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[1] आमोन के बेटा, यहूदा प्रदेस के राजा योसियाह के सासनकाल म यहोवा के बचन ह सपनयाह करा आईस; सपनयाह ह कूसी के बेटा, कूसी ह गदलयाह के बेटा, गदलयाह ह अमरयाह के बेटा अऊ अमरयाह ह हिजकियाह के बेटा रिहिस:

[2] “मेंह धरती के जम्मो चीज ला नास करहूं,” यहोवा ह घोसना करत हे।

[3] “मेंह मनखे अऊ पसु दूनों ला नास कर दूहूं; मेंह अकास के चिरई अऊ समुंदर के मछरीमन ला नास कर दूहूं— अऊ मूरतीमन ला नास कर दूहूं, जेमन दुस्ट मनखे के गिरे के कारन बनथें।” “जब में जम्मो मानव-जाति ला धरती ले मिटा दूहूं,” यहोवा ह घोसना करत हे,

[4] “तब मेंह यहूदा के बिरूध अऊ यरूसलेम के जम्मो रहइयामन के बिरूध अपन हांथ बढ़ाहूं। मेंह ये ठऊर ले बाल देवता के उपासना करइया जम्मो बांचे मनखेमन ला, अऊ मूरती-पूजा करइया जम्मो पुरोहितमन के नांव ला घलो मेटा दूहूं—

[5] जऊन मन अपन घर के छानीमन म अकास के तारामन ला गिरके दंडवत करथें, जऊन मन झुकके यहोवा के कसम खाथें अऊ जऊन मन मोलेक देवता के घलो कसम खाथें,

[6] जेमन यहोवा के पाछू चले बर छोंड़ देथें अऊ न तो यहोवा के खोज करथें अऊ न ही ओकर ईछा जाने के कोसिस करथें, ओ जम्मो ला मेटा दूहूं।”

[7] परमपरधान यहोवा के आघू म चुपे रहव, काबरकि यहोवा के दिन ह लकठा म हवय। यहोवा ह एक बलिदान तियार करे हवय; ओह ओमन ला पबितर करे हवय, जेमन ला ओह नेवता देय हवय।

[8] “यहोवा के ठहिराय बलिदान के दिन मेंह अधिकारीमन ला अऊ राजामन के बेटामन ला अऊ ओ जम्मो जेमन बिदेसी ओनहा पहिरथें ओ जम्मो झन ला सजा दूहूं।

[9] ओ दिन मेंह ओमन ला सजा दूहूं जऊन मन मंदिर के दुवार म आय ले बचथें, जऊन मन अपन देवतामन के मंदिर ला हिंसा अऊ छल ले भर देथें।

[10] “ओ दिन” यहोवा ह घोसना करत हे, “मछरी दुवार ले पुकारे के अऊ नवां निवास ले बिलाप के अऊ पहाड़ीमन ले बहुंत जोर से धमाका के अवाज सुनई दीही।

[11] तुमन, जेमन बजारवाले इलाका म रहिथव, बिलाप करव; तुम्हर सबो बेपारीमन ला, ओ जम्मो ला, जेमन चांदी के बेपार करथें, नास कर दिये जाही।

[12] ओ समय, मेंह दीया धरके यरूसलेम म खोजहूं, अऊ ओमन ला दंड दूहूं, जेमन अपनआप म खुस हवंय, जेमन पेंदी म छोंड़े गय अंगूर के मंद के मईल कस अंय, जेमन ये सोचथें, ‘यहोवा ह कुछू नइं करही, न भलई करही अऊ न ही बुरई।’

[13] ओमन के धन-दौलत लूट लिये जाही, ओमन के घरमन गिर जाहीं। हालाकि ओमन घर बनाहीं, पर ओमन ओमा रहे बर नइं पाहीं; हालाकि ओमन अंगूर के बारी लगाहीं, पर ओमन ओकर ले अंगूर के मंद पीये बर नइं पाहीं।”

[14] यहोवा के भयानक दिन ह लकठा म हवय— येह लकठा म हवय अऊ जल्दी आवत हे। यहोवा के दिन के रोवई ह भयंकर ए; बड़े बीर घलो दुख के मारे चिचियाथे।

[15] ओ दिन ह कोप के दिन होही— संकट अऊ पीरा के दिन, समस्या अऊ बिनास के दिन, अंधियार अऊ उदासी के दिन, करिया बादर अऊ अंधियार के दिन होही—

[16] गढ़वाले सहरमन के बिरूध अऊ कोनटा के मीनारमन के बिरूध ओह तुरही फूंके अऊ लड़ई के ललकार के दिन होही।

[17] “मेंह जम्मो मनखेमन ऊपर अइसन बिपत्ति लानहूं कि ओमन अंधरा मनखे कस टमड़हीं, काबरकि ओमन यहोवा के बिरोध म पाप करे हवंय। ओमन के लहू ला धुर्रा कस अऊ ओमन के अंतड़ी ला गोबर कस फटिक दिये जाही।

[18] यहोवा के कोप के दिन न तो ओमन के सोन अऊ न ही ओमन के चांदी ओमन ला बचा सकही।” ओकर जलन के आगी म जम्मो धरती ह भसम हो जाही, काबरकि ओह ओ जम्मो के अचानक अन्त कर दीही जेमन धरती म रहिथें।

सपनयाह — Chapters