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[1] यहोवा ह सीनय परबत ऊपर मूसा ला कहिस,

[2] “इसरायलीमन ले गोठिया अऊ ओमन ला कह: ‘जब तुमन ओ देस म जावव, जऊन ला मेंह तुमन ला देवइया हंव, त ओ देस ह खुद यहोवा बर एक बिसराम बछर ला मानय।

[3] तुमन छै बछर ले अपन खेत ला बोवव, अऊ छै बछर ले अपन अंगूर के बारी के नारमन ला छांटव अऊ ओमन के फर ला संकेलव,

[4] पर सातवां बछर ह भुइयां बर बिसराम के बछर होवय; येह यहोवा के नांव म बिसराम के बछर अय। ये साल न तो अपन खेत ला बोवव, अऊ न ही अपन अंगूर के बारी के नारमन ला छांटव।

[5] खेत म जऊन कुछू अपनआप बाढ़थे, ओला झन लुवव या परिया छोंड़े गे अंगूर के नारमन के फर ला झन संकेलव। भुइयां ला एक बछर के बिसराम मिलय।

[6] बिसराम बछर के समय भुइयां म जऊन घलो ऊपज अपनआप होथे, ओह तुम्हर बर जेवन होही—तुम्हर, तुम्हर सेवक या सेविका, बनिहार अऊ तुम्हर बीच म कुछू समय तक रहइया मनखेमन बर जेवन होही,

[7] अऊ ओह तुम्हर पसु अऊ तुम्हर देस के जंगली पसुमन के घलो जेवन होही। भुइयां म जऊन घलो ऊपज अपनआप होथे, ओला खाय जा सकत हे।

[8] “ ‘तुमन सात बिसराम बछर गनव—सात बछर के सात गुना—ताकि उनचास बछर म सात बिसराम बछर होवय।

[9] तब तुमन पचासवां साल के सातवां महिना के दसवां दिन याने प्रायस्चित के दिन अपन पूरा देस म तुरही फुंकवाव।

[10] ओ पचासवां बछर ला पबितर मानव अऊ देस म रहइया जम्मो झन के छुटकारा के घोसना करव। येह तुम्हर बर जुबली बछर होही; तुमन म ले हर एक झन अपन परिवारिक संपत्ति अऊ अपन खुद के कुल म लहुंटय।

[11] तुम्हर बर ये पचासवां बछर ह जुबली बछर होवय; तुमन न तो बोवव, अऊ न ही अपनआप जामे फसल ला लुवव, अऊ न ही बिगर छांटे अंगूर के नार म फरे फर ला टोरव।

[12] काबरकि येह जुबली बछर अय अऊ येह तुम्हर बर पबितर होवय। जऊन ऊपज तुम्हर करा सीधा खेत ले लाय जाथे, सिरिप ओला खावव।

[13] “ ‘ये जुबली बछर म हर एक मनखे अपन खुद के भुइयां म लहुंटय।

[14] “ ‘कहूं तुमन अपन कोनो मनखे ला भुइयां बेचथव या ओकर ले भुइयां बिसाथव, त एक-दूसर ले फायदा झन लेवव।

[15] जुबली बछर के बाद, जतका बछर बीत गे होवय, ओकर गनती के आधार म तुमन अपन मनखेमन ले भुइयां बिसावव। अऊ ओमन फसल लुए बर बांचे बछर के गनती के आधार म अपन भुइयां ला तुम्हर करा बेचंय।

[16] जतका जादा बछर बांचे रहय, ओतका जादा दाम बढ़ावव, अऊ जतका कम बछर बांचे रहय, ओतका ही दाम घटावव, काबरकि सही म जऊन चीज ह बेचे जावत हे, ओह बछर के हिसाब से ओकर फसल अय।

[17] एक-दूसर ले फायदा झन लेवव, पर अपन परमेसर के भय मानव। मेंह यहोवा तुम्हर परमेसर अंव।

[18] “ ‘मोर बिधिमन ला मानव अऊ धियान देके मोर कानूनमन के पालन करव, त तुमन निडर होके देस म बसे रहिहू।

[19] तब भुइयां ह अपन फसल उपजाही, अऊ तुमन पेट भर खाहू अऊ उहां निडर बसे रहिहू।

[20] तुमन पुछ सकत हव, “यदि सातवां बछर म, हमन नइं बोवन या अपन फसल ला नइं लुवन, त ओ बछर म, हमन का ला खाबो?”

[21] मेंह छठवां बछर म अइसने आसीस दूहूं कि भुइयां ह ओ साल तीन बछर के बरोबर फसल दीही।

[22] जब तुमन आठवां बछर म बोवई करव, त जुन्ना फसल म ले तब तक खावत रहव, जब तक कि नौवां बछर के फसल के लुवई नइं हो जावय।

[23] “ ‘भुइयां ला सब दिन बर झन बेचव, काबरकि भुइयां ह मोर अय अऊ तुमन मोर भुइयां म परदेसी अऊ अजनबी के सहीं रहिथव।

[24] ओ जम्मो भुइयां, जऊन ह तुम्हर अधिकार म हवय, ओकर छुटकारा के परबंध जरूर करव।

[25] “ ‘कहूं तुम्हर कोनो संगी इसरायली गरीब हो जावय अऊ अपन कुछू संपत्ति ला बेचय, त ओकर सबले नजदीकी रिस्तेदार ह आवय अऊ ओ बेचे गय चीज ला छोंड़ावय।

[26] कहूं ओकर बर छुड़ानेवाला कोनो नइं ए, पर बाद म, जब ओह खुद धनवान हो जाथे अऊ ओकर करा ओला छोंड़ाय बर धन हो जाथे,

[27] त ओह ओ संपत्ति के बेचे जाय के पाछू के बछर के हिसाब से दाम तय करय अऊ ओ दाम बेचे गय मनखे ला वापिस कर देवय; ओह तब फेर अपन संपत्ति म काबिज हो सकथे।

[28] पर कहूं ओकर करा अतका पूंजी नइं ए कि ओह फेर अपन संपत्ति ला बिसा सकय, त फेर ओ संपत्ति ह बिसइया के ही अधिकार म जुबली बछर तक रहिही। ओ संपत्ति ला जुबली बछर म वापिस करे जाही, अऊ तब ओह अपन संपत्ति म अधिकार कर सकत हे।

[29] “ ‘कोनो मनखे दीवारवाले सहर म घर बेचथे, त बेचे जाय के पाछू एक बछर तक ओकर करा छोंड़ाय के अधिकार रहिथे। ओ एक साल म बेचइया ह अपन घर ला छोंड़ा सकत हे।

[30] कहूं ओ एक बछर के पूरा होवत तक ओ घर ला छोंड़ाय नइं जावय, त दीवारवाले सहर के ओ घर ह सब दिन बर बिसइया अऊ ओकर संतानमन के हो जाही। येला जुबली बछर म झन वापिस करे जावय।

[31] पर बिगर दीवार के गांवमन के घरमन ला देस के खेत सहीं समझे जावय। ओमन ला छोंड़ाय जा सकत हे, अऊ ओमन ला जुबली बछर म वापिस कर दिये जावय।

[32] “ ‘लेवीमन ला अपन अधिकार के लेवी सहरमन म हमेसा अपन घर ला छोंड़ाय के अधिकार हवय।

[33] एकरसेति लेवीमन के संपत्ति ह छोंड़ाय जा सकत हे—याने कि ओमन के अधिकार के सहर म बेचे गय कोनो घर—अऊ ये घर ह जुबली बछर म वापिस करे जावय, काबरकि इसरायलीमन के बीच, लेवीमन के सहर के घरमन लेवीमन के संपत्ति अंय।

[34] पर ओमन के नगर के चरागन ह झन बेचे जावय; काबरकि येमा ओमन के हमेसा के अधिकार हवय।

[35] “ ‘कहूं तुम्हर कोनो संगी इसरायली गरीब हो जाथे, अऊ तुम्हर बीच म ओकर दुरदसा होवय, त तुमन ओकर मदद करव, जइसने कि तुमन कोनो परदेसी अऊ अजनबी ला करथव, ताकि ओह तुम्हर बीच म रह सकय।

[36] तुमन ओकर ले बियाज झन लेवव या ओकर ले कोनो फायदा झन लेवव, पर अपन परमेसर के भय मानव, ताकि ओह तुम्हर बीच म रह सकय।

[37] तुमन ओला न तो बियाज म पईसा उधार देवव अऊ न ही फायदा लेके ओला जेवन के कोनो चीज बेचव।

[38] मेंह यहोवा तुम्हर परमेसर अंव, जऊन ह तुमन ला मिसर देस ले निकालके लानेंव, ताकि तुमन ला कनान देस देवंव अऊ तुम्हर परमेसर होवंव।

[39] “ ‘कहूं तुम्हर कोनो संगी इसरायली गरीब हो जाथे अऊ अपनआप ला तुम्हर हांथ म बेच देथे, त तुमन ओकर ले गुलाम सहीं काम झन करावव।

[40] ओकर संग बनिहार या तुम्हर बीच म कुछू समय तक रहइया मनखे सहीं बरताव करव; ओह तुम्हर बर जुबली बछर तक काम करय।

[41] तब ओह अऊ ओकर लइकामन छोंड़ दिये जावंय, ताकि ओमन अपन गोत्र अऊ अपन पुरखामन के संपत्ति करा वापिस जा सकंय।

[42] काबरकि इसरायलीमन मोर सेवक अंय, जऊन मन ला मेंह मिसर देस ले निकालके लानेंव; ओमन ला गुलाम के रूप म झन बेचे जावय।

[43] ओमन ऊपर कठोरता से सासन झन करव, पर अपन परमेसर के भय मानव।

[44] “ ‘तुम्हर पुरूस अऊ महिला गुलाममन तुम्हर चारों कोति के आनजात के होवंय, जेमन ला तुमन गुलाम के रूप म बिसावव।

[45] जऊन मन तुम्हर बीच म कुछू समय बर रहत हवंय अऊ ओमन के कुल के सदस्य, जऊन मन तुम्हर देस म जनमे हवंय, येमा के कुछू झन ला घलो तुमन बीसा सकत हव, अऊ ओमन तुम्हर संपत्ति हो जाहीं।

[46] तुमन ओमन ला अपन लइकामन बर उत्तराधिकार म मिले संपत्ति के रूप म वसीयत कर सकत हव अऊ ओमन ला जिनगी भर गुलाम बना सकत हव, पर तुमन अपन संगी इसरायलीमन ऊपर कठोरता से सासन झन करव।

[47] “ ‘कहूं तुम्हर बीच म रहइया कोनो परदेसी धनी हो जाथे अऊ तुम्हर कोनो संगी इसरायली गरीब हो जाथे अऊ अपनआप ला ओ परदेसी या परदेसी के गोत्र के कोनो सदस्य करा बेच देथे,

[48] त अपनआप ला बेचे के बाद, ओकर करा छुटकारा के अधिकार रहिथे। ओकर कोनो रिस्तेदार ओला छोंड़ा सकत हे:

[49] ओकर कोनो कका या चचेरा-भाई या ओकर गोत्र म ओकर कोनो खून के रिस्तेदार ओला छोंड़ा सकत हे। या कहूं ओह धनी हो जाथे, त ओह अपनआप ला छोंड़ा सकत हे।

[50] ओह अपन बिसइया के संग अपन बेचे जाय के बछर ले जुबली बछर तक गनय। ओ गने गय बछर म एक बनिहार के कतेक बनी होथे, ओकर मुताबिक ओकर छोंड़ाय जाय के दाम होवय।

[51] कहूं जादा बछर बांचे हवय, त ओकर बर दिये गय दाम के एक बड़े भाग ला अपन छुटकारा बर लहुंटा देवय।

[52] कहूं जुबली बछर बर सिरिप थोरकून बछर बांचे हवय, त ओमन ओकर हिसाब लगावंय अऊ ओकर मुताबिक ओकर छुटकारा के दाम चुकावंय।

[53] ओला साल दर साल बनिहार के सहीं समझे जावय; तुमन ये बात के धियान रखव कि ओकर मालिक ह ओकर ऊपर कठोरता से सासन झन करय।

[54] “ ‘कहूं कोनो इसरायली येमा के कोनो घलो किसम ले छोंड़ाय नइं जावय, त ओला अऊ ओकर लइकामन ला जुबली बछर म छोंड़ दिये जावय,

[55] काबरकि इसरायलीमन सेवक के रूप म मोर अंय। ओमन मोर सेवक अंय, जऊन मन ला मेंह मिसर देस ले निकालके लानेंव। मेंह यहोवा तुम्हर परमेसर अंव।

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