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[1] की हम सभ फेर अपने प्रशंसा करऽ लगलहुँ? की किछु आन लोक सभ जकाँ हमरो सभ केँ एहि बातक आवश्‍यकता अछि जे सिफारिश-पत्र अहाँ सभ केँ देखाबी अथवा अहाँ सभ सँ लिखाबी?

[2] हमरा सभक पत्र तँ अहीं सभ छी जे हमरा सभक हृदय पर लिखल गेल छी आ जकरा सभ केओ देखि आ पढ़ि सकैत अछि।

[3] ई स्‍पष्‍ट अछि जे अहाँ सभ मसीहक पत्र छी जकरा ओ हमरा सभ सँ लिखबौलनि। ई पत्र मोइस सँ नहि, बल्‍कि जीवित परमेश्‍वरक आत्‍मा सँ, पाथरक पाटी पर नहि, बल्‍कि मानव हृदयक पाटी पर लिखल गेल अछि।

[4] एहन बात कहबाक साहस एहि लेल अछि जे हमरा सभ केँ मसीहक कारणेँ परमेश्‍वर पर भरोसा अछि।

[5] ई नहि, जे हम सभ अपने एतेक योग्‍य छी जे अपने सँ किछु कऽ सकबाक दावा करी, बल्‍कि हमरा सभक योग्‍यता तँ परमेश्‍वरेक दिस सँ अबैत अछि।

[6] वैह हमरा सभ केँ योग्‍य बनौने छथि, जाहि सँ हम सभ ओहि नव सम्‍बन्‍धक विषय मे सुना सकी जे परमेश्‍वर अपन वचन दऽ कऽ मनुष्‍यक संग स्‍थापित कयने छथि। ई नव सम्‍बन्‍ध अक्षर सँ लिखल विधान द्वारा स्‍थापित नहि भेल, बल्‍कि परमेश्‍वरक आत्‍मा द्वारा, किएक तँ अक्षर वला विधान मारैत अछि मुदा आत्‍मा जीवन दैत छथि।

[7] आब सोचू। मूसा केँ देल गेल विधान जे पाथर पर खोधि कऽ लिखल छल से मृत्‍यु मे लऽ जाइत छल। तैयो ओ एहन महिमाक संग आयल जे मूसाक मुँह सेहो एतेक चमकैत छल जे इस्राएली सभ एकटक लगा कऽ हुनका मुँह दिस नहि देखि सकल, जखन कि ओ चमक तुरत फेर मन्‍द पड़ऽ लगैत छल। जँ मृत्‍यु दिआबऽ वला विधान एतेक महिमामय छल,

[8] तँ की पवित्र आत्‍मा दिआबऽ वला विधान ओहि सँ आरो बेसी महिमामय नहि होयत?

[9] जखन दोषी ठहराबऽ वला विधान एतेक महिमामय छल तँ की धार्मिक ठहराबऽ वला विधान ओहि सँ बहुत अधिक महिमामय नहि होयत?

[10] वास्‍तव मे, ओ जे पहिने महिमामय छल, तकरा एहि सर्वश्रेष्‍ठ महिमाक सम्‍मुख आब कोनो महिमा नहि छैक।

[11] किएक तँ जखन नहि टिकऽ वला विधान एतेक महिमामय छल तँ सदा अटल रहऽ वला विधान कतेक आरो महिमामय होयत!

[12] हमरा सभक एहने आशा होयबाक कारणेँ हम सभ साहसपूर्बक बजैत छी।

[13] हम सभ मूसा जकाँ नहि छी। मूसा तँ अपना मुँह पर परदा रखने रहैत छलाह जाहि सँ इस्राएली लोक सभ लुप्‍त होमऽ वला चमक पर अन्‍त तक नजरि नहि टिकौने रहय।

[14] मुदा ओकरा सभक मोन कठोर कयल गेल छलैक। आइओ धरि जखन पुरान विधान पढ़ल जाइत अछि तँ वैह परदा लागल रहैत छैक। ओ हटाओल नहि गेल अछि किएक तँ ओकरा मात्र मसीह द्वारा हटाओल जाइत अछि।

[15] हँ, आइओ जखन मूसाक धर्म-नियम पढ़ल जाइत अछि तँ ओकरा सभक मोन पर परदा टाँगल रहैत छैक।

[16] मुदा जखने केओ प्रभु लग फिरैत अछि तँ ओ परदा हटा देल जाइत अछि।

[17] जाहि प्रभु लग फिरबाक अछि, से नव विधानक ओ आत्‍मा छथि, आ जतऽ प्रभुक आत्‍मा छथि ततऽ स्‍वतन्‍त्रता अछि।

[18] मुदा अपना सभक मुँह पर परदा नहि अछि आ जहिना अएना मे देखल जाइत अछि, तहिना अपना सभ प्रभुक महिमाक प्रतिबिम्‍ब देखैत छी। संगहि अपना सभ क्रमशः बढ़ैत मात्रा मे ओहि महिमामय रूप मे बदलल जाइत छी। ई रूपान्‍तर प्रभुक, अर्थात्‌ पवित्र आत्‍माक, काज छनि।

कोरिन्‍थ नगरक मण्‍डली केँ पौलुसक दोसर पत्र — Chapters