[1] इसलिए मेरे प्यारे भाइयो-बहनो, जिन में मेरा जी लगा रहता है और जो मेरा आनन्द और मुकुट हो, यीशु में स्थिर रहो।
[2] मैं यूओदियो और सुन्तुखे से यह बिनती करता हूँ कि वे मसीह में एक मन की बनी रहें।
[3] मेरे सच्चे साथी, मैं यह बिनती करता हूँ कि तुम इन महिलाओं की मदद करो, जिन्होंने खुशी का समाचार (सुसमाचार) दिए जाने के काम में मेरे साथ मेहनत की। जिस प्रकार से क्लॅमन्ट और दूसरे कार्यकर्ताओें ने भी, जिनके नाम जीवन की किताब में हैं, मेहनत की थी।
[4] यीशु में सदा खुश रहो, मैं फिर कहता हूँ, खुश रहा करो।
[5] तुम्हारी सज्जनता को सभी लोग देख सकें। यीशु अचानक आएँगे (उनका आना नज़दीक है)।
[6] किसी भी प्रकार की चिन्ता न किया करो, लेकिन हर तरह के हालात में तुम्हारी बिनतियाँ धन्यवाद के साथ परमेश्वर पिता के सामने लायी जाएँ।
[7] तब परमेश्वर पिता की शान्ति, जिसे समझा नहीं जा सकता, तुम्हारे दिल (हृदय) और विचारों को मसीह यीशु में संभालेगी।
[8] अन्त में भाइयो-बहनो, जो कुछ सच है, जिन बातों में ईमानदारी है, इन्साफ़ है, जो बातें शुद्ध, प्यारी और सुनने में अच्छी हैं, उन पर ध्यान लगाओ। यदि कोई भली और तारीफ़ के लायक बात है, उसी पर मनन करो।
[9] जो कुछ तुम ने मुझ से सीखा, अपनाया, सुना और मुझ में देखा है, वही करो और शान्ति देने वाले परमेश्वर तुम्हारे साथ रहेंगे।
[10] मैं यीशु में बहुत खुश हूँ कि अब तुम मुझ में फिर से दिलचस्पी दिखाने लगे हो। इसके पहले तुम्हें मेरा ख्याल तो था लेकिन मौका नहीं मिला था।
[11] यह नहीं कि मैं तुम्हें अपनी ज़रूरतें बतला रहा हूँ। लेकिन मैंने सीख लिया है, कि जैसी हालत में हूँ, सन्तोष रखूँ।
[12] कमी हो या बहुतायत, दोनों ही अनुभव मेरे पास हैं। हर जगह और हर बात में मुझे यह सिखाया गया है, कि भरपेट कैसे रहूँ और भूख कैसे सहन करूँ। भरपूरी का आनन्द कैसे लूँ और ज़रूरत न पूरी होने की पीड़ा को कैसे सहूँ।
[13] यीशु जो मुझे शक्ति देते हैं, उनकी मदद से मैं हर हालत में रह सकता हूँ।
[14] फिर मैं खुश हूँ कि तुम मेरी मुसीबत में हिस्सेदार बने।
[15] तुम फ़िलिप्पी की मण्डली के लोग, तुम्हें यह मालूम है कि सुसमाचार की शुरूआत में, जब मैं मकिदुनिया छोड़ने पर था, देने और लेने के बारे में तुम लोगों को छोड़कर किसी और ने मेरी मदद नहीं की थी।
[16] जब मैं थिस्सुलुनीके में था, तब भी बार-बार तुम ने मेरी ज़रूरतों को पूरा किया था।
[17] मैं यह इसलिए नहीं कह रहा हूँ कि मैं सहयोग (दान) का भूखा हूँ। मैं यह चाहता हूँ कि तुम्हारे खाते में बहुतायत से जमा हो।
[18] मेरे पास अधिकाई से सब कुछ है। इपफ्रुदितुस के हाथ से जो कुछ तुम ने भेजा, उसको पाकर मैं भरा-पूरा हूँ। वे चीजें खुशबूदार इत्र, परमेश्वर को खुश करने वाली और ग्रहण योग्य कुर्बानी हैं।
[19] मेरे परमेश्वर, मसीह यीशु अपनी महिमा में धन-सम्पत्ति के अनुसार ही तुम्हारी ज़रूरतों को पूरा करें।
[20] अब हमारे परमेश्वर पिता को बड़ाई और आदर (महिमा) सदा काल तक मिलता रहे। ऐसा ज़रूर हो।
[21] मसीह के प्रत्येक पवित्र जन और मेरे साथ जो भाई लोग हैं, वे भी इस में शामिल हैं।
[22] सभी पवित्र लोग तुम सभी को और विशेष कर कैसर के परिवार के लोगों को सलाम कहते हैं।
[23] स्वामी यीशु मसीह की कृपा तुम सभी पर बनी रहे। ऐसा ही हो।