[1] परमेश्वर के सेवक और यीशु मसीह के प्रेरित पौलुस की तरफ़ से मुझे इसलिये भेजा गया ताकि मैं परमेशवर के चुने हुए लोगों को विश्वास और सच्चाई की समझ तक पहुँचा सकूँ जिससे वे एक सही(खरा) जीवन जी सकें।
[2] उस सदा के जीवन की उस आशा में जिसका वायदा परमेश्वर ने जो झूठ नहीं बोल सकते दुनिया के आरम्भ से पहले किया है।
[3] परमेश्वर और मुक्तिदाता के आदेश के अनुसार जिस सुसमाचार को ऐलान करने का काम मुझे दिया गया उसे एक सही समय पर इतिहास में दिया गया।
[4] तीतुस को जो एक विश्वास की सहभागिता में मेरा सच्चा बेटा हैः परमेश्वर पिता और हमारे मुक्तिदाता मसीह यीशु से कृपा और शान्ति तुम्हें मिलती रहे।
[5] मैं इसलिए तुम्हें क्रेते में छोड़ आया था कि तुम बाकी बातों को सुधारो और मेरी आज्ञा के मुताबिक हर शहर में अगुवों को ठहराओ।
[6] अगुवों (प्राचीनों) को बिना किसी आरोप का और एक पत्नी का पति और संयमी होना चाहिए। इन के बच्चों को मुक्ति का अनुभव भी होना चाहिए।
[7] किसी भी रखवाले (अध्यक्ष) को परमेश्वर का भण्डारी होने की वजह से निर्दोष होना चाहिए। ज़िद्दी, गुस्सैल, शराबी, झगड़ालू, पैसों का लोभी नहीं होना चाहिए।
[8] और आवभगत करने वाला भलाई और अच्छाई का चाहने वाला, सही सोच वाला, खरा, पवित्र और संयमी भी।
[9] उसे विश्वसनीय वचन को थामे रहना चाहिए जैसा उसे सिखाया गया है, ताकि सही सिद्धान्त की मदद से, वह लोगों को सिखा सके, और वचन के विरोध में बहस करने वालों को यकीन दिला सके।
[10] बहुत से अनियन्त्रित लोग बहस करने वाले और धोखा देने वाले हैं, खासकर खतना वाले लोगों में से।
[11] इन के मुँह बंद किये जाने चाहिए। ये लोग अपने फ़ायदे के लिए वह सब सिखाते हैं, जो सिखाना नहीं चाहिए और पूरे के पूरे खानदान बर्बाद कर डालते हैं।
[12] उन्हीं में से उनके एक भविष्यद्वक्ता ने कहा, "क्रेती लोग हमेशा से झूठे, दुष्ट पशु, आलसी और पेटू होते हैं।"
[13] यह बात सच है। इसलिए उन्हें अच्छी तरह से डाँटो, ताकि वे अपने विश्वास में मज़बूत रहें।
[14] यहूदी कथा-कहानियों और उन मनुष्यों की आज्ञाओं पर ध्यान न दें, जो सच्चाई से भटक चुके हैं।
[15] जो लोग शुद्ध हैं, उनके लिए सब कुछ शुद्ध है, लेकिन जो अशुद्ध और अविश्वासी हैं, उनके लिए कुछ भी शुद्ध नहीं है। उनकी बुद्धि और विवेक दोनों ही अशुद्ध हैं।
[16] वे तो मुँह से परमेश्वर को जानने का दावा करते हैं लेकिन उनके कामों को देखकर ऐसा नहीं लगता है। वे घिनौने, आज्ञा न मानने वाले और अच्छे कामों के लायक ही नहीं हैं।