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[1] ओकर तीसरा दिन, गलील प्रदेस के काना नगर म एक बिहाव होवत रहय। यीसू के दाई ह उहां रिहिस।

[2] यीसू अऊ ओकर चेलामन ला घलो बिहाव के नेवता मिले रिहिस।

[3] जब अंगूर के मंद ह सिरा गीस, त यीसू के दाई ह ओला कहिस, “ओमन करा अऊ अंगूर के मंद नइं ए।”

[4] त यीसू ह ओला कहिस, “हे नारी, तेंह मोला ये बात काबर बतावत हस? अभी मोर कुछू करे के समय नइं आय हवय।”

[5] तब यीसू के दाई ह सेवकमन ला कहिस, “जऊन कुछू ओह तुमन ला कहिथे, वइसने करव।”

[6] उहां पानी धरे के छै ठन पथरा के मटका माढ़े रहंय ताकि यहूदीमन सुध होय के धारमिक संस्कार ला कर सकंय। हर एक मटका म करीब सत्तर ले लेके एक सौ दस लीटर तक पानी धरय।

[7] यीसू ह सेवकमन ला कहिस, “मटकामन म पानी भर देवव।” ओमन मटकामन के मुहूं तक ले पानी भर दीन।

[8] तब यीसू ह ओमन ला कहिस, “अब तुमन ओमा ले थोरकून निकालके भोज के मुखिया करा ले जावव,” अऊ ओमन अइसनेच करिन।

[9] जब भोज के मुखिया ह ओला चिखिस, त पानी ह अब अंगूर के मंद बन गे रहय, अऊ ओह नइं जानत रिहिस कि ये अंगूर के मंद ह कहां ले आईस, पर ओ सेवक जऊन मन पानी निकाले रिहिन, ओमन येला जानत रिहिन। तब भोज के मुखिया ह दूल्हा ला बलाईस,

[10] अऊ ओला कहिस, “हर एक झन ह पहिली बढ़िया मंद ला देथे, अऊ जब पहुनामन पीके छक जाथें, तब सस्ता मंद ला देथे, पर तेंह तो बढ़िया मंद ला अब तक बंचाके रखे हवस।”

[11] यीसू ह गलील प्रदेस के काना नगर म ये पहिली चमतकार करिस अऊ ओह ये किसम ले अपन महिमा देखाईस, अऊ ओकर चेलामन ओकर ऊपर बिसवास करिन।

[12] एकर बाद यीसू, ओकर दाई, भाई अऊ ओकर चेलामन कफरनहूम सहर गीन अऊ उहां कुछू दिन ठहिरिन।

[13] जब यहूदीमन के फसह तिहार अवइया रिहिस, त यीसू ह यरूसलेम सहर गीस।

[14] उहां ओह देखिस कि मंदिर के अंगना म, मनखेमन बईला, भेड़, अऊ पंड़की चिरई बेचत रहंय अऊ आने मन मेज करा बईठके रूपिया-पईसा के लेन-देन करत रहंय।

[15] तब यीसू ह डोरी के एक कोर्रा बनाईस अऊ जम्मो भेड़ अऊ बईलामन ला मंदिर के सीमना ले बाहिर खेद दीस अऊ रूपिया-पईसा के अदला-बदली करइयामन के सिक्कामन ला छितिर-बितिर कर दीस अऊ ओमन के मेजमन ला खपल दीस।

[16] पंड़की बेचइयामन ला ओह कहिस, “येमन ला इहां ले निकालव। मोर ददा परमेसर के घर ला बजार झन बनावव।”

[17] तब यीसू के चेलामन सुरता करिन कि परमेसर के बचन म ये लिखे हवय: “तोर घर के उत्साह ह मोर हिरदय म आगी सहीं बरथे।”

[18] तब यहूदीमन यीसू ले पुछिन, “तोला ये जम्मो करे के अधिकार हवय, ये बात ला साबित करे बर तेंह हमन ला का चिनहां देखा सकथस?”

[19] यीसू ह ओमन ला ये जबाब दीस, “तुमन ये मंदिर ला गिरा देवव, अऊ मेंह येला तीन दिन म फेर ठाढ़ कर दूहूं।”

[20] यहूदीमन कहिन, “ये मंदिर ला बनाय म छियालीस साल लगे हवय, अऊ का तेंह येला तीन दिन म फेर ठाढ़ कर देबे?”

[21] पर यीसू ह जऊन मंदिर के बारे म गोठियावत रिहिस ओह ओकर देहें रिहिस।

[22] जब यीसू ह मरे म ले जी उठिस, तब ओकर चेलामन ला सुरता आईस कि यीसू ह ये कहे रिहिस। तब ओमन परमेसर के बचन अऊ यीसू के कहे बात ऊपर बिसवास करिन।

[23] जब यीसू ह फसह तिहार के समय यरूसलेम म रिहिस, त जऊन चमतकार के काम उहां ओह करत रिहिस, ओला देखके बहुंत मनखेमन ओकर ऊपर बिसवास करिन।

[24] पर यीसू ह अपनआप ला ओमन के भरोसा म नइं छोंड़िस, काबरकि ओह जम्मो झन ला जानत रिहिस।

[25] ओला एकर जरूरत नइं रिहिस कि कोनो मनखे ह कोनो मनखे के बारे म गवाही देवय, काबरकि यीसू ह खुद जानत रिहिस कि कोन मनखे के मन म का हवय।

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