[1] मूसा ह एक कूसी माईलोगन ले बिहाव कर ले रिहिस, त मिरियम अऊ हारून ओकर कूसी घरवाली के कारन ओकर बिरूध गोठियाय लगिन।
[2] ओमन कहिन, “का यहोवा ह सिरिप मूसा के दुवारा ही बात करे हवय? का ओह हमर दुवारा घलो बात नइं करे हवय?” अऊ यहोवा ह ये बात ला सुनिस।
[3] (मूसा ह एक बहुंत नम्र सुभाव के मनखे रिहिस, धरती म ओकर ले जादा अऊ कोनो नम्र मनखे नइं रिहिन।)
[4] तुरते यहोवा ह मूसा, हारून अऊ मिरियम ला कहिस, “तुमन तीनों झन बाहिर मिलापवाला तम्बू करा आवव।” त ओ तीनों झन बाहिर आ गीन।
[5] तब यहोवा ह बादर के एक खंभा म खाल्हे आईस; ओह तम्बू के दुवार करा ठाढ़ हो गीस अऊ हारून अऊ मिरियम ला बलाईस। जब ओ दूनों झन आघू आईन,
[6] त यहोवा ह कहिस, “मोर बात ला सुनव: “जब तुम्हर बीच म कोनो अगमजानी होथे, त में, यहोवा अपनआप ला ओकर करा दरसन म परगट करथंव, मेंह ओकर ले सपना म गोठियाथंव।
[7] पर ये बात मोर सेवक मूसा बर लागू नइं होवय; ओह मोर जम्मो घर म बिसवासयोग्य ए।
[8] ओकर संग मेंह आमने-सामने, अऊ साफ-साफ गोठियाथंव, पहेलीमन म नइं गोठियावंव; ओह यहोवा के स्वरूप ला देखथे। तब तुमन काबर मोर सेवक मूसा के बिरूध गोठियाय बर नइं डरेव?”
[9] तब यहोवा के कोरोध ओमन ऊपर भड़किस, अऊ ओह ओमन ला छोंड़के चल दीस।
[10] जब बादर ह तम्बू के ऊपर ले उठ गीस, त मिरियम ला कोढ़ के बेमारी हो गीस अऊ ओह बरफ सहीं सफेद हो गीस। हारून ह ओकर कोति मुड़िस अऊ देखिस कि ओला असुध करइया चाम-रोग हो गे हे,
[11] अऊ ओह मूसा ला कहिस, “हे मोर मालिक, मेंह बिनती करत हंव कि हमर ओ पाप ला झन धर, जेला हमन बहुंत मुरूख होके करे हवन।
[12] ओला दाई के गरभ ले निकलत आधा गले देहेंवाले लइका सहीं झन रहन दे।”
[13] तब मूसा ह यहोवा ले गोहारिस, “हे परमेसर, किरपा करके ओला बने कर दे!”
[14] यहोवा ह मूसा ला जबाब दीस, “यदि ओकर ददा ह ओकर चेहरा म थूक दे होतिस, त का ओह सात दिन तक कलंक म नइं रहितिस; ओला सात दिन तक सिविर के बाहिर रखव; ओकर बाद ओला वापिस लाने जावय।”
[15] तब मिरियम ला सात दिन तक सिविर के बाहिर रखे गीस, अऊ मनखेमन आघू नइं बढ़िन जब तक कि ओला वापिस नइं लाने गीस।
[16] ओकर बाद, मनखेमन हसेरोत ले आघू बढ़िन अऊ पारान के सुन्ना जगह म डेरा डालिन।