[1] योना ह मछरी के पेट ले यहोवा अपन परमेसर ले पराथना करिस।
[2] ओह कहिस: “अपन संकट म मेंह यहोवा ला पुकारें, अऊ ओह मोला जबाब दीस। मिरतू-लोक के गहरई ले मेंह मदद बर पुकारें, अऊ तेंह मोर पुकार ला सुन लेय।
[3] तेंह मोला गहिला म, समुंदर के गहरई म डाल देय, अऊ मेंह धारामन के मांझा म पड़े रहेंव; तोर भड़के धारा अऊ लहरामन मोर ऊपर ले बोहा गीन।
[4] तब मेंह कहेंव, ‘मोला तोर आघू ले निकाल दिये गे हवय; तभो ले मेंह फेर तोर पबितर मंदिर कोति देखहूं।’
[5] बुड़ोइया पानी ह मोला डरवात रिहिस, गहिला पानी मोला घेरे रिहिस; समुंदरी घांस ह मोर मुड़ म लपटाय रिहिस।
[6] मेंह पहाड़ के जरी तक चल दे रहेंव; मेंह हमेसा बर भुइयां म गड़ गे रहेंव। पर हे यहोवा मोर परमेसर, तेंह मोला खंचवा म ले निकाले हस।
[7] “जब मेंह बेहोस होवत रहेंव, तब हे यहोवा, मेंह तोला सुरता करेंव, अऊ मोर पराथना तोर मेर, तोर पबितर मंदिर म पहुंचिस।
[8] “जऊन मनखेमन बेकार के मूरतीमन म मन लगाथें ओमन अपनआप ला परमेसर के मया ले दूरिहा कर लेथें।
[9] पर मेंह, ऊंचहा सबद ले परसंसा करके तोला बलिदान चघाहूं। जऊन मन्नत मेंह माने हंव, ओला मेंह पूरा करहूं। मेंह कहिहूं, ‘उद्धार सिरिप यहोवा ही से होथे।’ ”
[10] तब यहोवा ह ओ बड़े मछरी ला हुकूम दीस, अऊ ओह योना ला सूखा भुइयां म उगल दीस।