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[1] मेंह मसीह म होके सच कहत हंव; मेंह लबारी नइं मारत हंव। मोर बिबेक घलो पबितर आतमा म होके गवाही देवत हवय—

[2] कि मोला बहुंते दुख हवय अऊ मोर हिरदय ह हमेसा दुख ले भरे हवय।

[3] मेंह चाहत रहेंव कि मोर मनखेमन बर जऊन मन मोर खुद के बंस के अंय, ओमन के हित म मेंह खुदे सरापित हो जातेंव अऊ मसीह ले अलग हो जातेंव।

[4] ओमन इसरायली मनखे अंय। परमेसर ह ओमन ला गोद लेके बेटा बनाईस; ओमन के ऊपर महिमा परगट करिस; ओमन के संग करार करिस; ओमन ला मूसा के कानून दीस। ओमन ला बताईस कि मंदिर म ओकर अराधना कइसने करे जावय अऊ ओह ओमन ले परतिगियां करिस।

[5] कुल के मुखियामन येमन के पुरखा रिहिन अऊ मसीह ह मनखे के रूप म येमन के बंस ले आईस, जऊन ह जम्मो के ऊपर परमेसर अय, ओकर परसंसा सदा होवय! आमीन।

[6] अइसने नो हय कि परमेसर के बचन ह सच नइं होईस। काबरकि ओ जम्मो, जऊन मन इसरायल के बंस म जनम ले हवंय, जम्मो के जम्मो इसरायली नो हंय,

[7] अऊ ओ जम्मो अब्राहम के संतान नो हंय, जऊन मन ओकर बंस म जनम लीन, काबरकि परमेसर के बचन ह कहिथे, “इसहाक के जरिये तोर बंस ह चलही।”

[8] एकर मतलब ये अय कि मनखे के ईछा के मुताबिक जनमे लइकामन परमेसर के संतान नो हंय, पर परमेसर के परतिगियां के मुताबिक जनमे लइकामन सही बंसज समझे जाथें।

[9] काबरकि परमेसर के बचन म ये किसम ले परतिगियां के बचन कहे गे हवय, “ठहिराय समय म, मेंह फेर आहूं, अऊ सारा के एक बेटा होही।”

[10] अऊ सिरिप अतका ही नइं, पर रिबका के दूनों लइकामन के एके ददा रिहिस, याने कि हमर पुरखा इसहाक।

[11] पर जब ओ जुड़वां लइकामन जनमे घलो नइं रिहिन अऊ कुछू भला-बुरा घलो नइं करे रिहिन, ताकि परमेसर के चुनाव के उदेस्य ह बने रहय:

[12] येह ओमन के कुछू करम के कारन नइं, पर परमेसर के बुलाहट के कारन होईस—रिबका ला कहे गीस, “बड़खा बेटा ह छोटे के सेवा करही।”

[13] जइसने कि परमेसर के बचन म लिखे हवय: “याकूब ले मेंह मया करेंव पर एसाव ला अप्रिय जानेंव।”

[14] तब हमन का कहन? का परमेसर ह अनियाय करथे? बिलकुल नइं!

[15] काबरकि ओह मूसा ले कहिस, “जेकर ऊपर मेंह दया करे चाहंव, ओकर ऊपर दया करहूं, अऊ जेकर ऊपर मेंह तरस खाय चाहंव, ओकर ऊपर तरस खाहूं।”

[16] एकरसेति येह मनखे के ईछा या काम के ऊपर निरभर नइं करय, पर परमेसर के दया ऊपर निरभर करथे।

[17] काबरकि परमेसर के बचन म फिरौन राजा ला ये कहे गे हवय, “मेंह तोला एकरसेति राजा बनाके उठाय हवंव ताकि मेंह तोर ऊपर अपन सामर्थ ला देखावंव अऊ धरती भर म मोर नांव के परचार होवय।”

[18] एकरसेति परमेसर ह जेकर ऊपर दया करे चाहथे, ओकर ऊपर दया करथे, अऊ जेकर हिरदय ला कठोर करे चाहथे, ओला कठोर कर देथे।

[19] तब तुमन मोला कहिहू, “त फेर परमेसर ह मनखे ऊपर काबर दोस लगाथे? कोन ह ओकर ईछा के बिरोध कर सकथे?”

[20] हे मनखे! तेंह कोन अस कि परमेसर ला जबाब देथस? का गढ़े गे चीज ह अपन गढ़इया ला कह सकथे, “तेंह मोला अइसने काबर बनाय हवस?”

[21] का कुम्हार ला ये अधिकार नइं ए कि माटी के एके लोंदा ले, ओह कुछू बरतन ला बिसेस उपयोग खातिर अऊ कुछू बरतन ला सधारन उपयोग खातिर बनावय?

[22] येह कोनो अचरज के बात नो हय, यदि परमेसर ह अपन कोरोध अऊ सक्ति देखाय के ईछा करिस अऊ ओमन ला बड़े धीर धरके सहिस जऊन मन कोरोध के पात्र रिहिन अऊ बिनास खातिर बनाय गे रिहिन।

[23] येह कोनो अचरज के बात नो हय, यदि परमेसर ह ये करे के दुवारा, अपन बड़े महिमा के धन ला ओमन ला देखाय चाहिस, जऊन मन दया के पात्र रिहिन अऊ महिमा के खातिर पहिली ले तियार करे गे रिहिन।

[24] अऊ त अऊ हमन ला घलो ओह बलाईस, न सिरिप यहूदी जात म ले, पर आनजात म ले घलो बलाईस।

[25] जइसने कि ओह होसे के किताब म कहिथे: “जऊन मन मोर मनखे नो हंय, ओमन ला मेंह अपन मनखे कहिहूं; अऊ जऊन ह मोर मयारू नो हय, ओला मेंह अपन मयारू कहिहूं,”

[26] अऊ, “जऊन ठऊर म ओमन ला ये कहे गे रिहिस, ‘तुमन मोर मनखे नो हव,’ ओही जगह म, ओमन ला जीयत परमेसर के संतान कहे जाही।”

[27] यसायाह अगमजानी ह इसरायलीमन के बारे म पुकारके कहिथे, “हालाकि इसरायलीमन के गनती ह समुंदर के बालू सहीं होही, पर ओमा ले थोरकन मनखे ही बचाय जाहीं।

[28] काबरकि परभू ह अपन फैसला ला धरती म जल्दी अऊ कड़ई से लागू करही।”

[29] जइसने कि यसायाह अगमजानी ह पहिली कहे रिहिस: “यदि सर्वसक्तिमान परभू ह हमर बर बंस ला नइं छोंड़े होतिस, त हमन घलो सदोम अऊ अमोरा सहरमन सहीं पूरा नास हो गे रहितेंन।”

[30] तब, हमन का कहन? कि आनजात के मनखे जऊन मन परमेसर के धरमीपन के खोज नइं करत रिहिन, ओमन धरमीपन ला पा गीन, याने कि ओ धरमीपन जऊन ह बिसवास करे के दुवारा मिलथे;

[31] पर इसरायलीमन ओ धरमीपन के खोज मूसा के कानून ला माने के आधार म करिन, पर ओ धरमीपन ओमन ला नइं मिलिस।

[32] ओमन ला काबर नइं मिलिस? काबरकि ओमन ओ धरमीपन के खोज बिसवास के दुवारा नइं, पर अपन काम के आधार म करिन। ओमन ठोकर के पथरा म हपट के गिरिन।

[33] जइसने कि परमेसर के बचन म लिखे हवय: “देखव, मेंह सियोन म एक ठन पथरा मढ़ावत हवंव, जऊन ह मनखेमन के लड़खड़ाय के अऊ एक चट्टान, जऊन ह ओमन के गिरे के कारन बनही, पर जऊन ह ओकर ऊपर बिसवास करथे, ओह कभू लज्जित नइं होही।”

रोमीमन — Chapters