[1] एकरसेति, कहूं मसीह म तुम्हर करा कोनो उत्साह हवय, कहूं ओकर मया म तुमन ला कोनो सांति मिले हवय, कहूं पबितर आतमा के संग तुम्हर कोनो संगति हवय, कहूं तुमन म कोनो दया अऊ सहानुभूति हवय,
[2] त तुमन ये बातमन ला करे के दुवारा मोर आनंद ला पूरा करव कि तुमन एके मन के रहव, तुमन म एके मया रहय अऊ तुमन आतमा म एक होके एके उदेस्य बर जीयव।
[3] सुवारथीपन या बेकार के घमंड म पड़के कुछू झन करव, पर नमरता से आने मन ला अपनआप ले उत्तम समझव।
[4] तुमन ले हर एक झन सिरिप अपन हित के ही नइं, पर आने मन के हित के घलो खियाल रखय।
[5] जइसने मसीह यीसू के सुभाव रिहिस, वइसने तुम्हर सुभाव घलो होवय।
[6] मसीह करा परमेसर के जम्मो सुभाव रिहिस, फेर ओह अपनआप ला परमेसर के बरोबर रखे के काबिल नइं समझिस,
[7] पर, ओह जम्मो चीज ला तियाग दीस, अऊ सेवक के जम्मो सुभाव ला लीस अऊ मनखे के रूप धरके जनमिस।
[8] अऊ ओह मनखे के रूप म परगट होके अपनआप ला दीन-हीन करिस, अऊ इहां तक हुकूम मानिस कि मिरतू, हां ओह कुरूस के मिरतू ला घलो सह लीस।
[9] एकरसेति, परमेसर ह ओला अति महान करिस, अऊ ओला ओ नांव दीस, जऊन ह जम्मो नांव ले उत्तम ए।
[10] ताकि स्वरग अऊ धरती अऊ धरती के खाल्हे म, हर एक झन यीसू के नांव म माड़ी टेकंय,
[11] अऊ परमेसर ददा के महिमा खातिर, हर एक झन ये मान लेवय कि यीसू मसीह ह परभू ए।
[12] एकरसेति, मोर मयारू संगवारीमन हो, जइसने तुमन हमेसा हुकूम मानत आय हवव, जब मेंह तुम्हर संग रहेंव, पर अब, जब मेंह तुम्हर ले दूरिहा हवंव, त तुमन डरत अऊ कांपत, अऊ जादा अपन उद्धार के काम म लगे रहव।
[13] काबरकि येह परमेसर ही अय, जऊन ह तुमन म काम करथे कि तुमन ओकर सही उदेस्य के मुताबिक ईछा करव अऊ काम करव।
[14] बिगर कुड़कुड़ाय या बिगर बहस करे, जम्मो काम ला करव,
[15] ताकि तुमन निरदोस, अऊ सही मनखे बनव अऊ बेईमान अऊ भ्रस्ट मनखेमन के ये संसार म परमेसर के निरदोस संतान बने रहव। ओमन के बीच म, तुमन अकास के तारामन के सहीं चमकव।
[16] जिनगी के बचन ला कसके थामे रहव, ताकि मसीह के दिन म, मेंह घमंड कर सकंव कि मोर दऊड़ या मोर मेहनत ह बेकार नइं गीस।
[17] पर कहूं बलिदान म, मोर खून ह एक भेंट के रूप म ढारे जाथे अऊ तुम्हर बिसवास ले परमेसर के सेवा होथे, त मेंह खुस हवंव अऊ तुमन जम्मो झन के संग आनंद मनाथंव।
[18] वइसने तुमन घलो खुस होवव अऊ मोर संग आनंद मनावव।
[19] परभू यीसू म मोला आसा हवय कि मेंह तीमुथियुस ला तुम्हर करा जल्दी पठोहूं, ताकि जब मोला तुम्हर खबर मिलय, त मेंह घलो आनंदित होवंव।
[20] मोर करा ओकर सहीं अऊ कोनो नइं ए, जऊन ह सही म तुम्हर मामला म रूचि रखथे।
[21] काबरकि हर एक झन अपन खुद के खियाल रखथें, यीसू मसीह के बारे म नइं।
[22] पर तुमन जानथव कि तीमुथियुस ह ये साबित कर चुके हवय अऊ जइसने एक बेटा ह अपन ददा संग सेवा करथे, वइसने ओह मोर संग सुघर संदेस के काम म सेवा करे हवय।
[23] एकरसेति, जतेक जल्दी मोला ये मालूम होही कि मोर संग का होवइया हवय, मेंह ओला तुम्हर करा पठोय के आसा करथंव।
[24] अऊ मोला परभू म भरोसा हवय कि मेंह घलो जल्दी आहूं।
[25] पर में सोचथंव कि इपफ्रुदीतुस ला तुम्हर करा वापिस पठोना जरूरी ए, जऊन ह कि मोर भाई, सहकरमी अऊ संगी योद्धा ए अऊ ओह तुम्हर संदेसिया घलो ए, जऊन ला तुमन मोर सेवा-टहल करे बर पठोय रहेव।
[26] ओकर मन ह तुमन जम्मो झन म लगे रहिथे अऊ ओह बियाकुल हवय काबरकि तुमन सुने रहेव कि ओह बेमार रिहिस।
[27] सही म, ओह बेमार रिहिस, इहां तक कि ओह लगभग मरइया रिहिस। पर परमेसर ह ओकर ऊपर दया करिस, अऊ सिरिप ओकर ऊपर ही नइं, पर मोर ऊपर घलो दया करिस कि मोला दुख के ऊपर दुख झन होवय।
[28] एकरसेति, मेंह ओला तुम्हर करा पठोय बर अऊ जादा उत्सुक हवंव, ताकि जब तुमन ओला फेर देखव, त खुस होवव अऊ मोर फिकर घलो कम होवय।
[29] परभू म, बड़े आनंद सहित, ओकर सुवागत करव, अऊ ओकर सहीं मनखेमन के आदर करव,
[30] काबरकि मसीह के काम खातिर, अपन जिनगी ला जोखिम म डालके, ओह मरे सहीं हो गे रिहिस, ताकि ओह मोर ओ जरूरत ला पूरा करय, जऊन ला तुमन नइं कर सकेव।