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[1] पतरस दन्‍न से जे यीसु मसीह के परेरित हे, ऊ परदेसीय न के नाँव जे पुन्तुस, गलातिया, कप्प दुकिया, आसिया आउर बिथुनिया में छितराय ल रहऽ हथ,

[2] आउर परमेसर पिता के भबिस ग्यान के मोताबिक, आतमा के पबित्तर करे से आग्यां माने आउर यीसु मसीह के खून छींटे ला चुनल गेल हथ। तोहनी के किरपा आउर सानि्त जादे करके मिलइत रहे।

[3] हमनी के परभु यीसु मसीह के परमेसर आउर पिता के ध् न्‍न वाद होय, जे यीसु मसीह के मरल में से जी उठे के ज रिए, अप्पण बड़ दया से हमनी के जि न्दा आसा लागी नया जलम देलथी,

[4] माने एगो अमर, निरमल, आउर ज इस न के तइस न रहे वाला तरका जे तोहनी लागी सरग में ध् इल हे,

[5] जेकर रच्छा परमेसर के स मारथा से बिसवास दिया ऊ उद्धार लागी कयल जा हे, जे आवेवाला बखत में परगट होवेवाला हे,

[6] ई मारे तोहनी मगन होवऽ हु, हलांकि जरू री हे कि अभी कुछ दिन लेल तरे-तरे के जाँच-पड़ताल के ओज ह से दुख में हु

[7] आउर ई एहिसे हइ कि तोहनी के परखल बिसवास, जे आग से तपावल नास होवे वाला सोनो से बेसी कीमती हे, यीसु मसीह के परगट होवे पर बड़ाइ, महिमा आउर आदर के ओज ह होलइ।

[8] उनका से तोहनी बिन देखल परेम रखऽ हु, आउर अब त उनका पर बिन देखलहु बिसवास करके अइसे खुस आउर मगन होव हु जे बखान से बाहर आउर महिमा से भरल हे

[9] आउर अप्पण बिसवास के परिणाम माने आतमावन के उद्धार पराप त करऽ हु।

[10] इहे उद्धार के बारे में ऊ भबिस बक्तवन ढेर खोज बीन आउर देखसुन कयलन, जे ऊ किरपा के बारे में जे तोहनी पर होय वाला हल, भबिसवानी कयलन हल।

[11] ओखनी ई बात के खोज कयलन कि मसीह के आतमा जे उनका में हल, आउर पहिलही से मसीह के दुख के आउर ओकरा बाद होवेवाला महिमा के गवाही दे हल, ऊ कउन आउर कइस न बखत दन्‍न इसारा करऽ हल।

[12] उनकरा पर ई परगट कयल गेल कि ओ अप्पण नञ बाकि तोहनी के सेवा लागी ई बात कहल करऽ हलन, जि नकर स माचार अब तोहनी के उनका दिया मिलल जे पवित्तर आतमा के ज रिए, जे सरग से भेजल गेल, तोहनी के सुभसमाचार सुनाय लकय; आउर ई बात के स रगदूतो धियान से देथे के लालसा रखऽ हथ।

[13] ई मारे अप्पण-अप्पण बुदि्ध तइयार आउर सचेत रहके, ऊ किरपा के पूरा आसा रखहु जे यीसु मसीह के परगट होवे के बखत तोहनी के मिलेवाला हे।

[14] आग्यां मानेवाला लइकन के ज इस न अप्पण नास मझी के बखत के पुरनका कामना अइसन नञ बनहु।

[15] बाकि ज इस न तोहनी के बोलावे वाला पवित्तर हे, ओइस ही तोहनियो अप्पण स ऊँसे चाल-चलन में पवित्तर बनहु।

[16] काहेकि लिखल हे, “प वित्तर बनहु, काहेकि हम पवित्तर हिअई।”

[17] आउर जब तोहनी ‘हे पिता’ कहके उनकरा से परारथाना करऽ हु, जे बिना पछपात हरेक के काम के मोताबिक नेयाय करऽ हथ, त अपना परदेसी होवे के बखत डर से बितावहु।

[18] काहेकि तोहनी जानऽ हु कि तोहनी के आलसी चाल-चलन जे पुरखन से चलल आवऽ हे, ओकरा से तोहनी के छुटकारा चानी सोना माने नास होवे वाला चीज के ज रिए नञ होलइ;

[19] बाकि निरदोष आउर बिना कंलक मेमना, माने मसीह के बेस कीमती खून से होलइ।

[20] उनकर ग्यान त दुनिया के पइदा होवे के पहिलही से जानल गेलइ हल, बाकि अब ई आखिरी जुग में तोहनी लेल परगट होलइ।

[21] तोहनी उनखा ज रिए ऊ परमेसर पर बिसवास करऽ हु, जे उनखा मरल में से जि लाय लथी आउर महिमा देलथी कि तोहनी के बिसवास आउर आस रा परमेसर पर होय।

[22] ईसे ज बकि तोहनी भाइचारा के बिना कप ट वाला परेम के निमरित सच के माने से अपना मन के पवित्तर कय लऽ हे, त तन मन लगा के एक दोस रा से बेसी परेम रखहु।

[23] काहेकि तोहनी नास होवे वाला से नञ बाकि अमर बीया से, परमेसर के जि न्दा आउर हरमेसा रहे वाला बचन के ज रिए नया जलम पय लऽ हे।

[24] काहेकि “हरेक परानी घास ज इस न हे, आउर ओकर स ऊँसे सोभा घास के फूल के ज इस न हे। घास सूख जा हे, आउर फूल झड़ जा हे,

[25] बाकि परभु के बचन जुग-जुग ले अटल रहऽ हे।” आउर ईहे सुभसमाचार के बचन हे जे तोहनी के सुनावल गेलइ हल।

1 पतरस — Chapters