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[1] फेर यहोवा ह मूसा ला कहिस,

[2] “इसरायलीमन ला कह: ‘इसरायल म रहइया कोनो इसरायली या कोनो परदेसी, जऊन ह अपन कोनो लइका ला, मोलेक देवता ला बलिदान चघाथे, त ओह मार डारे जावय। समाज के मनखेमन ओला पथरवाह करके मार डारंय।

[3] मेंह खुद ओ मनखे के बिरोध म होके ओला ओकर मनखेमन ले मिटा दूहूं; काबरकि मोलेक ला अपन लइका बलिदान करके, ओह मोर पबितर-स्थान ला असुध अऊ मोर पबितर नांव ला अपबितर करे हवय।

[4] कहूं समाज के मनखेमन अपन आंखी मुंद लेथें, जब ओ मनखे ह अपन कोनो लइका मोलेक ला बलिदान करथे अऊ यदि ओला मार नइं डारंय,

[5] त मेंह खुद ओ मनखे अऊ ओकर परिवार के बिरोध म होके ओमन ला ओमन के मनखेमन ले अलग कर दूहूं अऊ संग म ओ जम्मो झन ला घलो, जऊन मन ओकर संग देके मोलेक के पाछू चले के दुवारा बेस्या सहीं काम करथें।

[6] “ ‘जऊन मनखे ह बईगा अऊ भूत-परेत साधोइयामन के पाछू चलके बेस्या सहीं काम करथे, ओकर बिरोध म होके, मेंह ओला ओकर मनखेमन ले अलग कर दूहूं।

[7] “ ‘एकरसेति अपनआप ला पबितर काम बर अलग करव अऊ पबितर बनव, काबरकि मेंह यहोवा तुम्हर परमेसर अंव।

[8] मोर बिधि-बिधान ला मानव अऊ ओमन के पालन करव। मेंह यहोवा अंव, जऊन ह तुमन ला पबितर करथे।

[9] “ ‘जऊन मनखे अपन ददा या दाई ला सराप देथे, ओह मार डारे जावय। ओह अपन ददा या दाई ला सराप देय हवय, एकरसेति ओकर लहू के दोस ओकरेच मुड़ म पड़ही।

[10] “ ‘कहूं कोनो मनखे कोनो आने मनखे के घरवाली संग—अपन परोसी के घरवाली संग बेभिचार करथे, त ओ बेभिचारी अऊ बेभिचारिन दूनों झन मार डारे जावंय।

[11] “ ‘कहूं कोनो मनखे ह अपन ददा के घरवाली के संग सारीरिक संबंध बनाथे, त ओह अपन ददा के अनादर करे हवय। ओ मनखे अऊ ओ माईलोगन दूनों झन मार डारे जावंय; ओमन के लहू के दोस ओमन के मुड़ म ही पड़ही।

[12] “ ‘कहूं कोनो मनखे अपन बहुरिया संग सारीरिक संबंध बनाथे, त ओ दूनों झन मार डारे जावंय। ओमन असुध काम करे हवंय; ओमन के लहू के दोस ओमन के मुड़ म ही पड़ही।

[13] “ ‘कहूं कोनो आदमी ह कोनो आदमी संग सारीरिक संबंध बनाथे, जइसने कि कोनो माईलोगन संग बनाय जाथे, त ओ दूनों झन घिन काम करे हवंय। ओमन मार डारे जावंय; ओमन के लहू के दोस ओमन के मुड़ म ही पड़ही।

[14] “ ‘कहूं कोनो मनखे ह कोनो माईलोगन अऊ ओकर दाई दूनों ले बिहाव करथे, त येह दुस्ट काम अय। ओ मनखे अऊ ओ दूनों माईलोगन ला आगी म जला दिये जावय, ताकि तुम्हर बीच म दुस्ट काम झन होवय।

[15] “ ‘कहूं कोनो मनखे ह पसु के संग सारीरिक संबंध बनाथे, त ओ मनखे ह मार डारे जावय, अऊ ओ पसु ला घलो मार डारव।

[16] “ ‘कहूं कोनो माईलोगन ह कोनो पसु करा जाके ओकर संग कुकरम करथे, त ओ माईलोगन अऊ ओ पसु दूनों ला मार डारव। ओमन मार डारे जावंय; ओमन के लहू ह ओमन के मुड़ म ही पड़ही।

[17] “ ‘कहूं कोनो मनखे ह अपन बहिनी ले बिहाव करथे—चाहे ओह ओकर ददा के बेटी होवय या ओकर दाई के बेटी, अऊ ओकर संग सारीरिक संबंध बनाथे, त येह एक कलंक ए। ओ दूनों झन ला खुलेआम ओमन के मनखेमन ले अलग करे जावय। ओह अपन बहिनी के अनादर करे हवय अऊ ओह दोसी ठहिरही।

[18] “ ‘कहूं कोनो मनखे ह कोनो माईलोगन के मासिक धरम के समय ओकर संग सारीरिक संबंध बनाथे, त ओह ओ माईलोगन के लहू बहई ला उघारे हवय, अऊ ओ माईलोगन घलो अपन लहू बहई ला उघारे हवय। एकरसेति ओ दूनों झन अपन मनखेमन ले अलग करे जावंय।

[19] “ ‘अपन मौसी या फूफू के संग सारीरिक संबंध झन बनावव, काबरकि ओह एक नजदीकी रिस्तेदार के अनादर होही; अऊ ओ दूनों दोसी ठहिरहीं।

[20] “ ‘कहूं कोनो मनखे अपन काकी के संग सारीरिक संबंध बनाथे, त ओह अपन कका के अनादर करथे। ओमन दोसी ठहिरहीं; ओमन बिगर संतान के मर जाहीं।

[21] “ ‘कहूं कोनो मनखे अपन भाई के घरवाली ले बिहाव करथे, त येह एक असुधता के काम अय; ओह अपन भाई के अनादर करे हवय। ओमन के कोनो संतान नइं होवय।

[22] “ ‘मोर जम्मो बिधि अऊ हुकूममन ला मानव अऊ ओमन के पालन करव, ताकि जऊन देस म मेंह तुमन ला रहे बर लावत हंव, उहां ले तुमन अलग झन करे जावव।

[23] तुमन ओ जाति के मनखेमन के रीति-रिवाज के मुताबिक झन चलहू, जेला मेंह तुम्हर आघू ले निकालनेवाला हंव। काबरकि ओमन ये जम्मो काम करे हवंय, एकरसेति मेंह ओमन ले घिन करथंव।

[24] पर मेंह तुमन ला कहे हंव, “ओमन के देस ह तुम्हर अधिकार म होही; मेंह ये देस, जेमा दूध अऊ मंधरस बहुंतायत म हवय, तुम्हर अधिकार म दे दूहूं।” मेंह यहोवा तुम्हर परमेसर अंव, जऊन ह तुमन ला आने देस के मनखेमन ले अलग करे हवय।

[25] “ ‘एकरसेति तुमन सुध अऊ असुध पसु म, अऊ सुध अऊ असुध चिरईमन म भेद करव। तुमन कोनो अइसने पसु या चिरई या भुइयां म रेंगइया जीव के दुवारा अपनआप ला असुध झन करव, जऊन मन ला मेंह तुम्हर बर असुध ठहिराके अलग करे हंव।

[26] तुमन मोर बर पबितर बने रहव, काबरकि में यहोवा ह पबितर अंव, अऊ मेंह तुमन ला आने देस के मनखेमन ले अलग करे हंव कि तुमन मोर बने रहव।

[27] “ ‘कोनो आदमी या माईलोगन, जऊन ह तुम्हर बीच म बईगा या भूत-परेत साधे के काम करथे, ओह मार डारे जावय। तुमन ओला पथरवाह करके मार डारव; ओकर लहू के दोस ओकरेच मुड़ म ही पड़ही।’ ”

लैव्य-ब्यवस्था — Chapters