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[1] एक दिन दाऊद ह सोचिस, “का साऊल के घराना म ले कोनो अभी घलो बांचे हवय, जेला मेंह योनातन के खातिर मया देखावंव?”

[2] साऊल के घराना के सीबा नांव के एक झन सेवक रिहिस। ओला दाऊद करा बलाय गीस, अऊ जब राजा ह ओकर ले पुछिस, “का तेंह सीबा अस?” तब ओह जबाब दीस, “हव, तोर सेवा म हाजिर हे।”

[3] राजा ह पुछिस, “का साऊल के घराना म ले कोनो अब तक बांचे हवय, जेला मेंह परमेसर के दया देखा सकंव?” सीबा ह राजा ला जबाब दीस, “अभी घलो योनातन के एक झन बेटा हवय, जऊन ह दूनों गोड़ ले खोरवा अय।”

[4] राजा ह पुछिस, “ओह कहां हवय?” सीबा ह जबाब दीस, “ओह लो-देबार नगर म अमीएल के बेटा माकीर के घर म हवय।”

[5] तब राजा दाऊद ह दूत ला पठोके ओला लो-देबार ले, अमीएल के बेटा माकीर के घर ले बुलवा लीस।

[6] जब मपीबोसेत, जऊन ह योनातन के बेटा अऊ साऊल के पोता रिहिस, दाऊद मेर आईस, तब ओह आदर देय बर मुहूं के बल गिरके दाऊद ला दंडवत करिस। दाऊद ह कहिस, “हे मपीबोसेत!” ओह कहिस, “तोर सेवा म हाजिर हे।”

[7] दाऊद ह ओला कहिस, “झन डर, काबरकि तोर ददा योनातन के खातिर मेंह तोर ऊपर जरूर दया करहूं। अऊ तोर दादा साऊल के सबो भुइयां तोला फेर वापिस कर दूहूं, अऊ तेंह हमेसा मोर संग राजा के मेज म जेवन करबे।”

[8] मपीबोसेत ह दंडवत करके कहिस, “तोर सेवक ह का अय कि तेंह मोर सहीं मरे कुकुर के कोति धियान देवत हस?”

[9] तब राजा ह साऊल के करमचारी सीबा ला बलाके ओला कहिस, “जऊन कुछू साऊल अऊ ओकर परिवार के रिहिस, ओ जम्मो चीज मेंह तोर मालिक के पोता ला देय दे हंव।

[10] अब ले तें अपन बेटा अऊ सेवकमन संग ओकर बर भुइयां म खेती-बारी करके ओकर ऊपज ला ले आय करबे, ताकि तोर मालिक के पोता ला जेवन मिलय। अऊ तोर मालिक के पोता मपीबोसेत ह हमेसा मोर मेज म जेवन करही।” (सीबा के पंदरह बेटा अऊ बीस सेवक रिहिन।)

[11] तब सीबा ह राजा ले कहिस, “मोर मालिक राजा ह अपन सेवक ला जऊन कुछू भी करे के हुकूम दीही, तोर सेवक ह ओहीच काम करही।” एकरसेति मपीबोसेत ह राजा के एक बेटा सहीं दाऊद के मेज म जेवन करे लगिस।

[12] मपीबोसेत के मीका नांव के एक छोटे बेटा रिहिस, अऊ सीबा के घर के जम्मो मनखेमन मपीबोसेत के सेवक रिहिन।

[13] अऊ मपीबोसेत ह यरूसलेम म रहे लगिस; काबरकि ओह हमेसा राजा के मेज म जेवन करय; ओह दूनों गोड़ ले खोरवा रिहिस।

2 समूएल — Chapters