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[1] तब यहोवा ह नातान ला दाऊद मेर पठोईस। नातान ह ओकर मेर जाके कहिस, “एक नगर म दू झन मनखे रिहिन, जेमा एक झन ह धनी अऊ दूसर ह गरीब रिहिस।

[2] धनी मनखे करा अब्बड़ भेड़-बकरी अऊ गाय-बईला रिहिन,

[3] पर गरीब मेर एक ठन छोटे भेड़ी-पीला के छोंड़ अऊ कुछू नइं रिहिस, जेला कि ओह बिसाय रिहिस। ओह ओला पालिस-पोसिस, अऊ ओ भेड़ी-पीला ह ओकर अऊ ओकर लइकामन संग बढ़े रिहिस; ओह ओ गरीब मनखे के संग खावय, अऊ ओकर कटोरा म ले पीयय, अऊ ओकर कोरा म सुतय घलो। ओ भेड़ी-पीला ह ओकर बर ओकर एक बेटी के असन रिहिस।

[4] “एक दिन अइसने होईस कि एक यातरा करइया मनखे ह धनी मनखे करा आईस, पर ओ यातरी, जऊन ह धनी मनखे करा आय रिहिस, ओकर खातिर जेवन बनाय बर, ओह अपन भेड़-बकरी या गाय-बईलामन ले कुछू नइं लीस, पर ओ गरीब मनखे के भेड़ी-पीला ला लेके, ओह ओ यातरी बर जेवन तियार करिस, जऊन ह ओकर मेर आय रिहिस।”

[5] ये सुनके दाऊद के कोप ओ मनखे ऊपर बहुंत भड़किस अऊ ओह नातान ला कहिस, “यहोवा के जिनगी के सपथ, जऊन मनखे ह ये काम करे हवय, ओकर मरना जरूरी ए!

[6] अऊ ओला ओ भेड़ी-पीला के चौगुना भरपई करे बर पड़ही, काबरकि ओह अइसन काम करिस, अऊ कुछू दया नइं करिस।”

[7] तब नातान ह दाऊद ले कहिस, “तेंह ओ मनखे अस! यहोवा, इसरायल के परमेसर ह, ये कहत हे: ‘मेंह इसरायल ऊपर राजा के रूप म तोर अभिसेक करेंव, अऊ मेंह तोला साऊल के हांथ ले बचायेंव।

[8] मेंह तोर मालिक के घर ला तोला दे देंव, अऊ तोर मालिक के घरवालीमन ला तोर हांथ म कर देंव। मेंह पूरा इसरायल अऊ यहूदा तोला दे देंव। अऊ यदि ये जम्मो ह थोरकन रिहिस, त मेंह तोला अऊ घलो बहुंत चीज देय रहितेंव।

[9] तेंह यहोवा के बचन ला तुछ जानके काबर ओकर नजर म दुस्ट काम करय? तेंह हित्ती उरियाह ला तलवार ले मार डारय, अऊ ओकर घरवाली ला अपन घरवाली बना लेय। तेंह उरियाह ला अमोनीमन के तलवार ले मरवा डारय।

[10] एकरसेति, अब तलवार ह तोर घर के पीछा कभू नइं छोंड़य, काबरकि तेंह मोला तुछ जानके हित्ती उरियाह के घरवाली ला अपन बना ले हस।’

[11] “यहोवा ह ये कहत हे: ‘तोर खुद के घराना ले मेंह तोर ऊपर बिपत्ति लानहूं। तोर आंखी के आघू म मेंह तोर घरवालीमन ला लेके तोर नजदीकी मनखे ला दे दूहूं, अऊ ओह दिन के अंजोर म तोर घरवालीमन ले कुकरम करही।

[12] तेंह तो ये काम गुपत म करय, पर मेंह ये काम जम्मो इसरायलीमन के देखते-देखत दिन-दुपहरी म करहूं।’ ”

[13] तब दाऊद ह नातान ले कहिस, “मेंह यहोवा के बिरूध पाप करे हंव।” नातान ह दाऊद ला कहिस, “यहोवा ह तोर पाप ला दूरिहा कर दे हवय। तेंह नइं मरबे।

[14] पर तोर जऊन बेटा ह जनम लीही, ओह मर जाही, काबरकि ये काम करे के दुवारा तेंह यहोवा के बहुंत अपमान करे हस।”

[15] नातान के अपन घर जाय के बाद, यहोवा ह ओ लइका ला बहुंत बिमरहा कर दीस, जेला उरियाह के घरवाली ह दाऊद कोति ले जनमाय रिहिस।

[16] दाऊद ह ओ लइका बर परमेसर ले बिनती करिस। ओह उपास करिस अऊ बोरा के ओनहा पहिरे रात भर भुइयां म पड़े रिहिस।

[17] ओकर घराना के सियानमन ओला भुइयां ले उठाय बर ओकर बाजू खड़े रिहिन, पर ओह नइं मानिस, अऊ ओमन के संग कोनो जेवन नइं करिस।

[18] सात दिन बेमार रहे के बाद ओ लइका ह मर गीस। दाऊद के सेवकमन ओला लइका के मरे के समाचार देय बर डरत रिहिन, काबरकि ओमन सोचत रिहिन, “जब लइका ह जीयत रिहिस, अऊ हमन ओकर ले गोठियायेंन, त ओह हमर बात ला नइं सुनिस। पर अब हमन ओला कइसे बतावन कि लइका ह मर गे हवय? ओह निरासा म कुछू गलत झन कर बईठे।”

[19] दाऊद ह देखिस कि ओकर सेवकमन आपस म फुसफुसावत हवंय, त ओह जान डारिस कि लइका ह मर गे हवय। दाऊद ह ओमन ले पुछिस, “का लइका ह मर गीस?” त ओमन जबाब दीन, “हव, ओह मर गीस।”

[20] तब दाऊद ह भुइयां ले उठिस, अऊ नहा-खोरके तेल लगाईस, अऊ अपन ओनहा ला बदलिस; तब ओह यहोवा के घर म जाके अराधना करिस। ओकर बाद, ओह अपन घर गीस, अऊ ओकर हुकूम ले ओला रोटी परोसे गीस, अऊ ओह जेवन करिस।

[21] तब ओकर सेवकमन ओकर ले पुछिन, “तेंह काबर अइसन करत हस? जब तक लइका ह जीयत रिहिस, त तेंह उपास करय अऊ रोये, पर अब, जब लइका ह मर गीस, त तेंह उठके जेवन करत हस।”

[22] ओह जबाब दीस, “जब लइका ह जीयत रिहिस, त मेंह उपास करेंव अऊ रोयें। काबरकि मेंह सोचत रहेंव, ‘कोन जानय? यहोवा के अनुग्रह मोर ऊपर होवय अऊ लइका ह जीयत रहय।’

[23] पर अब ओह मर गीस, फेर मेंह काबर उपास करत रहंव? का मेंह ओला लहुंटाके ला सकत हंव? मेंह ओकर मेर जाहूं, पर ओह मोर करा लहुंटके नइं आवय।”

[24] तब दाऊद ह अपन घरवाली बतसेबा ला सांतवना दीस, अऊ ओह ओकर मेर जाके ओला मया करिस। बतसेबा ह एक बेटा ला जनम दीस, अऊ ओमन ओकर नांव सुलेमान रखिन। यहोवा ह ओकर ले मया करिस;

[25] अऊ काबरकि यहोवा ह ओकर ले मया करिस, एकरसेति ओह नातान अगमजानी के दुवारा संदेस पठोके ओ लइका के नांव यदिदियाह रखिस।

[26] इही बीच म योआब ह अमोनीमन के रब्बा नगर के बिरूध लड़िस अऊ साही किला ऊपर कब्जा कर लीस।

[27] तब योआब ह ये कहिके संदेसियामन ला दाऊद मेर पठोईस, “मेंह रब्बा के बिरूध लड़ेंव अऊ एकर पानी पूरोय के काम ला अपन अधीन कर ले हंव।

[28] एकरसेति अब बांचे सेना के मनखेमन ला इकट्ठा करके सहर के घेराबंदी कर अऊ ओला अपन अधीन कर ले। नइं तो मेंह सहर ला ले लूहूं, अऊ ओ सहर के नांव मोर नांव म रखे जाही।”

[29] तब दाऊद ह जम्मो सेना ला इकट्ठा करके रब्बा नगर म गीस, अऊ ओकर ऊपर हमला करके ओला अपन अधीन कर लीस।

[30] तब दाऊद ह ओमन के राजा के मुड़ ले मुकुट ला ले लीस, अऊ ओ मुकुट ला दाऊद के मुड़ म रखे गीस। ओ मुकुट के वजन सोन के एक टेलेन्ट रिहिस, अऊ येमा कीमती पथरामन जड़े रिहिन। दाऊद ह ओ सहर ले बहुंत अकन सामान लूटके ले गीस

[31] अऊ उहां के मनखेमन ला बाहिर निकाल लीस अऊ ओमन ला आरी, रांपा अऊ टंगिया देके ओमन ले मजदूरी करवाईस, अऊ ओह ओमन ले ईंटा घलो बनवाईस। दाऊद ह अमोनी नगरमन के जम्मो मनखेमन के संग अइसने ही करिस। तब ओह अऊ ओकर पूरा सेना यरूसलेम लहुंट गीस।

2 समूएल — Chapters