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[1] सर्वसक्तिमान यहोवा ह कहिथे, “सही म, ओ धधकत भट्ठी सहीं बरत दिन ह आवत हे। जम्मो घमंडी अऊ दुस्ट मनखेमन भूंसा कस हो जाहीं, अऊ ओ अवइया दिन म ओमन ला आगी म डारे जाही, न तो ओमन के कोनो जरी अऊ न ही ओमन के कोनो डारा बांचही।

[2] पर तुमन जऊन मन मोर नांव के आदर करथव, धरमीपन के सूरज ह चंगई देवइया अपन किरन के संग उदय होही। अऊ तुमन बाहिर निकलहू अऊ मोटा-ताजा बछवा कस उछल-कूद करहू।

[3] तब तुमन दुस्टमन ला कुचरहू; ओमन मोर ठहिराय दिन म तुम्हर गोड़ के खाल्हे के राख हो जाहीं,” सर्वसक्तिमान यहोवा ह कहिथे।

[4] “मोर सेवक मूसा के कानून ला सुरता करव, ओ हुकूम अऊ कानून, जऊन ला मेंह ओला जम्मो इसरायलीमन बर होरेब पहाड़ म दे रहेंव।

[5] “देखव, यहोवा के ओ बड़े अऊ भयानक दिन के आय के पहिली, मेंह तुम्हर करा एलियाह अगमजानी ला पठोहूं।

[6] ओह दाई-ददा के हिरदय ला ओमन के लइकामन कोति, अऊ लइकामन के हिरदय ला ओमन के दाई-ददा कोति करही; नइं तो मेंह आके देस के पूरा सतियानास कर दूहूं।”

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