Skip to content
Opens in a new window
Listen to this chapter • 7:19

[1] ओहि समय मे ओहि प्रदेशक शासक हेरोद यीशुक काज सभक चर्चा सुनलनि।

[2] ओ अपन दरबारी सभ केँ कहलनि, “ई तँ बपतिस्‍मा देनिहार यूहन्‍ना अछि! ओ मुइल सभ मे सँ जीबि उठल अछि, आ तेँ चमत्‍कार करबाक एहन सामर्थ्‍य ओकरा मे क्रियाशील अछि।”

[3] यूहन्‍ना हेरोद द्वारा कोना मरबाओल गेल छलाह से घटना एहि प्रकारेँ अछि—हेरोद अपन भाय फिलिपुसक स्‍त्री हेरोदियासक कारणेँ यूहन्‍ना केँ पकड़बा कऽ बन्‍हबौने छलथिन आ जहल मे राखि देने छलथिन,

[4] किएक तँ यूहन्‍ना हेरोद केँ बेर-बेर कहने छलथिन जे, “अहाँ भायक स्‍त्री केँ राखि कऽ धर्म-नियमक आज्ञाक उल्‍लंघन कऽ रहल छी।”

[5] हेरोद यूहन्‍ना केँ मारि देबऽ चाहैत छलाह, मुदा ओ लोक सभ सँ डेराइत छलाह, किएक तँ लोक सभ यूहन्‍ना केँ परमेश्‍वरक प्रवक्‍ता मानैत छलनि।

[6] मुदा जखन हेरोदक जन्‍म-दिन अयलनि तँ हेरोदियासक बेटी अतिथि सभक सामने नाँचि कऽ हेरोद केँ ततेक ने प्रसन्‍न कऽ देलकनि

[7] जे ओ सपत खाइत ओकरा वचन देलथिन जे, “तोँ जे किछु हमरा सँ मँगबह, से हम तोरा देबह।”

[8] बच्‍चीक माय ओकरा सिखा-पढ़ा कऽ कहबौलकैक जे, “हमरा बपतिस्‍मा देनिहार यूहन्‍नाक मूड़ी एखने थारी मे अनबा दिअ।”

[9] ई सुनि राजा उदास भऽ गेलाह, मुदा तैयो अपन सपत आ उपस्‍थित आमन्‍त्रित सभक कारणेँ ओ आज्ञा देलनि जे ओकर माँग पूरा कयल जाय।

[10] ओ सिपाही केँ पठा कऽ जहल मे यूहन्‍नाक मूड़ी कटबा देलथिन।

[11] यूहन्‍नाक मूड़ी एकटा थारी मे आनल गेल आ बच्‍ची केँ दऽ देल गेलैक। ओ लऽ कऽ चलि गेल और अपना माय केँ दऽ देलकैक।

[12] यूहन्‍नाक शिष्‍य सभ अयलाह आ अपन गुरुक लास लऽ जा कऽ कबर मे राखि देलथिन। तकरबाद जा कऽ ई समाचार यीशु केँ सुनौलथिन।

[13] यीशु ई समाचार सुनि एकटा नाव पर बैसि कऽ चुप-चाप कोनो एकान्‍त स्‍थानक लेल विदा भऽ गेलाह। लोक सभ जखन ई बात बुझलक तँ नगर-नगर सँ बहुतो लोक पैदले हुनका पाछाँ विदा भऽ गेल।

[14] यीशु जखन नाव सँ उतरलाह आ लोकक बड़का भीड़ केँ जमा देखलनि तँ हुनका ओहि लोक सभ पर दया आबि गेलनि और ओकरा सभ मे जे रोगी-बिमार सभ छलैक तकरा सभ केँ ओ स्‍वस्‍थ कऽ देलथिन।

[15] जखन साँझ पड़ऽ लागल तँ यीशुक शिष्‍य सभ हुनका लग आबि कहलथिन, “ई जगह बस्‍ती सँ दूर अछि आ साँझ पड़ऽ वला अछि, तेँ एकरा सभ केँ विदा कऽ दिऔक जाहि सँ ई सभ लग-पासक गाम सभ मे जा कऽ अपना लेल किछु खयबाक वस्‍तु किनि सकत।”

[16] मुदा यीशु शिष्‍य सभ केँ उत्तर देलथिन, “एकरा सभ केँ एतऽ सँ पठयबाक कोनो आवश्‍यकता नहि अछि। अहीं सभ एकरा सभ केँ भोजन करबिऔक।”

[17] शिष्‍य सभ कहलथिन, “हमरा सभ लग, बस, पाँचेटा रोटी आ दुइएटा माछ अछि।”

[18] यीशु कहलथिन, “ओ सभ हमरा लग आनू।”

[19] तकरबाद ओ लोक सभ केँ घास पर बैसि जयबाक आज्ञा देलथिन। ओहि पाँचटा रोटी आ दूटा माछ केँ ओ हाथ मे लेलनि और स्‍वर्ग दिस तकैत परमेश्‍वर केँ धन्‍यवाद देलनि। तखन ओ रोटी केँ तोड़ि-तोड़ि कऽ शिष्‍य सभ केँ देलथिन आ शिष्‍य सभ लोक सभ मे परसि देलनि।

[20] सभ केओ भरि इच्‍छा भोजन कयलक और शिष्‍य सभ जखन उबरल टुकड़ा सभ बिछलनि तँ ओ बारह पथिया भेल।

[21] भोजन करऽ वला मे स्‍त्रीगण आ बच्‍चा सभ केँ छोड़ि पुरुषक संख्‍या लगभग पाँच हजार छल।

[22] तकरबाद यीशु अपना शिष्‍य सभ केँ तुरत नाव पर चढ़ि कऽ अपना सँ पहिने झीलक ओहि पार चल जयबाक लेल आज्ञा देलथिन आ अपने ओतहि रहि कऽ भीड़क लोक सभ केँ विदा करऽ लगलाह।

[23] लोक सभ केँ विदा कयलाक बाद ओ एकान्‍त मे प्रार्थना करऽ लेल पहाड़ पर चल गेलाह। साँझ पड़ि गेल छल आ ओ ओतऽ एसगरे छलाह।

[24] शिष्‍य सभ जाहि नाव पर गेल छलाह से कछेर सँ दूर पहुँचि लहरि मे डगमग कऽ रहल छल, किएक तँ हवा विपरीत दिस सँ बहि रहल छलैक।

[25] यीशु रातिक चारिम पहर मे झीलक पानि पर चलैत शिष्‍य सभक दिस गेलाह।

[26] मुदा शिष्‍य सभ हुनका पानि पर चलैत देखि घबड़ा गेलाह आ कहलनि जे, “भूत अछि!” और डरक मारे चिचियाय लगलाह।

[27] एहि पर यीशु हुनका सभ केँ तुरत कहलथिन, “साहस राखू! हम छी, नहि डेराउ।”

[28] तखन पत्रुस हुनका कहलथिन, “यौ प्रभु, जँ अहीं छी तँ हमरा पानि पर चलैत अपना लग अयबाक आज्ञा दिअ।”

[29] यीशु कहलथिन, “आउ।” तखन पत्रुस नाव सँ उतरि कऽ पानि पर चलैत यीशुक दिस बढ़लाह।

[30] मुदा जखन देखलनि जे हवा कतेक जोर सँ बहि रहल अछि तँ डेरा गेलाह आ डुबऽ लगलाह। ओ चिचियाइत बजलाह जे, “यौ प्रभु, हमरा बचाउ!”

[31] यीशु तुरत हाथ बढ़ा कऽ हुनका पकड़ि लेलथिन आ कहलथिन, “अहाँक विश्‍वास एतेक कम किएक भऽ गेल! अहाँ सन्‍देह किएक कयलहुँ?”

[32] तकरबाद जखन ओ सभ नाव पर चढ़ि गेलाह तँ हवाक बहनाइ शान्‍त भऽ गेल।

[33] जे सभ नाव पर छलाह, से सभ हुनका पयर पर खसैत कहलथिन, “निश्‍चय अहाँ परमेश्‍वरक पुत्र छी।”

[34] झील केँ पार कऽ कऽ ओ सभ गन्‍नेसरत क्षेत्र मे पहुँचलाह।

[35] ओहिठामक लोक सभ जखन हुनका चिन्‍हि लेलकनि तँ अपना लग-पासक इलाका मे यीशुक पहुँचबाक समाचार पसारि देलक। लोक सभ अपन सभ रोगी-बिमार केँ हुनका लग आनऽ लगलनि

[36] और हुनका सँ नेहोरा करऽ लगलनि जे, “एकरा सभ केँ अहाँ अपन कपड़ाक खूटो छुबऽ दिऔक।” जे-जे रोगी-बिमार सभ यीशुक कपड़ा छुबि लेलक से सभ स्‍वस्‍थ भऽ गेल।

मत्तीक अनुसार शुभ समाचार — Chapters