[1] एहिसे हे भाइवन, हम तोहनी से बिनती करऽ ही आउर तोहनी के परभु यीसु में स मझावऽ ही कि जइसे तोहनी हमरा से ठीक चाल चलनाय आउर परमेसर के पस न्न करनाय सि खलहु हे, अउर जइसे तोहनी चलबो करऽ हु, ओइस ही अउरो बढइत जा।
[2] काहेकि तोहनी जानऽ हु कि हम परभु यीसु दन्न से तोहनी के कउन-कउन आग्यां पहुँचय लियो।
[3] काहेकि परमेसर के हिच्छा ई हइ कि तोहनी पवित्तर बनहु: माने बेभिचार से बचल रहु,
[4] अउर तोहनी में हरेक पवित्तरइ आउर आदर जोरे अप्पण मेहरारू के पराप त करनाय जाने,
[5] अउर ई काम हिच्छा से नञ, अउर ऊ जात नियन नञ जे परमेसर के नञ जानय,
[6] कि ई बात में कोइ अप्पण भाइ के नञ ठगे, आउर नञ ओकरा पर दाव चलावे, काहेकि परभु ई सब बात के बदला लेवे वाला हथ; ज इस न कि हम पहिलही तोहनी से कहली आउर चेतावलीयो हल।
[7] काहेकि परमेसर हमनी के असुद्ध होवे ला नञ, बाकि पवित्तर होवे ला बोलय लथी हे।
[8] ई ओज ह से जे एकरा हीन बुझऽ हे, ऊ आमदी के नञ बाकि परमेसर के हीन बुझऽ हे, जे अप्पण पवित्तर आतमा तोहनी के दे हथ।
[9] बाकि भाइचारा के परेम के बारे में ई जरू री नञ कि हम तोहनी भीरी कुछ लिखिअई, काहेकि अपना में परेम रखनाय तोहनी अपनही परमेसर से सीखलहु हे
[10] अउर स ऊँसे मकिदुनिया के सभ भाइवन के जोरे अइसन करतहु हऽ। बाकि हे भाइवन, हम तोहनी के स मझावऽ हियो कि अउरो बढ़इत जा,
[11] अउर ज इस न हम तोहनी के आग्यां देली हे, ओइस ही चुप चाप रहे अउर अप्पण-अप्पण काम-धाम करे आउर अप्पण-अप्पण हाँथा से कमावे के जतन करहु
[12] जेसे बाहिर वाला से आदर मिले, अउर तोहनी के कोइ चीज के कमी नञ होय।
[13] हे भाइवन, हम नञ चाहऽ हियो कि तोहनी उनकरा बारे में जे सुतइत हथ, अनजान रहु अइसन नञ हो कि तोहनी दोस रा नियर दुख करहु जिनका आसा नञ।
[14] काहेकि जे हम बिसवास करऽ ही कि यीसु मरलथी आउर जीयो उठलथी, त ओहस ही परमेसर ओस नियो के जे यीसु में सुत गेल हथ, उनकरे जोरे ले अय तथी।
[15] काहेकि हम परभु के बचन के मोताबिक तोहनी से ई कहऽ हियो कि हम जे जि न्दा ही अउर परभु के आवे तक बचल रहबइ, सुतल से कहियो आगू नञ बढ़बई।
[16] काहेकि परभु अपनही सरग से उतरतथी; तखनी ललकार, अउर परधान दूत के आवाज सुनाइ देतइ, अउर परमेसर के तुरही पूफँकल जयतई, अउर जे मसीह में मरल हथ, ओ पहिले जी उठतथी।
[17] तब हम जे जि न्दा आउर बचल रहबइ उनकरा जोरे हवा में परभु से मिले बादर पर उठा लेवल जयबइ कि हवा में परभु से मिलिअई अउर ई तरे हम हरमेसा परभु के ज उरे रहबई।
[18] ई तरे ई बात से एक दोस रा के सानि्त देल करहु।