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[1] तब यहोवा के बचन दूसर बार योना करा आईस:

[2] “ओ बड़े नगर नीनवे म जा अऊ जऊन संदेस मेंह तोला दूहूं, ओकर तें उहां परचार कर।”

[3] तब योना ह यहोवा के हुकूम ला मानके नीनवे ला गीस। नीनवे ह एक बहुंत बड़े सहर रिहिस; येमा ले चलके जाय म तीन दिन लगय।

[4] योना ह एक दिन तक सहर के भीतर चलिस, अऊ ये परचार करत गीस, “अब ले चालीस दिन के बाद नीनवे ला नास कर दिये जाही।”

[5] नीनवे के मनखेमन परमेसर ऊपर बिसवास करिन। उपास रखे के घोसना करे गीस अऊ छोटे ले लेके बड़े मनखे, सबो झन बोरा पहिरिन।

[6] जब योना के चेतउनी ह नीनवे के राजा के कान म पहुंचिस, त ओह सिंघासन ले उठिस, अपन राज पोसाक ला उतारिस अऊ बोरा ला ओढ़के राख ऊपर बईठ गीस।

[7] ओह नीनवे म ये घोसना करवाईस: “राजा अऊ ओकर परधानमन के फैसला के मुताबिक: “कोनो मनखे या पसु, गरूवा-बईला या भेड़-बकरी, कुछू भी चीज झन खावंय; ओमन ला कुछू खाय या पीये बर झन दिये जावय।

[8] पर मनखे अऊ पसु दूनों बोरा ओढ़ंय। हर एक झन तुरते परमेसर ला पुकारय। ओमन अपन गलत काम अऊ हिंसा ला छोंड़ंय।

[9] कोन जाने? सायद परमेसर ह अपन मन ला बदल ले अऊ अपन भयंकर कोरोध ला छोंड़के हमर ऊपर दया करे अऊ हमन नास होय ले बच जावन।”

[10] जब परमेसर ह ओमन के काम ला देखिस कि कइसे ओमन अपन गलत काम ला छोंड़त हवंय, त परमेसर ह अपन ईछा ला बदल दीस अऊ ओमन के ऊपर ओ बिनास नइं लानिस, जेला लाने के ओह ठाने रिहिस।

योना — Chapters