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[1] यीशु चलैत-चलैत एक आदमी केँ देखलनि जे जन्‍म सँ आन्‍हर छल।

[2] हुनकर शिष्‍य सभ पुछलथिन, “गुरुजी, ई आदमी अपने पापक कारणेँ आन्‍हर जनमल की माय-बाबूक पापक कारणेँ?”

[3] यीशु उत्तर देलथिन, “ने अपना पापक कारणेँ आ ने माय-बाबूक। ई एहि लेल भेल जे ओकरा मे परमेश्‍वरक काज प्रगट भऽ जानि।

[4] जे हमरा पठौलनि, तिनकर काज अपना सभ केँ दिने मे करऽ पड़त। राति आबि रहल अछि, जखन केओ नहि काज कऽ सकैत अछि।

[5] जाबत धरि हम संसार मे छी, ताबत धरि हम संसारक इजोत छी।”

[6] एतबा कहि ओ जमीन पर थुकलनि, आओर थूक मे माटि सानि कऽ, ओहि आदमीक आँखि पर लगा देलथिन।

[7] तखन ओकरा कहलथिन, “जा कऽ शिलोह कुण्‍ड मे धो लैह।” (शिलोहक अर्थ अछि “पठाओल गेल”।) तँ ओ आदमी जा कऽ आँखि धो लेलक आओर देखैत घर चल आयल।

[8] ओकर पड़ोसी सभ आ जे लोक सभ ओकरा पहिने भीख मँगैत देखने छलैक कहलक, “की ई वैह नहि अछि जे पहिने बैसले-बैसले भीख मँगैत छल?”

[9] किछु लोक कहलक, “हँ, वैह अछि।” दोसर लोक कहलक, “नहि, नहि! ओकरा सनक लगैत छैक लेकिन ओ अछि नहि।” मुदा ओ आदमी अपने कहलक, “हम वैह छी।”

[10] तँ ओ सभ ओकरा कहलकैक, “तखन तोहर आँखि कोना खुजि गेलौ?”

[11] ओ बाजल, “ओ यीशु नामक आदमी माटि सानि कऽ हमरा आँखि पर लगा कऽ कहलनि जे, जाह, शिलोह मे धो लैह। हम गेलहुँ, धो लेलहुँ, आओर देखऽ लगलहुँ।”

[12] ओ सभ ओकरा पुछलकैक, “ओ कतऽ छथि?” ओ उत्तर देलकैक, “हम नहि जनैत छी।”

[13] ओ आदमी जे पहिने आन्‍हर छल तकरा फरिसी सभ लग आनल गेलैक।

[14] जाहि दिन यीशु माटि सानि कऽ ओकर आँखि खोलने छलथिन, से विश्राम-दिन छल।

[15] तेँ फरिसी सभ ओहि आदमी केँ फेर पुछलथिन, “ई कोना भेल जे तोँ आब देखि रहल छह?” ओ बाजल, “ओ माटि सानि कऽ हमरा आँखि पर लगा देलनि, हम धो लेलहुँ, आओर आब देखैत छी।”

[16] किछु फरिसी कहऽ लगलाह, “ई व्‍यक्‍ति परमेश्‍वरक दिस सँ नहि आयल अछि, कारण ओ विश्राम-दिन केँ नहि मानैत अछि।” मुदा दोसर सभ कहऽ लगलाह, “जे पापी होयत, से एहन चमत्‍कार वला चिन्‍ह सभ कोना देखा सकत?” एहि तरहेँ हुनका सभ मे मतभेद भऽ गेलनि।

[17] आखिर मे ओ सभ ओहि आन्‍हर केँ पुछलथिन, “तोँ ओकरा बारे मे की कहैत छह? तोरे ने आँखि खोलि देलकह।” ओ उत्तर देलकनि, “ओ परमेश्‍वरक प्रवक्‍ता छथि।”

[18] मुदा यहूदी सभ तखनो तक नहि पतिअयलाह जे ओ पहिने आन्‍हर छल, और आब देखऽ लागल अछि जखन तक ओ सभ ओकर माय-बाबू केँ बजा कऽ पुछि नहि लेलनि।

[19] ओ सभ ओकरा सभ सँ पुछलथिन, “की ई तोरे सभक बेटा छह? ई वैह अछि जे तोरा सभक कहबाक अनुसार आन्‍हर जनमल? तँ ई एखन कोना देखि रहल अछि?”

[20] ओकर माय-बाबू उत्तर देलकनि, “हम सभ जनैत छी जे ई हमरा सभक बालक अछि, और इहो जनैत छी जे आन्‍हर जनमल।

[21] मुदा ई एखन कोना देखि रहल अछि, वा एकरा के आँखि खोलि देलथिन, से नहि जनैत छी। ओकरे पुछिऔक। ओ तँ बच्‍चा नहि अछि। ओ अपने कहत।”

[22] ओकर माय-बाबू ई बात एहि लेल कहलक जे ओ सभ यहूदीक धर्मगुरु सभ सँ डेराइत छल, कारण, यहूदी अधिकारी सभ एकमत भऽ गेल रहय जे, जँ केओ कहत जे यीशु उद्धारकर्ता-मसीह अछि तँ ओकरा सभाघर सँ बारि देल जयतैक।

[23] एही कारणेँ ओकर माय-बाबू कहने छलैक जे ओ बच्‍चा नहि अछि, ओकरे पुछिऔक।

[24] ओ सभ फेर दोसर बेर ओहि आदमी केँ बजौलनि जे आन्‍हर छल, आओर ओकरा कहलथिन, “परमेश्‍वरक समक्ष सत्‍ये बाजह! हम सभ जनैत छी जे ई व्‍यक्‍ति पापी अछि।”

[25] ओ बाजल, “ओ पापी छथि वा नहि, से हम नहि जनैत छी। मुदा एकटा बात हम जनैत छी—हम पहिने आन्‍हर छलहुँ और एखन देखैत छी।”

[26] ओ सभ ओकरा पुछलथिन, “ओ तोरा की कयलकह? तोहर आँखि ओ कोना खोललकह?”

[27] ओ उत्तर देलकनि, “हम अहाँ सभ केँ कहि देने छी, मुदा अहाँ सभ सुनिते नहि छी। अहाँ सभ फेर किएक सुनऽ चाहैत छी? की अहूँ सभ हुनकर शिष्‍य बनऽ चाहैत छी?”

[28] ओ सभ ओकरा गारि पढ़ैत कहलथिन, “तोँही ओकर शिष्‍य छैं। हम सभ तँ मूसाक शिष्‍य छी।

[29] हम सभ जनैत छी जे परमेश्‍वर मूसा सँ बाजल छलथिन, मुदा ई व्‍यक्‍ति जे अछि, से कतऽ सँ आयल तकर कोनो पता नहि।”

[30] एहि पर ओ आदमी बाजल, “अरे, ई तँ बड्ड अद्‌भुत बात अछि! अहाँ सभ नहि जनैत छी जे ओ कतऽ सँ आयल छथि, और तैयो ओ हमर आँखि खोलि देलनि।

[31] अपना सभ जनैत छी जे परमेश्‍वर पापी सभक नहि सुनैत छथिन। जे हुनका मानैत छनि और हुनकर इच्‍छा पूरा करैत छनि, तकर बात परमेश्‍वर सुनैत छथिन।

[32] सृष्‍टिक आरम्‍भ सँ आइ तक ई कहियो सुनबा मे नहि आयल अछि जे केओ कोनो जन्‍म सँ आन्‍हर आदमीक आँखि केँ खोलने होअय।

[33] ई आदमी जँ परमेश्‍वरक दिस सँ नहि आयल रहितथि तँ ओ किछु नहि कऽ सकितथि।”

[34] एहि पर ओ सभ उत्तर देलथिन, “तोँ तँ बिलकुल पापे मे जनमल छैं आ तोँ हमरा सभ केँ सिखाबऽ चाहैत छैं?!” ई कहि ओकरा बाहर भगा देलनि।

[35] यीशु जखन सुनलनि जे ओ सभ ओकरा भगा देने छैक तँ ओकरा भेँट कऽ कऽ पुछलथिन, “की तोँ मनुष्‍य-पुत्र पर विश्‍वास करैत छह?”

[36] ओ उत्तर देलकनि, “मालिक, ओ के छथि? हमरा कहल जाओ, जाहि सँ हम हुनका पर विश्‍वास करियनि।”

[37] यीशु ओकरा कहलथिन, “तोँ हुनका देखने छहुन और ओ वैह छथि जे एखनो तोरा सँ बात कऽ रहल छथुन।”

[38] ओ कहलकनि, “प्रभु, हम विश्‍वास करैत छी!” और हुनकर पयर पर खसि कऽ गोड़ लगलकनि।

[39] यीशु बजलाह, “हम एहि संसार मे न्‍यायक लेल आयल छी, जाहि सँ जे सभ नहि देखैत अछि, से सभ देखय, और जे सभ देखैत अछि, से सभ आन्‍हर भऽ जाय।”

[40] किछु फरिसी जे हुनका लग मे ठाढ़ छलाह, से ई बात सुनि कहलथिन, “तँ हमहूँ सभ आन्‍हर छी की?”

[41] यीशु हुनका सभ केँ कहलथिन, “अहाँ सभ जँ आन्‍हर रहितहुँ, तँ दोषी नहि होइतहुँ, मुदा अहाँ सभ कहैत छी जे, हम सभ देखैत छी, आ तेँ अहाँ सभ दोषी रहलहुँ।”

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