[1] जखन पाँचम स्वर्गदूत धुतहू फुकलनि, तँ हम एकटा तारा देखलहुँ जे आकाश सँ पृथ्वी पर खसल छल। ओहि तारा केँ अथाह कुण्डक कुंजी देल गेलैक।
[2] ओ अथाह कुण्ड केँ खोललक। एहि पर ओहि कुण्डक धुआँ, जे बड़का भट्ठाक धुआँ सन छल, बहरायल। ओहि धुआँ सँ सूर्य छेका गेल आ आकाश अन्हार भऽ गेल।
[3] ओहि धुआँ मे सँ पृथ्वी पर फनिगा सभ बाहर आयल। ओकरा सभ केँ एहन शक्ति देल गेलैक, जेहन पृथ्वी परक बिच्छु सभक होइत छैक।
[4] ओकरा सभ केँ ई आदेश देल गेलैक जे ओ सभ घास अथवा कोनो गाछ-वृक्ष केँ हानि नहि पहुँचाबय, बल्कि मात्र ओहि मनुष्य सभ केँ, जकरा कपार पर परमेश्वरक मोहरक छाप नहि लागल होइक।
[5] फनिगा सभ केँ ओहि मनुष्य सभक वध करबाक नहि, बल्कि ओकरा सभ केँ पाँच महिना तक भयंकर कष्ट देबाक अनुमति देल गेलैक। ई एहन कष्ट छल जेहन बिच्छुक डंक मारला सँ मनुष्य केँ होइत छैक।
[6] ओहि समय मे लोक सभ मृत्युक खोज करत, मुदा ओकरा सभ केँ मृत्यु नहि भेटतैक। ओ सभ मरबाक अभिलाषा करत, मुदा मृत्यु ओकरा सभ लग सँ दूर भागि जयतैक।
[7] एहि फनिगा सभक रूप युद्ध करबाक लेल तैयार कयल घोड़ा सन छलैक। ओकरा सभक मूड़ी पर सोनाक मुकुट सन कोनो वस्तु छलैक। ओकरा सभक मुँह मनुष्यक मुँह जकाँ छलैक।
[8] ओकरा सभक केश स्त्रीगणक केश सन, आ ओकरा सभक दाँत सिंहक दाँत सन छलैक।
[9] ओकरा सभ केँ एहन कवच छलैक जे लोहाक कवच सन छल। ओकरा सभक पाँखिक आवाज एहन छलैक, जेना युद्ध मे जाइत बहुतो रथ आ घोड़ा सभक दौड़ला पर होइत अछि।
[10] ओकरा सभक नांगड़ि बिच्छुक पुछड़ी जकाँ छलैक जाहि द्वारा ओ सभ डंक मारि सकैत छल। ओकरा सभक नांगड़ि मे पाँच मास तक मनुष्य सभ केँ पीड़ा देबाक शक्ति छलैक।
[11] ओकरा सभक जे राजा छलैक, से ओ दूत अछि जे अथाह कुण्डक अधिकारी अछि। इब्रानी भाषा मे ओकर नाम “अबद्दोन” छैक आ यूनानी मे “अपुल्लयोन”, ⌞अर्थात्, विनाश करऽ वला⌟।
[12] पहिल विपत्ति समाप्त भेल। दूटा विपत्ति आरो आबऽ वला अछि।
[13] जखन छठम स्वर्गदूत धुतहू फुकलनि, तखन हम सोनाक वेदी जे परमेश्वरक सम्मुख अछि, तकर चारू सीँग मे सँ एकटा स्वर सुनलहुँ।
[14] ओ स्वर छठम स्वर्गदूत केँ, जिनका लग धुतहू छलनि, कहलकनि जे, “महा-नदी फरात लग जे चारू दूत बान्हल अछि, तकरा सभ केँ खोलि दिऔक।”
[15] ओहि चारू दूतक बन्हन खोलि देल गेलैक। ओ सभ मनुष्य जातिक एक तिहाइ भाग केँ मारि देबाक लेल एही वर्ष, मास, दिन आ घड़ीक लेल तैयार कऽ कऽ राखल गेल छल।
[16] हम ओकरा सभक घोड़सवार सैनिक सभक संख्या सुनलहुँ—ओ बीस करोड़ छल।
[17] ओहि दर्शन मे ओ घोड़ा सभ आ ओहि परक सवार सैनिक सभ हमरा एहि तरहेँ देखाइ देलक—ओ सभ आगि सन लाल रंगक, नील रंगक आ गन्धक सन पिअर रंगक कवच पहिरने छल। घोड़ा सभक मूड़ी शेरक मूड़ी जकाँ छलैक आ ओकरा सभक मुँह सँ आगि, धुआँ आ गन्धक बहरा रहल छल।
[18] एहि तीन विपत्ति द्वारा, अर्थात् ओहि आगि, धुआँ आ गन्धक द्वारा, जे घोड़ा सभक मुँह सँ बहरा रहल छल, मनुष्य जातिक एक तिहाइ भाग केँ मारि देल गेलैक।
[19] ओहि घोड़ा सभक सामर्थ्य ओकरा सभक मुँह आ नांगड़ि दूनू मे छलैक, किएक तँ ओकरा सभक नांगड़ि साँप जकाँ छलैक, जाहि मे मूड़ी लागल छल। एही सभक द्वारा ओ सभ मनुष्य केँ हानि पहुँचा रहल छल।
[20] तैयो बाँकी बाँचल लोक, जे सभ एहि विपत्ति सभ सँ मारल नहि गेल छल, से सभ अपना हाथक रचल वस्तु सँ एखनो मोन नहि हटौलक। ओ सभ दुष्टात्मा सभक, आ नहि देखऽ वला, नहि सुनऽ वला, नहि चलऽ वला, सोना, चानी, पित्तरि, पाथर आ काठक मूर्ति सभक पूजा कयनाइ नहि छोड़लक।
[21] ओ सभ हृदय-परिवर्तन नहि कयलक, बल्कि हत्या, जादू-टोना, अनैतिक शारीरिक सम्बन्ध आ चोरी वला अपन काज सभ करिते रहल।