मे और अहाँक विरोध मे पाप कयने छी।
[19] हम आब अहाँक बालक कहयबा जोगरक नहि छी। अपना नोकर सभ जकाँ हमरो एकटा नोकर मानू।
[20] “एना विचार कऽ कऽ ओ उठल आ अपना बाबूक ओहिठाम जयबाक लेल विदा भऽ गेल। ओ घर सँ दूरे छल कि ओकर बाबू ओकरा चिन्हि गेलथिन और हुनकर हृदय दया सँ भरि गेलनि। ओ दौड़ि कऽ अपना बेटा केँ भरि पाँज पकड़ि ओकरा चुम्मा लेबऽ लगलथिन।
[21] बेटा हुनका कहलकनि, ‘बाबूजी, हम परमेश्वरक विरोध मे और अहाँक विरोध मे पाप कयने छी। हम आब अहाँक पुत्र कहयबा जोगरक नहि छी।’
[22] मुदा पिता अपना नोकर सभ केँ कहलथिन, ‘जल्दी सँ बढ़ियाँ-बढ़ियाँ कपड़ा आनि कऽ एकरा पहिरा दहक, हाथ मे औँठी लगा दहक, पयर मे जुत्ता सेहो पहिरा दहक,
[23] और ओ मोटका पशु जे पोसि कऽ रखने छी, तकरा काटह! हम सभ भोज कऽ कऽ खुशी मनायब,
[24] किएक तँ ई हमर बेटा मरि गेल छल आ फेर जीबि गेल! ई हेरायल छल आ फेर भेटि गेल!’ तकरबाद ओ सभ खुशी मनाबऽ लगलाह।
[25] “ई सभ होइत काल जेठका बेटा खेत मे रहनि। जखन ओ घर लग पहुँचल तँ घर मे नाच-गान सुनलक।
[26] ओ एकटा नोकर केँ बजा कऽ पुछलक, ‘ई की भऽ रहल अछि?’
[27] नोकर कहलकैक, ‘अहाँक भाय अयलाह अछि, आओर अहाँक बाबूजी एहि खुशी मे जे हमर बेटा हमरा फेर सकुशल भेटि गेल अछि, मोटका पशु जे पोसल छलैक, तकरा कटबौलनि अछि।’
[28] “ई सुनि कऽ ओकरा ततेक तामस भेलैक जे ओ भीतरो नहि गेल। बाबूजी ई बात बुझि, बाहर आबि कऽ ओकरा मनाबऽ लगलथिन।
[29] मुदा ओ अपना बाबू केँ उत्तर देलकनि जे, ‘देखू! एतेक वर्ष सँ हम मरि-मरि कऽ अहाँक सेवा कऽ रहल छी, आ कहियो अहाँक बात नहि टारलहुँ। तैयो आइ धरि हमरा संगी सभक संग खुशी मनयबाक लेल एकोटा पठरू तक काटऽ नहि देलहुँ,
[30] मुदा अहाँक ई बेटा वेश्या सभ लग अहाँक सभ धन-सम्पत्ति उड़ा कऽ जखन घर आयल अछि, तँ अहाँ ओकरा लेल पोसल मोटका पशु कटबबैत छी!’
[31] “बाबू कहलथिन, ‘बौआ! अहाँ सभ दिन हमरा संग छी, आ जे-जतेक हमर सम्पत्ति अछि, से सभ अहींक अछि।
[32] मुदा एहि शुभ अवसर पर खुशी तँ मनाबहि पड़ल, किएक तँ ई अहाँक भाय मरि गेल छल आ फेर जीबि गेल, हेरा गेल छल आ फेर भेटि गेल!’ ”