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[1] आसा के बाद उस का बेटा यहूसफ़त तख़्तनशीन हुआ। उस ने यहूदाह की ताक़त बढ़ाई ताकि वह इस्राईल का मुक़ाबला कर सके।

[2] यहूदाह के तमाम क़िलाबन्द शहरों में उस ने दस्ते बिठाए। यहूदाह के पूरे क़बाइली इलाक़े में उस ने चौकियाँ तय्यार कर रखीं और इसी तरह इफ़्राईम के उन शहरों में भी जो उस के बाप आसा ने इस्राईल से छीन लिए थे।

[3] रब यहूसफ़त के साथ था, क्यूँकि वह दाऊद के नमूने पर चलता था और बाल देवताओं के पीछे न लगा।

[4] इस्राईल के बादशाहों के बरअक्स वह अपने बाप के ख़ुदा का तालिब रहा और उस के अह्काम पर अमल करता रहा।

[5] इसी लिए रब ने यहूदाह पर यहूसफ़त की हुकूमत को ताक़तवर बना दिया। लोग तमाम यहूदाह से आ कर उसे तोह्फ़े देते रहे, और उसे बड़ी दौलत और इज़्ज़त मिली।

[6] रब की राहों पर चलते चलते उसे बड़ा हौसला हुआ और नतीजे में उस ने ऊँची जगहों के मन्दिरों और यसीरत देवी के खम्बों को यहूदाह से दूर कर दिया।

[7] अपनी हुकूमत के तीसरे साल के दौरान यहूसफ़त ने अपने मुलाज़िमों को यहूदाह के तमाम शहरों में भेजा ताकि वह लोगों को रब की शरीअत की तालीम दें। इन अफ़्सरों में बिन-ख़ैल, अबदियाह, ज़करियाह, नतनीएल और मीकायाह शामिल थे।

[8] उन के साथ 9 लावी बनाम समायाह, नतनियाह, ज़बदियाह, असाहेल, समीरामोत, यहूनतन, अदूनियाह, तूबियाह, और तूब-अदूनियाह थे। इमामों की तरफ़ से इलीसमा और यहूराम साथ गए।

[9] रब की शरीअत की किताब अपने साथ ले कर इन आदमियों ने यहूदाह में शहर-ब-शहर जा कर लोगों को तालीम दी।

[10] उस वक़्त यहूदाह के पड़ोसी ममालिक पर रब का ख़ौफ़ छा गया, और उन्हों ने यहूसफ़त से जंग करने की जुरअत न की।

[11] ख़राज के तौर पर उसे फ़िलिस्तियों से हदिए और चाँदी मिलती थी, जबकि अरब उसे 7,700 मेंढे और 7,700 बकरे दिया करते थे।

[12] यूँ यहूसफ़त की ताक़त बढ़ती गई। यहूदाह की कई जगहों पर उस ने क़िले और शाही गोदाम के शहर तामीर किए।

[13] साथ साथ उस ने यहूदाह के शहरों में ज़रूरियात-ए-ज़िन्दगी के बड़े ज़ख़ीरे जमा किए और यरूशलम में तजरिबाकार फ़ौजी रखे।

[14] यहूसफ़त की फ़ौज को कुंबों के मुताबिक़ तरतीब दिया गया था। यहूदाह के क़बीले का कमाँडर अदना था। उस के तहत 3,00,000 तजरिबाकार फ़ौजी थे।

[15] उस के इलावा यूहनान था जिस के तहत 2,80,000 अफ़राद थे

[16] और अमसियाह बिन ज़िक्री जिस के तहत 2,00,000 अफ़राद थे। अमसियाह ने अपने आप को रज़ाकाराना तौर पर रब की ख़िदमत के लिए वक़्फ़ कर दिया था।

[17] बिनयमीन के क़बीले का कमाँडर इल्यदा था जो ज़बरदस्त फ़ौजी था। उस के तहत कमान और ढालों से लेस 2,00,000 फ़ौजी थे।

[18] उस के इलावा यहूज़बद था जिस के 1,80,000 मुसल्लह आदमी थे।

[19] सब फ़ौज में बादशाह की ख़िदमत सरअन्जाम देते थे। उन में वह फ़ौजी नहीं शुमार किए जाते थे जिन्हें बादशाह ने पूरे यहूदाह के क़िलाबन्द शहरों में रखा हुआ था।

२-तवारीख़ — Chapters