[1] एहिसे जब हमरा से आउर नञ रहल गेलइ, त हम सोंचलिअई कि एथोन्स में अकेले रह जयअई
[2] अउर हम तीमुथिायुस के, जे मसीह के सुभसमाचार में अप्पण भाइ आउर परमेसर के सेवक हइ, एहिसे पेठाय ली कि ऊ तोहनी के असि्थार को आउर तोहनी के बिस बास के बारे में तोहनी के स मझावे,
[3] कि कोइ ई कष्टमन के मारे डगमगा नञ जाय। काहेकि तोहनी अपने जानऽ हु कि हमनी ए करे ला हीयाँ रखल गेली हे।
[4] काहेकि पहिलही, जब हमनी तोहनी हीयाँ हली त तोहनी से कहल करऽ हलिए कि हमनी के दुख उठावे पड़तइ, आउर अइस ने होलइ हे, ज इस न कि तोहनी जानतहु हऽ।
[5] ई मारे जब हमरा से आउर नञ रहल गेलइ, त तोहनी के बिस बास के हाल जाने ला पेठाय ली, कि कहीं अइसन नञ हो कि बहकावे वाला तोहनी के बहका दो, अउर हमर मेहनत बेउरथा हो गेल होय।
[6] बाकि अ खनी तीमुथिायुस, जे तोहनी भीरी से हमरा हीयाँ आयल हे, तोहनी के बिसवास आउर परेम के सुभसमाचार सुनाय लक आउर ई बातो के सुनाय लक कि तोहनी हरमेसा परेम के जोरे हमनी के इयाद करऽ हु, अउर हमनी के देथे के लालसा रखऽ हु, ज इस न हम्हुं तोहनी के देथे के।
[7] एहिसे हे भाइवन, हमनी अप्पण स ऊँसे दुख आउर कष्ट में तोहनी के बिसवास से तोहनी के बारे में सानि्त पय ली।
[8] काहेकि अ खनी जे तोहनी परभु में असि्थार रहु त हमनी जि न्दा ही।
[9] अउर ज इस न खुसी हमरा तोहनी के ओज ह से अप्पण परमेसर के सामने हइ, ओकरा बदला में तोहनी बारे में हम कउन तरे से परमेसर के ध् न्न वाद करिअ ई?
[10] हम रात दिन ढेरे परारथाना करऽ ही कि तोहनी के मुँह देखिअ ई आउर तोहनी के बिस बास के कमी के पूरा करिअ ई।
[11] अब हमनी परमेसर आउर पिता अपनही आउर हमनी के परभु यीसु, तोहनी के हीयाँ आवे में हमनी के अगुआई करथा
[12] अउर परभु अयसन करथा कि ज इस न हम तोहनी से परेम रखऽ ही, ओइस ने तोहनी के परेमो अपना में आउर सब आमदिय न के जोरे बढ़य, आउर बिरधी करइत जाय,
[13] जेसे ऊ तोहनी के मन के अइसन असि्थार करथा कि जब हमनी परभु यीसु अप्पण सभ स न्त लोग जोरे आवथा, त ओ हमनी के परमेसर आउर पिता के सामने पवित्तरइ में निरदोष साबित होय।