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[1] सर्वसक्तिमान यहोवा के बचन ह मोर करा आईस।

[2] सर्वसक्तिमान यहोवा ह ये कहत हे: “सियोन बर मोला अब्बड़ जलन होवत हे; मेंह ओकर बर जलन ले जरत हंव।”

[3] यहोवा ह ये कहत हे: “मेंह वापिस सियोन जाहूं अऊ यरूसलेम म निवास करहूं। तब यरूसलेम ला बिसवासयोग्य सहर कहे जाही, अऊ सर्वसक्तिमान यहोवा के पहाड़ ला पबितर पहाड़ कहे जाही।”

[4] सर्वसक्तिमान यहोवा ह ये कहत हे: “एक बार फेर यरूसलेम के गलीमन म डोकरा अऊ डोकरीमन बईठहीं अऊ बहुंत उमर होय के कारन हर एक के हांथ म लउठी होही।

[5] सहर के गलीमन उहां खेलत बाबू-नोनीमन ले भरे होहीं।”

[6] सर्वसक्तिमान यहोवा ह ये कहत हे: “ओ समय मनखेमन के बांचेमन ला ये अद्भूत लग सकथे, पर का येह मोला अद्भूत लगही?” सर्वसक्तिमान यहोवा ह घोसना करत हे।

[7] सर्वसक्तिमान यहोवा ह ये कहत हे: “मेंह अपन मनखेमन ला पूरब अऊ पछिम के देसमन ले बचाहूं।

[8] मेंह ओमन ला यरूसलेम म रहे बर वापिस ले आहूं; ओमन मोर मनखे होहीं, अऊ मेंह ओमन के परमेसर के रूप म ओमन बर बिसवासयोग्य अऊ धरमी ठहिरहूं।”

[9] सर्वसक्तिमान यहोवा ह ये कहत हे: “अब तुमन ये बात ला सुनव, ‘तुम्हर हांथमन मजबूत रहंय ताकि मंदिर ला बनाय जा सकय।’ ये बात ओ अगमजानीमन के दुवारा घलो कहे गे हवय, जऊन मन सर्वसक्तिमान यहोवा के घर के नीव डाले के बेरा उहां रिहिन।

[10] ओ समय के पहिले न तो मनखेमन ला बनी मिलत रिहिस अऊ न ही पसुमन बर भाड़ा। अपन बईरीमन के कारन, कोनो घलो अपन काम-धंधा म सांत मन से नइं जाय सकत रिहिन, काबरकि मेंह ओमन ला एक-दूसर के बिरूध कर दे रहेंव।

[11] पर अब मेंह येमन के बांचे मनखेमन ले वइसने बरताव नइं करंव, जइसने कि पहिले करत रहेंव,” सर्वसक्तिमान यहोवा ह घोसना करत हे।

[12] “बीजा ह बने ढंग ले बढ़ही, अंगूर के नार म फर लगही, भुइयां म फसल होही, अऊ अकास ले ओस पड़ही। मेंह ये जम्मो चीज येमन के बांचे मनखेमन ला एक उत्तराधिकार के रूप म दूहूं।

[13] जइसे कि हे यहूदा अऊ इसरायल, तुमन जाति-जाति के मनखेमन के बीच एक सराप बन गे हवव, त मेंह तुमन ला बचाहूं, अऊ तुमन एक आसीस के कारन बनहू। झन डरव, पर तुम्हर हांथ मजबूत बने रहय।”

[14] सर्वसक्तिमान यहोवा ह ये कहत हे: “जब तुम्हर पुरखामन मोला कोरोधित करे रिहिन, त जइसने मेंह तुम्हर ऊपर बिपत्ति लाने अऊ दया नइं करे बर ठान ले रहेंव,” सर्वसक्तिमान यहोवा ह कहत हे,

[15] “वइसने ही अब मेंह यरूसलेम अऊ यहूदा ऊपर फेर भलई करे बर ठान ले हवंव। झन डरव।

[16] येमन ओ बात अंय, जेला तुमन ला करना हे: एक-दूसर के संग सच बोलव, अऊ अपन अदालतमन म सच अऊ सही निरनय लेय करव;

[17] एक-दूसर के बिरूध दुस्ट चाल झन चलव, अऊ लबरा कसम झन खावव। काबरकि मेंह ये जम्मो बात ले घिन करथंव,” यहोवा ह घोसना करत हे।

[18] सर्वसक्तिमान यहोवा के ये बचन ह मोर करा आईस।

[19] सर्वसक्तिमान यहोवा ह ये कहत हे: “चऊथा, पांचवां, सातवां अऊ दसवां महिना के उपास ह यहूदा के मनखेमन बर आनंद अऊ खुसी के समय अऊ खुसी के तिहार हो जाही। एकरसेति सच अऊ सांति ले मया करव।”

[20] सर्वसक्तिमान यहोवा ह ये कहत हे: “बहुंते मनखे अऊ कतको सहरमन के रहइयामन आहीं,

[21] अऊ एक सहर के रहइयामन दूसर सहर म जाके कहिहीं, ‘आवव, यहोवा ले बिनती करे बर तुरते चलन अऊ सर्वसक्तिमान यहोवा के खोज करन। मेंह खुद जावत हंव।’

[22] अऊ बहुंते मनखे अऊ सक्तिसाली जातिमन के मनखेमन सर्वसक्तिमान यहोवा ला खोजे अऊ ओकर ले बिनती करे बर यरूसलेम आहीं।”

[23] सर्वसक्तिमान यहोवा ह ये कहत हे: “ओ दिनमन म जम्मो भासा अऊ जातिमन ले दस मनखेमन एक यहूदी मनखे ला ओकर कपड़ा के छोर ला पकड़के कहिहीं, ‘हमन तोर संग जाबो, काबरकि हमन ये सुने हन कि परमेसर ह तोर संग हवय।’ ”

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